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patna

  • Feb 11 2019 7:25AM

लोकसभा चुनाव को लेकर दलों को एकजुट करने की कोशिश, महागठबंधन में नजरअंदाज नहीं होंगी छोटी पार्टियां

लोकसभा चुनाव को लेकर दलों को एकजुट करने की कोशिश, महागठबंधन में नजरअंदाज नहीं होंगी छोटी पार्टियां
लोकसभा चुनाव को लेकर दलों को एकजुट करने की कोशिश
पटना : महागठबंधन में शामिल बड़े दलों के अलावा साथ चलने वाली छोटी पार्टियों का भी वजूद रहेगा. छोटी पार्टियों को नजरअंदाज नहीं किया जायेगा. 
 
छोटी पार्टियों के नेता भी यह बात कह रहे हैं कि महागठबंधन को आने वाले लोकसभा चुनाव फतह करने के लिए छोटी पार्टियों को तरजीह देना होगा. ऐसे में महागठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के नेता मान रहे हैं कि उनका भी वजूद रहेगा. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव की जनवरी में लखनऊ की यात्रा के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने के बाद यह निर्णय हुआ था कि महागठबंधन में इन दलों की भी हिस्सेदारी होगी.
 
यह दीगर बात है कि इन पार्टियों को कितने सीटें मिलेंगी, लेकिन चुनाव में महागठबंधन में इनका भी साथ रहेगा. इसके बाद से सपा व बसपा नेता चुनाव के लिए अपने आप को तैयार कर रहे हैं. दूसरी तरफ महागठबंधन में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के हम, मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी व कम्युनिस्ट पार्टियां भी साथ होकर उसे मजबूत करने में लगी हैं. हाल ही में कम्युनिस्ट नेताओं ने भले ही सीट को लेकर अपनी दावेदारी पेश की हो, लेकिन अंदरखाने की मानें तो सीट को लेकर बात बन जायेगी.

सीट शेयरिंग में मिलेगा हिस्सा 
 
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री का मानना है कि पिछले दो साल से महागठबंधन के साथ पार्टी चल रही है. एनडीए को शिकस्त देने के लिए सपा भी पूरी तैयारी कर रही है. महागठबंधन में सीट शेयरिंग का फाॅर्मूला तय होने पर पार्टी को भी हिस्सेदारी मिलेगी. बूथ स्तर तक तैयारी चल रही है. पार्टी जनहित से जुड़े समस्याओं, किसानों, खेतिहर मजदूर, नौजवानों, महिलाओं पर अत्याचार आदि मुद्दे को लेकर आंदोलनरत है. 
 
वहीं बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भरत बिंद का मानना है कि महागठबंधन के साथ लोकसभा चुनाव लड़ने के संबंध में पार्टी सुप्रीमो मायावती का स्पष्ट निर्देश नहीं आया है. पार्टी सुप्रीमो के निर्देश पर काम होगा. फिलहाल पार्टी सभी 40 सीटों पर तैयारी करते हुए संगठन को मजबूत कर रही है. 
 
वहीं, आम आदमी पार्टी बिहार इकाई के प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू ने कहा कि पार्टी अगला लोकसभा चुनाव किसी गठबंधन के साथ नहीं लड़ेगी. बिहार में पार्टी को मजबूत किया जा रहा है. उन लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी चुनाव लड़ेगी, जहां संगठन पूरी तरह से मजबूत है. जहां से जीत की संभावना है.
 

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