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patna

  • Jun 14 2017 7:27AM

बिक रही दवाइयां पीएमसीएच की ही थीं

औषधि विभाग की टीम ने विभाग को दी रिपोर्ट 
पीएमसीएच को सिस्टम सुधारने के दिये सुझाव
पटना : राजधानी के बाजार में पीएमसीएच की ही दवाएं बेची जा रही थीं. औषधि विभाग की टीम ने इसकी पुष्टि करते हुए आधिकारिक रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग और पटना पुलिस  को सौंप दी है.
 
पीएमसीएच की दवा बाजार में मिलने की जांच दो चरणों में करने के बाद औषधि विभाग की टीम ने इसकी लिखित रिपोर्ट देते हुए पीएमसीएच प्रशासन को आंतरिक गड़बड़ियों को सुधारने के सुझाव भी दिये हैं. औषधि विभाग की इस रिपोर्ट के बाद अस्पताल की दवाएं बाहर बेचने में संलिप्त कई कर्मियों पर जल्द ही गाज गिरने की उम्मीद है. ड्रग इंस्पेक्टर सच्चिदानंद विक्रांत ने बताया कि पीएमसीएच प्रशासन पूरे मामले की जांच कराये. अस्पताल में फार्मासिस्ट भी नहीं हैं. दवाओं को लाने और ले जाने की मॉनीटरिंग नहीं होती है. 
 
सही व्यक्ति के पास जवाबदेही भी नहीं है. जांच टीम में डीआइ राजेश कुमार सिन्हा, राजेश गुप्ता, देवेंद्र राम और कैमुद्दीन अंसारी शामिल थे. 
मिलीं गड़बड़ियां, रजिस्टर और स्टॉक में था अंतर : टाटा वार्ड में निरीक्षण टीम को जांच के दौरान कई गड़बड़ियां मिली थीं. अस्पताल प्रशासन की ओर से पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया था. टीम ने 24 नवंबर, 2016 से 4 अप्रैल, 2017 तक का मरीजों का बीएसटी और पेसेंट ट्रीटमेंट हिस्ट्री उपलब्ध कराने की मांग की थी. इसमें भी सभी मरीजों का बीएसटी और पेसेंट ट्रीटमेंट हिस्ट्री उपलब्ध नहीं करायी गयी थी. टीम ने कहा था कि रिकाॅर्ड नहीं है तो जांच कैसे होगी. आमद और खर्च का सही लेखा-जोखा नहीं था. रजिस्टर में कुछ और स्टॉक में कुछ और है. 
दिये गये ये सुझाव 
 
प्रबंधन यह पता लगाये कि कैसे वहां की दवा बाजार में गयी? 
दवा का वितरण नर्स से नहीं कराएं, बल्कि फार्मासिस्ट की नियुक्ति करें. 
स्टोर से वार्ड तक ले जाने वाली दवाओं की कोडिंग करायी जाये.
 

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