Advertisement

patna

  • Sep 20 2019 9:02AM
Advertisement

नीतीश ने पटना में उफनायी गंगा का किया निरीक्षण, कहा- सचेत रहने की जरूरत, आज बक्सर से पटना तक करेंगे एरियल सर्वे

नीतीश ने पटना में उफनायी गंगा का किया निरीक्षण, कहा- सचेत रहने की जरूरत, आज बक्सर से पटना तक करेंगे एरियल सर्वे
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना में गंगा नदी में बढ़े जल स्तर का जायजा लिया. दीघा घाट से एनआइटी घाट तक मुआयना करने गये मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा का पानी डेंजर लेवल से ऊपर हो गया है, लेकिन अभी 2016 में आयी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं हुई है. कोई नहीं जानता की कल क्या होगा, सचेत रहने की जरूरत है. 
 
सरकार की तरफ से किसी तरह की स्थिति से निबटने की पूरी तैयारी है. सीएम शुक्रवार को बक्सर और पटना के बीच हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे. उन्होंने जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग के अलावा सभी संबंधित जिलों के डीएम को अलर्ट किया है. मुख्यमंत्री ने पहले गंगा के बढ़े हुए जल स्तर का मुआयना पटना के दीघा घाट से शुरू किया. इसके बाद सोनपुर-पहलेजा घाट होते हुए गांधी सेतु से लौटे. गांधी सेतु के पिलर संख्या 30 के पास उतर कर उन्होंने गंगा में पानी का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने गांधी मैदान से दीघा घाट तक पटना सुरक्षा दीवार  का निरीक्षण किया.   
 
सीएम ने कहा कि गंगा की कई सहायक नदियों का जल स्तर बढ़ने से इसमें पानी बढ़ा है. गंडक नदी में मुख्य रूप से जल स्तर बढ़ने से गंगा का पानी बढ़ गया है. 
 
सोन का जल स्तर अभी उतना नहीं बढ़ा है. हालांकि, 2016 में जिस तरह से गंगा में पानी बढ़ने से 13 जिलों में बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो गयी थी, अभी वैसी स्थिति नहीं दिख रही है. फिर भी सभी को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि गंगा के किनारे मौजूद सुरक्षा दीवार का खासतौर से मुआयना करेंगे और यह देखेंगे कि दोनों दीवारों के बीच मौजूद जगह में सुरक्षा से जुड़े उपाये किये गये हैं या नहीं. 
इस दौरान सीएम के साथ मुख्य सचिव दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस, सीएम के सचिव अनुपम कुमार, डीएम कुमार रवि, एसएसपी गरिमा मलिक सीएम के ओएसडी गोपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
 
एनएच-80 क्षतिग्रस्त दरभंगा में कमला बलान का तटबंध टूटा
 
पटना : राज्य में गंगा नदी बक्सर से साहेबगंज तक उफान पर है. इसके कारण गुरुवार को भागलपुर में एनएच-80 क्षतिग्रस्त हो गया है़, जिसके बाद घोघा-जीरोमाइल के बीच इस पर वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया है. बक्सर जिले के चौसा में गंगा और  कर्मनाशा नदियों में उफान के कारण  कई गांवों में पानी घुस गया है़  चौसा-मोहनिया हाइवे पर  पानी चढ़ने से वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गयी है़   
चौसा थर्मल पावर प्लांट के लिए अधिगृहीत की गयी एक तिहाई भूमि बाढ़ के पानी में डूब चुकी है. वहीं, दरभंगा में कमला बलान का पुनर्निमित तटबंध फिर टूट गया. 
 
उत्तर बिहार में कोसी, बागमती, कमला बलान और गंडक सहित अन्य प्रमुख नदियों का जल स्तर गुरुवार को कई जगहों पर खतरे के निशान से पार हो गया. इन नदियों के जल स्तर में शुक्रवार को भी बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है. पटना के दीघाघाट में गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से 20 सेंमी ऊपर था. इसमें शुक्रवार को 11 सेंमी वृद्धि की संभावना है. गांधीघाट में गंगा खतरे के निशान से 88 सेंमी ऊपर थी, जिसमें  17 सेंमी बढ़ोतरी की संभावना है. हाथीदह में यह खतरे के निशान से 65 सेंमी ऊपर थी, इसमें 13 सेंमी बढ़ोतरी की संभावना है. 
 
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा नदी बक्सर, मुंगेर, कहलगांव, साहेबगंज में भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी. वहीं, कोसी नदी बसुआ, बलतारा और कुरसेला में, महानंदा नदी ढेंगरा घाट में, कमला बलान नदी जयनगर और झंझारपुर, बागमती नदी ढेग ब्रिज, रुन्नीसैदपुर और बेनीबाद, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया, गंडक नदी डुमरियाघाट, सोन नदी मनेर और परमान नदी अररिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी.
 
दरभंगा में कमला बलान का तटबंध फिर ध्वस्त
 
नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से दरभंगा जिला फिर से बाढ़ की चपेट में आ गया है. कमला नदी के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी  से पानी तेजी से फैल रहा है. गौड़ाबौराम के आधारपुर बाथ में जुलाई में आयी बाढ़ के दौरान टूटे तटबंध स्थल पर बना तटबंध फिर से ध्वस्त हो गया.
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement