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patna

  • Jun 15 2017 7:54AM

हिमाचल की नौ दवा कंपनियों ने किया खेल

कार्रवाई. एसएसपी ने की बैठक, हिमाचल प्रदेश व छपरा टीम भेजने का दिया निर्देश 
नितिश
पटना : पटना में विभिन्न संस्थानों पर छापेमारी के बाद बरामद एक्सपायरी, अवैध व नकली दवाओं के मामले में हिमाचल प्रदेश की नौ व बिहार के छपरा की एक दवा कंपनी का नाम सामने आया है. इन्हीं दवा कंपनियों के ही एक्सपायरी दवाओं का खेल पटना में चल रहा था.
 
पटना पुलिस व औषधि निरीक्षक की टीम ने जब संयुक्त रूप से पटना के अवैध दवाओं के कई ठिकानों पर छापेमारी की, तो 20 करोड़ से अधिक की एक्सपायरी और नकली दवाएं बरामद की गयी. साथ ही 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया और अभी 33 लोग फरार हैं, जिनके नाम सामने आ चुके हैं. यह जानकारी अपनी जांच रिपोर्ट में ड्रग निरीक्षक सच्चिदानंद विक्रांत ने दी है और उसकी कॉपी को एसएसपी मनु महाराज को सौंपा गया है. साथ ही पुलिस के अनुसंधान में मदद मिले, इसके लिए जांच रिपोर्ट में दवाओं से संबंधित तमाम नियमों व उसकी अवहेलना करने के लिए दंड की जानकारी भी दी गयी है और बताया गया है कि कहां-कहां से किस-किस तरह की दवाएं बरामद हुई है और वे लोग कैसे अवैध दवाओं का गोरखधंधा कर रहे थे. 
 
रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि एक्सपायरी दवाओं के डेट को बदल कर फिर से बाजार में भेजने का कैसा खेल चल रहा था, जब पुलिस ने जीएम रोड, बिस्कोमान गोलंबर, हनुमान नगर, बहादुरपुर  आदि इलाकों में एक साथ छापेमारी की और करोड़ों की एक्सपायरी दवाएं बरामद की. साथ ही पुलिस ने भूतनाथ रोड में छपरा की एक दवा कंपनी के गोदाम में छापेमारी की थी और वहां से भी एक्सपायरी दवाएं बरामद की गयी थी. इस मामले में  छह लोगों को ड्रग विभाग ने चिह्नित किया है और उनको भी पकड़ने का आग्रह रिपोर्ट में है. इसके साथ ही जहां-जहां से भी एक्सपायरी दवाएं बरामद हुई थीं, वो दवाएं हिमाचल की नौ कंपनी के थे. 
 
सरगना समेत 15 अब भी है फरार : जांच रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि सरगना रमेश पाठक, विट्टू कुमार, सरयुग साहनी, गोल्डेन कुमार, प्रदीप कुमार, फुग्गु साह समेत 15 लोग अभी भी फरार हैं और 27 लोगों की गिरफ्तारी पटना के विभिन्न ठिकानों से हो चुकी है. रमेश पाठक का ही एक्सपायरी दवाओं का धंधा था और पूरे पटना में इसका नेटवर्क था और इसकी जानकारी के बाद पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी कर करोड़ों की दवाएं बरामद की थी. 
 
न कंपनी ने दवाएं वापस लीं और न ही सीएनएफ ने लौटाया 
 
नियमानुसार इन कंपनी को अपने माल को बिहार भेजने के साथ ही एक्सपायरी दवाओं को भी वापस लेने की जिम्मेवारी थी. लेकिन, उन्होंने एक्सपायरी दवाओं को वापस नहीं लिया और न ही उनके सीएनएफ ने लौटाया. जिसके कारण कंपनी की भी जिम्मेवारी बनती है और इसी जिम्मेवारी के तहत कंपनी व उससे जुड़े 12 लाेगों को चिह्नित किया गया है. 
 
जांच रिपोर्ट में इन दोनों कंपनियों के 18 और लोगों की संलिप्तता सामने आयी हैं. साथ ही रिपोर्ट में एक्सपायरी दवाओं के पीएमसीएच व अन्य सरकारी अस्पतालों के कनेक्शन के संबंध में भी जानकारी दी गयी है. ड्रग निरीक्षक ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की नौ कंपनियों व छपरा की एक कंपनी के एक्सपायरी दवाओं में अंकित तिथि को बदल कर बाजारों में बिक्री करने की जानकारी जांच के दौरान मिली है और इन कंपनियों से जुड़े 18 लोगों का नाम सामने आया हैं. इन कंपनियों के दो लोग पहले ही गिरफ्तार किये जा चुके हैं. 
 
नीरज को रिमांड पर लेने के लिए अावेदन  
 
जीएम रोड स्थित दवा दुकानदार नीरज कुमार को रिमांड पर लेने के लिए बुधवार को कोर्ट में आवेदन दे दिया गया है. इसके दुकान में भी छापेमारी के दौरान काफी मात्रा में दवाएं बरामद हुई थी. 
 
इसके बाद एसएसपी मनु महाराज ने बुधवार को टाउन डीएसपी कैलाश प्रसाद, पीरबहोर थानाध्यक्ष कैसर आलम, बहादुरपुर पुलिस व आलमगंज पुलिस के साथ मिल कर बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. एसएसपी ने एक टीम को हिमाचल प्रदेश व दूसरी टीम को छपरा भेजने का निर्देश दिया है, ताकि जिन-जिन लोगों के नासामने आये हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जा सके. 
 

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