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  • Feb 15 2020 8:00AM
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पटना : छह वर्षों में 18 हजार राजस्व गांवों का बना नक्शा, 28,000 का अब भी बाकी

पटना : छह वर्षों में 18 हजार राजस्व गांवों का बना नक्शा, 28,000 का अब भी बाकी
राजस्व व भूमि सुधार विभाग की ओर से हो रहे जमीन सर्वे का हाल
 
पटना : राज्य में जमीन का नक्शा बनाने वाले एजेंसियों ने पिछले छह साल में मात्र 18,000 राजस्व गांवों का ही नक्शा तैयार कर पायी है. अब  भी प्रदेश के 28,000 राजस्व गांवों का नक्शा लंबित है. राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने सर्वेक्षण के निर्धारित 45,933 राजस्व गांवों का नक्शा तैयार करने की जिम्मेदारी एजेंसियों को सौंपी थी. इनमें मात्र 18,000 तीन राजस्व गांवों का नक्शा हवाई सर्वेक्षण एजेंसियों ने राजस्व व भूमि सुधार विभाग को सौंपा है. अभी भी 27,930 राजस्व गांवों का काम बाकी है. 
 
शुक्रवार को राजस्व व भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की ओर से अब तक किये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी. मंत्री ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण एजेंसी की ओर से दिये गये मानचित्रों के आधार पर पूर्व  में प्रथम चरण के तहत विशेष सर्वेक्षण का कार्य 13 जिलों में शुरू किया  गया, जिसे बाद में बढ़ा कर 20 कर दिया गया है. 
 
अब इन जिलों में शुरू होने हैं सर्वेक्षण 
 
अब नालंदा, मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय,  सुपौल, किशनगंज, बांका, सीतामढ़ी, पं चंपारण, जमुई, जहानाबाद, अरवल,  शिवहर, शेखपुरा, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार व अररिया में जमीन सर्वेक्षण का काम शुरू किया जाना है. 
 
ये हुए काम 
 
सर्वेक्षण कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए के शास्त्री नगर में राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान में छात्रावास का निर्माण कराया गया है. बोधगया में स्थित राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान को क्रियाशील बनाने के लिए पहले से बने दो भवनों की मरम्मत के लिए 28 लाख मंजूर किये गये हैं. 
साथ ही नौ  करोड़ की लागत से प्रशिक्षण के लिए चार आवासीय भवनों का शिलांयास सितंबर में ही किया जा चुका है. कुल 6875 नियोजित होने वाले कर्मियों में से 275 विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, 550 कानूनगो व 550 लिपिकों के नियोजन की कार्रवाई अंतिम चरण में है. 
 
सर्वेक्षण में आ रहीं कई परेशानियां 
 
मंत्री ने बताया कि जमीन सर्वेक्षण कार्य में अधिनियम व नियमावली में कार्य अनुकूल प्रावधानों का अभाव है.  नियमावली के नियम-21 के अंतर्गत बनायी जानेवाली तकनीकी मार्गदर्शिका का नहीं बनना, कर्मियों का अभाव, जिलों में आधारभूत संरचनात्मक सुविधाओं का अभाव, हवाई फोटोग्राफी कर ऑर्थोफोटोग्राफ जिलों को समर्पित करने के कार्य का पूर्ण नहीं होना और कृषि योग्य भूमि भू-खंडों का मानचित्र 1:4000 स्केल के बदले 1:1000 स्केल पर होने कारण परेशानी हो रही है. 
 
दस अधिकारियों पर कार्रवाई 
 
विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में दाखिल खारिज व सर्वेक्षण कार्यों में सुस्ती करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही है. अब तक कुल 10 अंचल पदाधिकारी व राजस्व कर्मचारी पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि फरवरी के अंत में दाखिल खारिज में परिमार्जन साॅफ्टवेयर शुरू कर दिया जायेगा. 
 
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