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patna

  • Aug 13 2019 10:28PM
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बिहार कैबिनेट की बैठक, 19 एजेंडों पर लगी मुहर

बिहार कैबिनेट की बैठक, 19 एजेंडों पर लगी मुहर
FILE PIC

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट ने बालू नीति में महत्वपूर्ण बदलाव की स्वीकृति दी है. नयी बालू नीति के अनुसार किसी निबंधित व्यक्ति या सोसाइटी को अधिकतम दो बालू घाटों या 200 हेक्टेयर के खनन क्षेत्र में से जो भी कम हो उसकी बंदोबस्ती की जायेगी. राज्य के 38 जिलों में करीब 400 घाटों की नीलामी होगी. इसमें पांच जिलों से होकर गुजरनेवाली सिर्फ सोन नदी के 200 घाट शामिल हैं. बालू घाटों की नीलामी पहली जनवरी 2020 से प्रभावी होगी. इसके लिए बंदोबस्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जायेगी.

कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में कुल 19 एजेंडों की स्वीकृति दी गयी है. उन्होंने बताया कि नयी बालू नीति में एक नदी को एक इकाई माना जायेगा. लेकिन, एक नदी को ही कई खंडों में बांट कर बंदोबस्ती की जायेगी. पूर्व में एक ही एजेंसी या व्यक्ति को कई जिलों के अनेक बालू घाटों की बंदोबस्ती दी जाती थी. इससे बालू घाटों पर उनका एकाधिकार हो गया था. इसे खत्म करने के लिए ही इसे सीमित करते हुए अधिकतम दो बालू घाटों तक ही सीमित कर दिया गया है.

नयी नीति के आने के बाद अधिक से अधिक एजेंसियों या व्यक्तियों के नाम से बंदोबस्ती की जा सकेगी. यह अनुमान है कि राज्य में इससे कम से कम 200 एजेंसियों या व्यक्तियों को लाभ मिलेगा. पहले 28 जिलों में सिर्फ 19 कंपनियों व व्यक्तियों को बंदोबस्ती की गयी थी. कैबिनेट ने खान एवं भूतत्व विभाग के उस एजेंडों को भी स्वीकृति दी है जिसमें बालू घाटों की निगरानी व पर्यवेक्षण के लिए पदाधिकारियों की आवश्यकता थी.

खान एवं भूतत्व विभाग में 12 वर्षों के दौरान खान एवं खनिजों के प्रबंधन, खनन क्षेत्रों की बंदोबस्ती, अवैध खनन, राजस्व संग्रहण को देखते हुए अपर निदेशक के एक, उप निदेशक के तीन, सहायक निदेशक के चार, खनिज विकास पदाधिकारी के 21, खान निरीक्षक के 66, सर्वेक्षक के तीन, प्रारूपक के दो, उच्च वर्गीय लिपीक के 23 और निम्न वर्गीय लिपिक के 56 अतिरिक्त पदों के सृजन को स्वीकृति दी गयी है.

 

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