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patna

  • Jul 17 2017 7:19AM

राष्ट्रपति चुनाव आज, कोविंद का पलड़ा भारी

राष्ट्रपति चुनाव आज, कोविंद का पलड़ा भारी
रायसीना हिल्स की रेस : बिहार के विधायकों की वोट वैल्यू होगी 42039
पटना : राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सोमवार की सुबह 10 बजे से मतदान प्रारंभ हो जायेगा. इसमें राज्य के 242 विधायकों के मतदान करने की सूचना है. अभी तक राजद के जेल में बंद विधायक राजवल्लभ यादव के मतदान की सूचना सहायक निर्वाची पदाधिकारी को प्राप्त नहीं हुई है. भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव में हर विधायक के मतों की वैल्यू निर्धारित कर दी है. 
 
बिहार विधानसभा सदस्यों का कुल मत का वैल्यू 42039 निर्धारित किया गया  है. राज्य के एक विधायक के मत का वैल्यू 173 निर्धारित किया गया है. पार्टियों द्वारा पूर्व में घोषित पैटर्न पर  प्रत्याशी के पक्ष में मतदान होता है, तो  इसमें सर्वाधिक वोट का वैल्यू एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में दिख रहा है.  
 
एनडीए प्रत्याशी को भाजपा (53 विधायक) के साथ जदयू (71 विधायक), लोजपा (दो विधायक),  रालोसपा  (दो विधायक)  और हम (एक विधायक) द्वारा मतदान करने की घोषणा की गयी है. हालांकि मतदान गोपनीय होगा और  राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी द्वारा मतदान को लेकर ह्विप भी जारी नहीं किया जा सकता है. सांसद व विधायकों के विवेक पर है कि वह राष्ट्रपति के जिस प्रत्याशी के पक्ष में चाहे मतदान करें. 
 
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पार्टियों द्वारा किये गये आह्वान के आधार पर विधायकों ने मतदान किया, तो सर्वाधिक वोट वैल्यू 22317 प्राप्त  होगा.  इसी तरह से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी मीरा कुमार को राजद, कांग्रेस और वाम दलों के आह्वान पर मतदान होता है, तो कांग्रेस प्रत्याशी को 18857 मतों का वैल्यू मिलेगा. चार निर्दलीय विधायक हैं, उनके मतों का कुल वैल्यू 692 निर्धारित किया गया है. 
 
पार्टीवार विधायकों के मतों का वैल्यू 
 
पार्टी - विधायकों की संख्या- मतों का वैल्यू 
राजद-  80  विधायक - 13667 (राजवल्लभ यादव के मतदान की सूचना नहीं) 
जदयू - 71 विधायक - 12283
भाजपा- 53 विधायक - 9169
कांग्रेस - 27 विधायक - 4671
भाकपा(माले) - तीन विधायक- 519
लोजपा - दो विधायक - 346
रालोसपा- दो विधायक - 346
हम - एक विधायक - 173
निर्दलीय- चार विधायक- 692
 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,राबड़ी देवी व सुशील मोदी नहीं करेंगे मतदान
 
पटना : सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मतदान होना है. इस बार के मतदान का दिलचस्प पक्ष यह है कि सरकार में शामिल महत्वपूर्ण पदों पर आसीन नेताओं को मतदान करने से वंचित रह जायेेंगे. इसमें  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद विधानमंडल दल की नेता व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी शामिल हैं. राष्ट्रपति चुनाव में महत्वपूर्ण नीति तैयार करनेवाले ये नेता राष्ट्रपति चुनाव के मतदाता नहीं हैं. विधान परिषद के सदस्य होने के कारण सभी नेता राष्ट्रपति चुनाव के  मतदाता नहीं हैं. राष्ट्रपति चुनाव में विधानसभा सदस्य ही मतदाता होते हैं. 
 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उनकी पार्टी जदयू ने एनडीए के राष्ट्रपति प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को मतदान करने का निर्णय किया है. पर विधान परिषद के सदस्य होने के नाते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार श्री कोविंद के पक्ष में मतदान नहीं कर सकेंगे. दूसरी तरफ राजद ने कांग्रेस उम्मीदवार मीरा कुमार के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया है.
 
पर राजद विधानमंडल दल की नेता राबड़ी देवी भी मतदान नहीं कर सकेंगी. वह भी विधान परिषद की सदस्य हैं. चुनाव में कांग्रेस पार्टी के 27 विधायकों को मतदान का मौका मिलेगा. पर महागंठबंधन सरकार में कांग्रेस कोटे के दो  मंत्रियों के भी मतदान करने का मौका नहीं मिलेगा. इसमें प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री मदन मोहन झा शामिल हैं.
 
4120 विधायक, 776 सांसद
 
20 जुलाई को रिजल्ट
 
55 सांसद अपने राज्यों की विधानसभाओं में वोट देंगे. इनमें योगी आदित्यनाथ और मनोहर पर्रीकर भी शामिल हैं. पांच विधायक संसद भवन में वोट डालेंगे.
 
25 जुलाई को पदभार
 
32 पोिलंग स्टेशन बनाये गये हैं देशभर में. मतदान केंद्र में कलम ले जाने पर रोक. विशेष रूप से डिजाइन किये गये मार्कर से मतपत्र पर निशान लगायेंगे.
 
मतदान सुबह दस बजे से
 
नयी दिल्ली :  भारत के अगले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए सोमवार को वोट डाले जायेंगे. चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार आमने-सामने हैं, लेकिन आंकड़ों में कोविंद का पलड़ा भारी दिख रहा है. कोविंद को करीब 64 फीसदी मत मिलने की उम्मीद है. वोट सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक डाले जायेंगे. 
 
विभिन्न राज्यों की राजधानियों से मत पेटियां लाकर मतों की गिनती 20 जुलाई को दिल्ली में होगी. पहली बार राष्ट्रपति पद के चुनाव में दोनों खेमों के प्रत्याशी दलित हैं. दोनों ने राज्यों में घूम-घूम कर वोट मांगे हैं. मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है. 
 
राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा राज्य विधानसभाओं के सदस्य मतदाता होते हैं. राज्यों की विधान परिषद के सदस्य विधान पार्षद इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते. लोकसभा अध्यक्ष जहां इस चुनाव में मत डाल सकता है वहीं एंग्लो-इंडियन समुदाय से लोकसभा में नामित होने वाले दो सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता है. राज्यसभा के भी 12 नामित सदस्य इन चुनावों में मतदान के अयोग्य होते हैं. 
 
यह चुनाव क्योंकि गोपनीय मतपत्र के जरिये होता है, इसलिए पार्टियां अपने सदस्यों को किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में मत डालने के लिए व्हिप जारी नहीं कर सकतीं. एनडीए के पास 48.5 फीसदी वोट थे, लेकिन बीजू जनता दल, जदयू, वाइएसआर कांग्रेस जैसे क्षेत्रीय दलों ने समर्थन कर एनडीए प्रत्याशी का पलड़ा भारी कर दिया है. विपक्ष ने मीरा कुमार को उतार कर चुनाव को विचारधारा की लड़ाई बनाया है. उधर, सपा में क्रॉस वोटिंग की आशंका है.
 

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