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patna

  • Jun 14 2017 7:24AM
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गांधी सेतु पर नहीं थम रहा जाम

दीघा-सोनपुर पुल की सौगात के बाद भी राहत नहीं
पटना सिटी : ऊमस भरी गरमी व तीखी धूप में यात्रियों से लदे बस, ट्रक, बोलेरो, ट्रैक्टर, कार, जीप, ऑटो व दूसरे वाहनों की लंबी कतारों के बीच बरात की गाड़ी फंसी थी. कुछ इसी तरह की स्थिति मंगलवार को महात्मा गांधी सेतु पर दिखी. दीघा-सोनपुर पुल की सौगात मिलने के बाद सोमवार को सुबह व शाम को छोड़ दें, तो सेतु पर पूरे दिन राहत रही थी. मंगलवार को स्थिति बदल गयी. सेतु पर पूरे दिन जाम की स्थिति थी. स्थिति यह थी कि गांधी सेतु पर जाम जीरो माइल बड़ी पहाड़ी से लेकर वनवे परिचालन स्थल तक दिखा.
 
40 से 45 हजार वाहनों का दबाव : उत्तर बिहार को जोड़नेवाली लाइफलाइन महात्मा गांधी सेतु 35 वर्ष का हो चुका है. जर्जर हो चुके सेतु पर हर दिन 40 से 45 हजार वाहनों का दबाव रहता है. वह भी ऐसे समय में जब गांधी सेतु के पाया संख्या 46 से 38 के बीच में हाजीपुर से पटना आनेवाले मार्ग पर वनवे किया गया है. परिचालन वनवे होने की वजह से गांधी सेतु पर रुक-रुक कर जाम की स्थिति बन रही, क्योंकि यात्री शेड के पास से ही मालवाहक वाहनों को घुमाया जाता है. ऐसे में यात्री वाहनों को निकालने के लिए मालवाहक वाहनों को कतार में खड़ा किया जाता है, जिससे समस्या गंभीर हो जाती है.
 
पीपा पुल पर मिली राहत
 
पीपा पुल पर हाजीपुर से पटना आनेवाले वाहनों का दबाव तो था, पर पुलिसकर्मी मुस्तैद थे. नतीजतन पीपा पुल को पार करने में महज 15 से बीस मिनट का समय लग रहा था. सुबह छह से शाम पांच बजे तक पीपा पुल पर हाजीपुर से पटना की ओर व शाम साढ़े पांच बजे से सुबह पांच बजे तक पटना से हाजीपुर की ओर वाहनों का परिचालन होता है. 
 
हालांकि पीपा का यह लाभ 15 जून से इसके खुलने की स्थिति में बंद हो सकता है, हालांकि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कनीय अभियंता जंग बहादुर सिंह बताते हैं कि गंगा का जलस्तर नहीं बढ़ा, तो पुल की सुविधा 15 दिनों तक और मिल सकेगी. 
 
पटना : दीघा-सोनपुर पुल (जेपी सेतु) से गुजरनेवाले को काफी सुकून मिल रहा है. लेकिन अधूरी सड़क पर वाहन फर्राटे भर रहे हैं. पुल के उत्तर सोनपुर साइड में अभी सड़कें तैयार हो रही हैं. स्मूथली सड़क  से गुजरने के लिए अभी 15 दिनों का इंतजार करना पड़ेगा. सड़क निर्माण में लगे मजदूरों ने कहा कि सड़क तैयार में कम से कम इतना समय लग जायेगा. 11 जून को पुल के उद्घाटन को लेकर आनन-फानन में एप्रोच रोड  तैयार करने का काम हुआ. ताकि पुल से होकर वाहनों का परिचालन शुरू हो सके. दीघा साइड में एप्रोच रोड तैयार है. 
 
सोनपुर साइड में पुल से सुल्तानपुर तक लगभग ढाई किलोमीटर एप्रोच रोड तैयार हुआ है. एप्रोच रोड को पूरी तरह से तैयार करने में और समय लगेगा. कुछ पार्ट में अभी एक लेयर सड़कें तैयार हुई है. उस पर दूसरा लेयर चढ़ाने का काम हो रहा है. उन जगहों पर सड़क के आधा हिस्सा में बैरिकेडिंग कर वाहनों का परिचालन कराया जा रहा है. कुछ दूर आगे बढ़ने पर सड़कें तैयार है. फिर भी तीसरा लेयर चढ़ाने का काम बाकी है. एप्रोच रोड के लिए तैयार एलिवेटेड रोड के किनारे-किनारे रेलिंग का काम अधूरा है. जिसे तैयार किया जा रहा है. 
 
आने-जानेवाले को मिल रहा सुकून : सेतु से आने-जानेवाले लोगों को सुकून मिल रहा है. परिवार के साथ कार से समस्तीपुर पटोरी जा रहे रंजन कुमार कुछ पल के लिए रुके. परिवार के अन्य सदस्य सेल्फी लेने लगे. 
 
बातचीत में उन्होंने बताया कि गांधी सेतु पर जाम से परेशान रहते थे. पुल पार करने में लगभग एक घंटा लग जाता था.  इस पुल से जाने पर दस मिनट में पार हो जायेंगे. बहुत अच्छा लग रहा है और आराम से चले जायेंगे. पटना का काम पड़ा तो पहलेजाघाट के अलीपुर सैदपुर पंचायत के रहनेवाले प्रमोद राय, विकास यादव, अमित कुमार साइकिल से निकल पड़े. 
 
पुल पर बातचीत में बताया कि पटना आने के लिए सोचना पड़ता था. अब बिना किसी सवार का इंतजार किये साइकिल से आना-जाना हो जायेगा. दीघा पुल से पहलेजाघाट की दूरी लगभग सात किलोमीटर है. दीघा में जुगाड़ टेकनीक से ठेलागाड़ी चलाकर गुजारा करनेवाले रवि साह ने काम से फुर्सत निकाल कर बच्चों के साथ पुल घुमने के लिए निकल पड़े. उन्होंने बताया कि  पिछले दो साल से तैयार पुल को देख रहे थे. रेल पुल तो चालू हो गया था. 
 
सड़क पुल के चालू होने का इंतजार था. पुल के चालू होने से उस पार का भी समान ढोने का मौका मिलेगा. सोनपुर साइड में पुल पर आइसक्रीम का ठेला लगा कर विकास कुमार कारोबार कर रहे हैं. उसने बताया कि अभी पुल देखनेवाले की काफी भीड़ हो रही है. ऐसे पुल के चालू होने से लोगों का आना-जाना आसान हो गया.
 
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