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patna

  • Jan 12 2019 3:25AM

पटना : ड्रोन उड़ाने को लेनी होगी इजाजत जल्द तैयार होगी इसके लिए कमेटी

पटना : ड्रोन उड़ाने को लेनी होगी इजाजत जल्द तैयार होगी इसके लिए कमेटी
कौशिक, पटना  : बिहार में बहुत जल्द ही ड्रोन उड़ाना संभव हो पायेगा. लेकिन, इसके लिए लाइसेंस लेने की जरूरत पड़ेगी. केंद्र सरकार के स्तर से ड्रोन नीति तैयार होने के बाद अब सूबे में इसे समुचित तरीके से लागू करने के लिए जिला और राज्य स्तर पर दो कमेटी का गठन होने जा रहा है. 
 
राज्य सरकार जल्द ही इसके गठन को अंतिम रूप देने जा रही है. गृह विभाग के स्तर पर मामले का अनुमोदन हो गया है. जल्द ही इस पर सरकार का अंतिम निर्णय होने के बाद इसे लागू कर दिया जायेगा.
 
 जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता और राज्य स्तर पर एडीजी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में यह कमेटी काम करेगी. राज्य स्तरीय कमेटी में गृह, पुलिस और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी सदस्य होंगे. इन दोनों कमेटी से ही ड्रोन उड़ाने की अनुमति ली जायेगी. 
 
अनुमति के बाद ड्रोन को उड़ाना संभव होगा. साथ ही केंद्र सरकार की तरफ से तैयार 'डीजी स्काई' नामक एप पर भी संबंधित कंपनी या व्यक्ति को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. निबंधन कराने वालों का पूरा विवरण केंद्र सरकार की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जायेगा.  
 
राज्य स्तरीय कमेटी यह तय करेगी कि कौन-कौन से स्थान ड्रोन उड़ाने के लिए होंगे प्रतिबंधित 
2 केंद्र की तरफ से बनाये गये एप डीजी स्काइ पर रजिस्ट्रेशन भी कराना अनिवार्य होगा संबंधित व्यक्ति को

प्रतिबंधित क्षेत्र भी होंगे   
राज्य स्तरीय कमेटी उन स्थानों का चयन करेगी, जहां इसे उड़ाना प्रतिबंधित होगा. यह कमेटी राज्य और शहर के उन संवेदनशील और बेहद महत्वपूर्ण स्थानों का चयन करेगी, जिसके ऊपर से ड्रोन उड़ाना और इसके जरिये फोटोग्राफी करना प्रतिबंधित होगा. इसके अलावा कमेटी यह भी निर्धारित करेगी कि किस स्थान पर कितनी ऊंचाई तक ड्रोन को उड़ाना वैध माना जायेगा.
 
 चिह्नित किये गये इन स्थानों में जेल, सचिवालय, पुलिस मुख्यालय, प्रमुख हॉस्पिटल, केंद्र और राज्य के सभी प्रमुख कार्यालय समेत अन्य संवेदनशील स्थान शामिल होंगे. दोनों स्तरीय कमेटी इस बात का खासतौर से ध्यान रखेगी कि ड्रोन का गलत उपयोग नहीं हो पाये. 

कार्ययोजना की जा रही तैयार 
आने वाले समय में ड्रोन का उपयोग ऐतिहासिक और विशेष अवसर पर फोटोग्राफी के अलावा सर्वे, भीड़ नियंत्रण, संवाद वाहक जैसे अन्य कार्य में भी करने की योजना है. फिलहाल इसे लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है.
 
ड्रोन की उपयोगिता, रेंज और क्षमता मुताबिक इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिनमें नैनो, माइक्रो और मैक्रो शामिल हैं. इसके आधार पर ही लाइसेंस का वितरण किया जायेगा.
 

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