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Palamu

  • Jan 5 2019 9:54AM

Jharkhand : कुछ लोग देश के किसानों को कर्जमाफी के नाम पर बहला रहे हैं : PM Modi

Jharkhand : कुछ लोग देश के किसानों को कर्जमाफी के नाम पर बहला रहे हैं : PM Modi

-न्यू इंडिया का संस्कार बनाने में जुटे हैं

-हमारे देश में गरीबों को घर देने के लिए योजना पहले भी चलती थी, लेकिन वह किसी परिवार के नाम से योजना चलती थी. उसमें घर की चिंता कम थी, परिवार के नाम की चिंता ज्यादा होती थी. हमने नरेंद्र मोदी या नमो आवास योजना, रघुवर दास आवास योजना नहीं बनायी. प्रधानमंत्री आवास योजना बनायी. जो भी प्रधानमंत्री बनेगा, उसे आगे बढ़ायेगा. योजना नाम के लिए नहीं, काम के लिए होनी चाहिए. पहले भी बड़े-बड़े लोगों के नाम पर योजनाएं चलती थीं, वे योजनाएं कहां गयीं. कहां गये वे लोग. कहां गये वो घर. कहां गये वो पैसे. पहले की योजनाओं में क्या-क्या होता था? जब तक उनके खानदान के चेले-चपाटों को दक्षिणा नहीं देते थे, तब तक आपका नाम भी तय नहीं होता था.

-2022 तक देश का गांव हो या शहर, हर देशवासी के सिर पर पक्की छत देने का प्रयास हमारी सरकार का है. इस कोशिश में हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को शहरों के लिए अलग, गांवों के लिए अलग बनाया. जब हमने इस योजना को शुरू किया, तो सवाल उठाया गया कि ऐसी योजना तो पहले भी थी, आप अलग क्या करेंगे? आप तो सिर्फ नाम बदल रहे हैं. 

-अखबार की सुर्खियों या टीवी के एसी रूम में बैठे लोग आपको देश को सशक्त बनाने के लिए चल रही योजनाओं के बारे में नहीं बतायेंगे. हमारी सरकार खेती और किसान को सशक्त करने के लिए एक नयी सोच से आगे बढ़ रही है.


-देश की तमाम सरकारों ने आजादी के बाद से ही अपनी समझ और क्षमता के हिसाब से काम किया. किसी ने नाम पर ध्यान दिया, किसी ने काम पर ध्यान दिया. आज यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 25 हजार लोगों को घर मिले हैं.

-एक लाख करोड़ रुपये किसानों की कर्जमाफी करके मैं वाहवाही लूट सकता था. लेकिन, मैंने किसानों को गुमराह करने का पाप नहीं किया. कर्जमाफी एक पीढ़ी की हो जाती, एक साल की हो जाती, लेकिन एक लाख करोड़ रुपये से जो पानी आयेगा, वह आने वाली सदियों तक लोगों का भला करेगा. किसान की पांच से 25 पीढ़ियों को सशक्त बनायेगा. हमने किसानों को मजबूत करने का विकल्प चुना. चुनाव जीतने के खेल के लिए उन्होंने किसानों को कर्जदार बना रखा है. जवानों को याचक बना रखा है. उन्होंने ऐसी व्यवस्था बना रखी है कि लोग सरकार के भरोसे रहें. देश सरकार के भरोसे नहीं, जनता के भरोसे से चलना चाहिए, हमारी सरकार इस प्रयास में जुटी है.


-पुरानी परियोजनाओं पर 90 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है हमारी सरकार.

-अनेक ऐसी सिंचाई परियोजनाएं हैं, जिसकी किसी ने परवाह नहीं की. नहर बन गये, खेतों तक पानी नहीं पहुंचा.

-यह परियोजना पहले पूरी हो गयी होती, तो किसानों को कर्ज लेना ही नहीं पड़ता. पहले किसानों को कर्ज में डूबने के लिए मजबूर कर दिया और अब उनकी सहानुभूति बटोरने चले हैं. किसानों की समस्या दूर करने की समय पर कोशिश हुई होती, तो आज वह लोगों को कर्ज देने की स्थिति में होता.

-हमारी सरकार बनी, तो हमने खेतों तक पानी पहुंचाने का बीड़ा उठाया.

