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  • Apr 16 2019 7:53AM
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40 लाख के पार पहुंचा पटना का सालाना एयर ट्रैफिक

40 लाख के पार पहुंचा पटना का सालाना एयर ट्रैफिक
अनुपम कुमार
2018-19 में 32 हजार के पार पहुंचा एयरक्राफ्ट मूवमेंट
 
पटना : पटना का सालाना एयर ट्रैफिक 40 लाख के पार पहुंच चुका है. वित्तीय वर्ष 2017-18 में 31 लाख लोगों ने पटना एयरपोर्ट से हवाई यात्रा की थी, जबकि बीते वित्तीय वर्ष ( 2018-19) में यह आंकड़ा 40.61 लाख हो गया. 
 
इस अवधि में सालाना वृद्धि का राष्ट्रीय औसत 17% रहा है, जबकि पटना एयरपोर्ट ने 30.54% वृद्धि दर्ज की है. एयरक्राफ्ट मूवमेंट में भी 31% बढ़ोतरी हुई है. वित्तीय वर्ष   2017-18 में यह 24479 थी, जो वित्तीय वर्ष 2018-19 में बढ़ कर 32116 हो गयी है. 
 
टर्मिनल पर क्षमता से छह गुना अधिक लोड  : पटना एयरपोर्ट का टर्मिनल 60 के दशक में बना. आरंभ में इसकी क्षमता पांच लाख सालाना यात्रियों की थी, जिसे बाद में बढ़ा कर  सात लाख किया गया. वर्तमान में पैसेंजर लोड इससे लगभग छह गुना हो गया है. केवल बीते वित्तीय वर्ष में इसमें 9.5 लाख की वृद्धि हुई है, जो कि इसकी मूल क्षमता से भी अधिक है. 
 
आरंभ में यहां से केवल दो जोड़ी फ्लाइटें परिचालित होती थीं, जो पिछले दिनों बढ़ कर 48 जोड़ी तक पहुंच गयी और वर्तमान में हर दिन 38 जोड़ी फ्लाइटें परिचालित हो रही हैं. ऐसे में भीड़ अत्यधिक बढ़ने से एयरपोर्ट में प्रवेश के लिए लंबी कतारें लग रही हैं. विमानों के लेट होने और दो-तीन विमानों के कम अंतराल पर पहुंचने पर लोगों के लिए चेक इन और सेक्यूरिटी होल्ड एरिया में बैठने की जगह ढूंढ़ना भी मुश्किल होता है. नये टर्मिनल का निर्माण अगले तीन साल में पूरा होना है, लेकिन काम की रफ्तार देख कर इसमें काफी विलंब होने की आशंका है. 
 
अस्थायी प्रबंध के अंतर्गत पिछले दिनों सेक्यूरिटी होल्ड एरिया को बढ़ाकर दोगुना किया गया है, लेकिन तेज एयर ट्रैफिक वृद्धि के कारण वह भी अपर्याप्त साबित हुआ है और यात्रियों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है.  

एक साल में 9.5 लाख की वृद्धि

सालाना 30% बढ़े हवाई यात्री 

वर्ष यात्री वृद्धि
 
2013-14 10.45 4.19%
2014 -15 11.96 14.48%
2015-16 15.84 32.38%
2016-17 21.12 33.34%
2017-18 31.11 47.30%
2018-19 40.61 30.54%
 
यात्री लाख में 

31% बढ़ा एयरक्राफ्ट मूवमेंट

वर्ष मूवमेंट वृद्धि
 
2013-14 9900 -0.56%*
2014-15 11054 11.54%
2015-16 13947 26.10%
2016-17 15508 11.19%
2017-18 24479 57.84%
2018-19 32169 31.41% 

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