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  • Dec 9 2019 5:28PM
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DelhiFire : मृतकों के परिवार की आपत्ति के बाद, बिहार के लोगों के शव सड़क मार्ग से भेजे जायेंगे

DelhiFire : मृतकों के परिवार की आपत्ति के बाद, बिहार के लोगों के शव सड़क मार्ग से भेजे जायेंगे
FILE PIC

नयी दिल्ली : दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में रविवार को लगी भीषण आग में मरने वाले लोगों के परिवारों के दबाव के आगे झुकते हुए, बिहार सरकार ने तय किया है कि राज्य के निवासियों के शव ट्रेन के बजाए सड़क मार्ग से उनके घर भेजे जायेंगे. इससे पहले फैसला किया गया था कि ये शव स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसएलआर कोच में रखकर ले जाये जायेंगे. हालांकि, पीड़ितों के परिवारों ने इस तरह की व्यवस्था पर आपत्ति प्रकट की थी और शवों को सड़क मार्ग से भेजे जाने को चुना.

रविवार की आग में जान गंवाने वाले 43 लोगों में से अधिकतर उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूर थे. आग लगने के वक्त सोये रहने के कारण वे इमारत में ही फंसे रह गये थे. बिहार भवन में संयुक्त श्रम आयुक्त कुमार दिग्विजय ने बताया, ‘‘परिवार शवों को ट्रेन से भेजने को लेकर सहज नहीं थे, इसलिए हमने एंबुलेंसों में शवों को भेजने का फैसला किया है. एक एंबुलेंस में दो शव होंगे. “शवों को ट्रेन से भेजने की सभी तैयारियां कर ली गयीं थीं. ट्रेन में विशेष कोच भी लगाये गये थे, लेकिन परिवार के सदस्यों (मृतकों के) ने शवों को ट्रेन से भेजे जाने पर आपत्ति जतायी.”

उन्होंने कहा, “जब भी पोस्टमार्टम पूरा हो जायेगा, हम शवों को घर भेजना शुरू कर देंगे. अब तक 36 शवों की पहचान की गयी है जो बिहार के रहने वाले थे और हम उन्हें जल्द से जल्द राज्य वापस भेजने की कोशिश कर रहे हैं. यह प्रक्रिया धीमी है, लेकिन हम पूरी कोशिश कर रहे हैं.” आग में अपने भाई शाकिर को खोने वाले बिहार के मधुबनी इलाके के जाकिर हुसैन ने कहा कि भले ही बिहार सरकार ने शवों को ट्रेन से घर भेजने की व्यवस्था की थी, लेकिन प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्टता नहीं थी.

बेगूसराय के मोहम्मद शमशीर ने कहा कि शव को ट्रेन में ले जाना व्यावहारिक नहीं है. शमशीर के पड़ोसी नवीन कुमार (19) की इस आग में मौत हो गयी थी. शमशीर ने कहा, “हम ट्रेन से जाने में खुश नहीं थे. ट्रेन समस्तीपुर स्टेशन पर रुकती और हमारा गांव वहां से भी 70 किलोमीटर दूर है.” अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में बिहार के आयुक्त शवों को घर भेजने में मदद के लिए केंद्रीय रेलवे मंत्री पीयूष गोयल के पास पहुंचे थे. गोयल के हस्तक्षेप के बाद , दिल्ली मंडल ने ट्रेन में अतिरिक्त कोच की व्यवस्था की थी.

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