-आज कुछ लोग देश के किसानों को कर्जमाफी के नाम पर बहला रहे हैं. किसानों से झूठ बोल रहे हैं. मुझे पता है कि उन्होंने कभी उत्तर कोयल परियोजना का नाम तक नहीं सुना होगा. उन्हें तो यह भी नहीं पता चलेगा कि देश में जो सिंचाई परियोजनाएं वर्षों से अधूरी हैं, उन्हें पूरा किया जाये.

-फेडरलिज्म को मजबूती मिली है. देश के अन्य राज्यों को बहुत कुछ सीखने की जरूरत है.

-जब संयुक्त बिहार था. झारखंड नहीं बना था. एक ही सरकार पटना में बैठती थी. यहां के लोगों की समस्या को लोगों ने समझा होता. उनके मन में संवेदनशीलता होती, तो यह परियोजना इतने दिनों तक रुका नहीं रहता. आज हिंदुस्तान में पानी को लेकर आसपास के राज्यों के बीच ऐसी लड़ाई चल रही है. पानी बह रहा है, लेकिन राजनीतिक कारणों से लड़ाईयां लड़ी जा रही हैं. आज की इस घटना पर विशेष रूप से देश को ध्यान देना होगा. बिहार और झारखंड के राज्यों के मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं कि इस परियोजना को पूरा करने के लिए लिए दोनों ने मिलकर समझदारीपूर्ण कार्रवाई की. मैं बिहार और झारखंड के सांसदों का अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने मिलकर इस परियोजना को पूरी करने की बात रखी. बताया कि समस्या बिहार या झारखंड की नहीं, उस इलाके की समस्या है. किसानों के भले के लिए परियोजना को पूरा करने का दबाव सरकार पर बनाया.

-एक तरफ वो लोग हैं, जिनके लिए किसान सिर्फ वोट बैंक है. एक ओर हमलोग हैं, जिसके लिए हमारा किसान अन्नदाता है. यह फर्क है. जो पहले थे, उन्होंने किसान को वोट बैंक समझा. हम आपको अन्नदाता मानते हैं. आपकी हर समस्या का ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं.

-वो बिहार के गुनहगार हैं कि नहीं. वे झारखंड के गुनहगार हैं कि नहीं. ऐसे गुनहगारों को सजा मिलनी चाहिए कि नहीं. ऐसे गुनहगारों के खिलाफ मोदी को लड़ना चाहिए कि नहीं. एक चौकीदार को काम करना चाहिए कि नहीं.

-आजादी के बाद इतने सालों तक देश कैसे चला है, यह परियोजना उसकी गवाही देता है.

-जिस परियोजना को 30 करोड़ में पूरा होना था उसे करीब 2400 करोड़ रुपये में पूरा किया जायेगा. पूरे देश को यह रकम चुकानी होगी. जिन्होंने ऐसा किया है, वे समाज के गुनहगार हैं कि नहीं. वे किसानों के गुनहगार हैं कि नहीं. वे आपके गुनहगार हैं कि नहीं,

-सूखा प्रभावित क्षेत्र में किसानों के साथ की गयी आपराधिक लापरवाही है कि नहीं. किसानों के साथ यह योजना ठगी के साथ ही देश के ईमानदार करदाताओं के साथ बेईमानी का भी सबूत है.

-47 साल पुरानी परियोजना खंडहर की तरह खड़ी हैं. फाइलें लटकती रहीं, भटकती रहीं. 25 साल से एक तरह से इस परियोजना का काम ठप है.

-3 लाख से ज्यादा लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होगा

-14 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि सिंचित होगी झारखंड में

-जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछायी जायेगी.

-किसानों को सशक्त करने के लिए जिन योजनाओं पर काम होना चाहिए था, उनको लेकर पहले की सरकारों का क्या रवैया रहा, उसकी गवाही यहां की उत्तर कोयल परियोजना दे रही है. ये मंडल डैम प्रोजेक्ट उसकी गवाही है.

-किसान की आय को दोगुना करने की योजना का हिस्सा है आज की परियोजनाएं

-प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों को नये साल में नये पक्के मकान में प्रवेश की डबल बधाई.

-नये साल की शुभकामनाएं दीं. बोले : आपके सहयोग की वजह से विकास की गति तेज हुई है.

-पलामू को वीर प्रसूता धरती कहा. बोले : स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर ने अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिये थे. पलामू के हर वीर, हर बेटी को नमन करता हूं.

