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  • Jul 17 2019 7:32AM
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पटना : हर पीडि़त परिवार को मिलेगा रू 6000, तीसरे दिन भी सीएम ने किया हवाई सर्वे, गंडक के प्रवाह क्षेत्र का लिया जायजा

पटना : हर पीडि़त परिवार को मिलेगा रू 6000, तीसरे दिन भी सीएम ने किया हवाई सर्वे, गंडक के प्रवाह क्षेत्र का लिया जायजा
सदन में बोले सीएम : खजाने पर पहला हक बाढ़पीिड़तों का, 19 से जायेगी राशि
 
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को तीसरे दिन भी बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वे किया. उन्होंने गंडक नदी के प्रवाह क्षेत्र का जायजा लेने के बाद अधिकारियों को बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया. 
 
इसके पहले विधानमंडल के दोनोें सदनों मेें उन्होंने कहा कि राज्य में 2017 की तरह एक बार फिर फ्लश फ्लड की स्थिति पैदा हो गयी है. बाढ़ के कहर से 25 लोगों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह सचेत है. खजाने पर पहला अधिकार बाढ़पीड़ितों का है. 
 
शुक्रवार से पीड़ितों के बीच सहायता राशि का वितरण शुरू हो जायेगा. इसके तहत प्रति पीड़ित परिवार छह हजार रुपये सीधे उनके खाते में भेजे जायेंगे. सदन के बाहर उन्होंने कहा कि पीड़ितों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जायेगी. जितनी भी राशि की जरूरत पड़ेगी, राज्य सरकार खर्च करेगी. दो दिनों के हवाई सर्वेक्षण के बाद मंगलवार को सदन में उन्होंने बताया कि तीन-चार दिनों की बारिश के कारण राज्य के 12 जिलों के 78 प्रखंड़ों की 555 पंचायतें बाढ़ग्रस्त हैं. बाढ़ के कारण शिवहर, सीतामढ़ी पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, किशनगंज और पूर्णिया जिलों के कुल 12 लाख 71 हजार 600 लोग पीड़ित हुए हैं. 
 
उन्होंने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से अब तक एक लाख 16 हजार 653 लोगों को निकाला गया है. बाढ़ से अब तक 25 लोगों की मौत हुई है. उनके निकट आश्रितों को प्रावधान के अनुसार 24 घंटे के अंदर अनुग्रह अनुदान की राशि उपलब्ध कराने के लिए रिवाॅल्विंग फंड की व्यवस्था की गयी है. 
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में आयी बाढ़ के समय सहायता राशि के वितरण में विलंब हुआ था. बैंकों को  पैसे भेज दिये गये  थे, पर उनका समय पर भुगतान नहीं किया गया. इस वर्ष बाढ़पीड़ितों के  सीधे खातों में सरकार द्वारा छह-छह हजार रुपये भेजे जायेंगे. इसमें बैंकों की  कोई भूमिका नहीं होगी. 
 
मुख्यमंत्री ने कहा, बचाव के लिए 796 मानव बल, 125 मोटरबोट के साथ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की कुल 26 टुकड़ियां तैनात की गयी हैं. 199 राहत शिविर खोले गये हैं, जिनमें एक लाख 16 हजार 653 लोग रह रहे हैं. 976 सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गयी है. जरूरत पड़ने पर और राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जायेगी. बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त 336 ग्रामीण पथों को अविलंब ठीक करने का निर्देश दिया गया है. 

नेपाल की तराई में 50 मिमी की जगह हुई 280-300 मिमी बारिश
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में नेपाल के तराई इलाके में औसतन 50 मिलीमीटर बारिश होती थी. पिछले तीन-चार दिनों में इन इलाकों में 280-300 मिलीमीटर बारिश हुई है. 
 
