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patna

  • Jun 30 2019 7:51AM
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जीएसटी : राज्य में दो वर्षों में टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ी ढाई गुना, टॉप-10 टैक्स पेयर्स होंगे सम्मानित

जीएसटी : राज्य में दो वर्षों में टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ी ढाई गुना,  टॉप-10 टैक्स पेयर्स होंगे सम्मानित
पटना : टैक्स पेयर्स की संख्या 1.75 लाख से बढ़कर हुई 4.50 लाख
1 जुलाई को जीएसटी के लागू होने का दो वर्ष होने जा रहा पूरा
पटना : जीएसटी लागू होने का फायदा बिहार को भी काफी मिल रहा है. राज्य का 'टैक्स बेस' बढ़ा है. जीएसटी जब शुरू हुआ था, तो यहां निबंधित व्यापारियों की संख्या एक लाख 75 हजार थी. यह दो साल में बढ़ कर चार लाख 50 हजार हो गयी है. 
 
दो साल में टैक्स देने वालों की संख्या में ढाई गुणा की बढ़ोतरी हुई है. प्रत्येक महीने आठ से नौ हजार नये टैक्स पेयर्स रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं. पिछले नौ महीने के दौरान जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या में इसी औसत से बढ़ोतरी हो रही है. टैक्स बेस बढ़ने से टैक्स का संग्रह भी बढ़ा है. पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 में 10 हजार 676 करोड़ के टैक्स का संग्रह हुआ था, जो वित्तीय वर्ष 2017-18 की तुलना में 44.76 प्रतिशत अधिक है.
 
हालांकि जिस तेजी से टैक्स बेस बढ़ रहा है, उस अनुपात में टैक्स संग्रह में अभी भी उतनी तेजी नहीं आयी है. इसके लिए जीएसटी महकमा खासतौर से पहल कर रहा है. टैक्स बेस बढ़ने के कारण को बताते हुए जीएसटी आयुक्त रणजीत कुमार ने कहा कि छोटे कर देने वालों ने बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन करवा है या करवा रहे हैं. इससे यह संख्या बढ़ी है. परंतु इसमें 10 फीसदी संख्या ऐसे व्यापारियों की भी है, जिन्हें इसकी जरूरत नहीं है. या, 40 लाख सालाना से कम आमदनी वाले वैसे व्यापारी, जो इसके दायरे में नहीं आते हैं. 
 
हालांकि ऐसे लोगों से बहुत फर्क नहीं पड़ता है. उन्होंने कहा कि असल में छोटे टैक्स पेयर्स और कंपनियों को लगातार संपर्क कर उनकी दिक्कतें दूर की गयी, जिससे टैक्सदाताओं की संख्या बढ़ी है. इसके अलावा टैक्स नहीं देने या देर से देने वालों को लगातार रीमाइंडर या इ-मेल से सूचना या नोटिस भेजकर उन्हें टैक्स देने के लिए लगातार प्रेरित किया जाता है. 

टॉप-10 टैक्स पेयर्स होंगे सम्मानित
 
जीएसटी आयुक्त ने बताया कि इस बार जीएसटी दिवस के मौके पर टॉप-10 टैक्स पेयर्स को विभाग की तरफ से पुरस्कृत किया जायेगा. ये सभी कंपनियां बिहार में काम कर रही हैं.
 
नंबर एक पर आइटीसी लिमिटेड, दूसरे नंबर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, तीसरे नंबर पर अल्ट्राटेक सीमेंट, न्यूवाको विस्टा कॉरपोरेशन लिमिटेड, टाटा स्टील लिमिटेड, एटीसी टेलीकॉम, रिलायंस जीओ इंफोकॉम, हिन्दुस्तान कोका कोला, मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे और वोडोफोन सर्विस लिमिटेड शामिल हैं. इसके अलावा पांच अधिकारी भी सम्मानित होंगे.
 
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