-लोगों के उमंग और उत्साह से गद्गद् हुए प्रधानमंत्री मोदी. सर झुकाकर आये हुए लोगों का अभिनंदन किया, नमन किया.

-पलामू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन शुरू

-झारखंड के गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार के साथ-साथ बिहार के औरंगाबाद और गया में खत्म हो जायेगी पेयजल और सिंचाई की समस्या

-पीएम ने मंडल डैम समेत 6 परियोजनाओं का किया शिलान्यास

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पांच लाभुकों को घर की चाबी प्रदान की.

 

-रघुवर बोले : मां-बेटे का इतिहास दलाली और कमीशनखोरी का है, लोग परेशान हैं. इसलिए गरीब मोदी को सत्ता से हटाने के लिए सभी बेईमान और जनविरोधी लोग एकजुट हो गये हैं.

-किसानों को ब्याजमुक्त ऋण देने का फैसला किया है.

-किसान की आय को दोगुना करने के लिए ग्लोबल एग्रिकल्चर फूड समिट किया. 10 हजार किसानों ने भाग लिया. इसमें 8 देशों के लोग शामिल हुए. कृषि वैज्ञानिकों ने कार्यक्रम में शिरकत की. झारखंड सरकार किसानों की आय चार गुणा करने पर काम कर रही है.

-तकनीक का इस्तेमाल कर झारखंड के किसानों को उन्नत खेती करने के लिए किसानों को इस्राइल भेजा. 50 महिला समेत 100 किसानों को हम इस्राइल भेज रहे हैं.

-हम 2014 के बदहाल झारखंड की तुलना आज के झारखंड से होनी चाहिए. झारखंड को लूटने वाली कांग्रेस पार्टी से लोग सवाल पूछें कि उन्होंने जनता की भलाई के लिए कोई काम क्यों नहीं किया.

-झारखंड सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं मुख्यमंत्री रघुवर दास

-सिंचित भूमि का क्षेत्र दोगुना हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में.

-शास्त्री ने जवानों और किसानों के लिए ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा दिया था. अटल जी ने इसे ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ के नारे में बदल दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें अनुसंधान को जोड़ते हुए नया नारा दिया है : जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान.

-अप्रैल में किसानों के लिए अलग फीडर के माध्यम से हर दिन छह घंटा निर्बाध बिजली की आपूर्ति करेंगे.

47 साल से बंद पड़े मंडल डैम परियोजना के पुनरोद्धार कार्य का शिलान्यास करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पलामू पहुंच चुके हैं. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयास से डैम का पुनरोद्धार हो रहा है. इससे किसानों में नयी आस जगी है. सुखाड़ प्रभावित इस क्षेत्र के किसान अब साल में दो-तीन फसल उगा सकेंगे. उन्होंने कहा कि कनहर परियोजना को भी उनकी सरकार पूरी करवायेगी.

 

पलामू/रांची : प्रधानमंत्री के पलामू दौरे को लेकर पूरा पलामू प्रमंडल हाई अलर्ट पर है. सीमाओं को सील कर दिया गया है. स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) और एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) ने सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल ली है. केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ जिला पुलिस की टीम इलाके में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चला रही है.

नक्सल प्रभावित इलाका होने की वजह से पलामू के निकटवर्ती जिलों में भी नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पलामू, लातेहार, गढ़वा समेत अन्य जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है कि वह सीमावर्ती इलाकों में विशेष चौकसी बरतें. तीनों जिलों में नक्सलियों की घेराबंदी कर अभियान भी चलाया जा रहा है. साथ ही नक्सली समर्थकों को भी चिह्नित कर लिया गया है. उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है.

विशेष अलर्ट जारी

राज्य पुलिस मुख्यालय ने पलामू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है. आइजी आशीष बत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति पलामू में की गयी है. राज्य पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी शुक्रवार से ही पलामू में कैंप कर रहे हैं.

एयरपोर्ट से सभा स्थल तक अभेद्य सुरक्षा

एसपीजी की टीम ने कार्यक्रम स्थल के वीवीआईपी एरिया को अपने कब्जे में ले लिया है. वहीं झारखंड एटीएस की टीम और बम निरोधक दस्ता सभा स्थल के आसपास मुस्तैद है. सभा स्थल पर रहने वाले अधिकांश अधिकारियों को वायरलेस सेट दिया गया है, ताकि मोबाइल जैमर ऑन होने के बाद वे आपस में संवाद कर सकें.

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