कमला बलान के नेपाल स्थित जलग्रहण क्षेत्र में 12 और 13 जुलाई को भारी बारिश हुई. वहां 203.60 से लेकर 319.80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी. मधुबनी जिले के जयनगर में कमला बीयर सह ब्रिज के ऊपर दो फुट जल का बहाव होने लगा. झंझारपुर रेलपुल के पास 1987 में कमला नदी का उच्चतर जल स्तर 54.34 मीटर था, जो इस बार 16 सेंटीमीटर बढ़कर 54.50 मीटर हो गया. 
 
इसी तरह बागमती नदी के ढेंग स्थल पर 73 मीटर रिकॉर्ड जल स्तर दर्ज किया गया. यह अपने पूर्व के रिकॉर्ड से 40 सेमी अधिक है. बागमती के सोनाखान स्थल पर 72.05 मीटर का उच्चतम जल स्तर दर्ज किया गया. कोसी नदी के हनुमाननगर बराज पर 13 जुलाई को तीन लाख 71 हजार 110 क्यूसेक जलस्राव हुआ, जो पिछले 15 वर्षों में सर्वाधिक है. 

मुख्यमंत्री ने पटना से बाल्मीकिनगर तक गंडक नदी के संवेदनशील तटबंधों का हवाई सर्वेक्षण किया
 
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पटना से वाल्मीकिनगर तक गंडक नदी के संवेदनशील तटबंधों का हवाई सर्वे किया. इस दौरान उन्होंने विशेषकर गोपालगंज के निकट रूपनछाप एवं समहरा धार के निकट तटबंधों की विशेष निगरानी और इसकी मरम्मत का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने बगहा शहर में नदी के किनारे रिवेटमेंट का भी हवाई सर्वे किया और उसके सुदृढ़ीकरण का निर्देश अपर मुख्य सचिव जल संसाधन को दिया. 
मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के चनपटिया, नरकटियागंज तथा पूर्वी चंपारण के रमगढ़वा, सुगौली व बंजरिया इलाकों का भी हवाई सर्वे किया.  
 
हवाई सर्वे से लौटने के बाद पटना में  मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव,  जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव, आपदा प्रबंघन विभाग के प्रधान सचिव के साथ  पश्चिम चंपारण एवं पूर्वी चंपारण में बाढ़ की स्थिति पर समीक्षा की. उन्होंने आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव को निर्देश दिया कि बुधवार को  पश्चिम चंपारण एवं पूर्वी चंपारण के डीएम के साथ हवाई सर्वे करें.  ताकि डीएम अपने जिले के बाढ़ की स्थिति से पूरी तरह अवगत हो सकें.  
 
पटना : तीसरे दिन भी सीएम ने किया हवाई सर्वे, गंडक के प्रवाह क्षेत्र का लिया जायजा

बाढ़ राहत कार्य में तेजी के लिए सात जिलों में सहायक डीएम
 
पटना : राज्य सरकार ने बाढ़ग्रस्त सात जिलों में राहत व बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए 2018 बैच के युवा आइएएस अधिकारियों की सहायक डीएम के रूप में तैनाती की है. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक गया में तैनात काथवते मयूर अशोक को शिवहर का सहायक डीएम बनाया गया है. 
 
इसी प्रकार वैभव श्रीवास्तव को सीतामढ़ी, निखिल धनराज निप्पणीकर को पूर्वी चंपारण, नितिन कुमार सिंह को मधुबनी, अम्रिषा बैंस को अररिया, अभिषेक रंजन को सुपौल और आशुतोष द्विवेदी को पूर्णिया का सहायक डीएम बनाया गया है. इन सभी अधिकारियों की तैनाती 31 जुलाई तक की गयी है. 
 
इनके अलावा बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और सामान्य प्रशासन विभाग में संयुक्त सचिव रमाशंकर को जिला प्रशासन को बाढ़ राहत कार्यों में सहयोग करने के लिए तत्काल कटिहार समाहरणालय में प्रतिनियुक्त किया गया है.
 
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