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  • Mar 15 2019 7:49AM

मुंबई में ढहा ‘कसाब पुल': लाल बत्ती के कारण बची कई की जान, बोले सीएम- होगी हाई लेवल जांच

मुंबई में ढहा ‘कसाब पुल': लाल बत्ती के कारण बची कई की जान, बोले सीएम- होगी हाई लेवल जांच

मुंबई : दक्षिणी मुंबई में एक रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार शाम पैदल पार (फुट ओवर) पुल का बड़ा हिस्सा ढह जाने से छह लोगों की मौत हो गयी जबकि 32 अन्य घायल हो गये. प्रसिद्ध सीएसएमटी स्टेशन के पास स्थित इस पुल को आम तौर पर ‘कसाब पुल' के नाम से जाना जाता है क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान आतंकवादी इसी पुल से गुजरे थे.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को घायलों से मुलाकात की. उन्होंने कहा करीब 10 लोग वार्ड में भर्ती हैं, वहीं एक आईसीयू में है. सभी खतरे से बाहर हैं. एफआईआर रजिस्टर हो गयी है. मामले की हाई लेवल जांच होगी.

आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में ले जाया गया है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब पुल ढहा तब पास के सिग्नल पर लाल बत्ती के चलते ट्रैफिक रुका हुआ था और इसी कारण ज्यादा मौतें नहीं हुई. वहीं अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि आज सुबह पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा था इसके बावजूद इसका इस्तेमाल किया गया.

अधिकारी ने बताया कि घटना शाम साढ़े सात बजे हुई जब पुल का अधिकांश हिस्सा गिर गया.

उन्होंने बताया, “दमकल कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है. हमने मोटर यात्रियों से डी एन मार्ग से लेकर जे जे फ्लाईओवर तक के रास्ते पर जाने से बचने के लिए कहा है.”

मुंबई पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘सीएसटी के प्लेटफॉर्म संख्या एक के उत्तरी छोर को टाइम्स ऑफ इंडिया इमारत के पास बीटी लेन से जोड़ने वाला पैदल पार पुल ढह गया है. यातायात प्रभावित हो गया है. यात्री अन्य मार्गों का इस्तेमाल करें. वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं.”

पुलिस प्रवक्ता मंजूनाथ सिंगे ने बताया कि मृतकों की पहचान अपूर्वा प्रभु (35), रंजना ताम्बे (40), भक्ति शिंदे (40), जाहिद शिराज खान (32) और टी सिंह (35) के रूप में हुई है. प्रभु और ताम्बे जीटी अस्पताल में काम करते थे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने मृतकों के परिजन के लिए पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि 40 साल पुराने इस पुल के गिरने की जांच एक उच्चस्तरीय समिति करेगी. घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. उनके इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी.

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