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  • May 19 2019 5:34PM
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गुफा में रिकॉर्ड 17 घंटे समय बिताने के बाद PM नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ-बदरीनाथ के किये दर्शन

गुफा में रिकॉर्ड 17 घंटे समय बिताने के बाद PM नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ-बदरीनाथ के किये दर्शन

देहरादून : गुफा में ध्यान-साधना करने तथा रिकार्ड 17 घंटे से भी ज्यादा का समय बिताने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिरों के दर्शन किये तथा पूजा अर्चना की. शनिवार को दोपहर करीब दो बजे केदारनाथ मंदिर के निकट पहाड़ में बनी गुफा के अंदर गये मोदी रविवार की सुबह करीब सात बजे बाहर निकले. गुफा से निकल कर उन्होंने सीधे केदारनाथ मंदिर का रूख किया. 

 

गुफा से मंदिर तक का करीब दो किलोमीटर का रास्ता उन्होंने छड़ी के सहारे पैदल तय किया. मंदिर पहुंचकर उन्होंने पूजा अर्चना की और भगवान शिव का जलाभिषेक किया. वह करीब आधा घंटा मंदिर के गर्भगृह के अंदर रहे जहां पुजारियों ने विधि विधान से पूजा संपन्न करायी. मंदिर से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद मीडिया से बातचीत में कामना की कि भगवान केदारनाथ का आशीर्वाद भारत और संपूर्ण मानव जाति पर बना रहे. 

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह भगवान से कुछ नहीं मांगते. उन्होंने कहा, 'मैं कुछ नहीं मांगता. मैं मांगने की प्रवृत्ति से सहमत भी नहीं हूं क्योंकि उसने आपको मांगने योग्य नहीं बनाया है बल्कि देने योग्य बनाया है. ईश्वर ने उसे देने योग्य क्षमता दी है उसे वह समाज देवता को देना चाहिए.' उन्होंने कहा, 'भगवान बाबा केदारनाथ का भारत ही नहीं पूरी मानव जाति के लिए, उनके सुख समृद्धि और कल्याण के लिये आशीर्वाद बना रहे.' 

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि केदारनाथ की आध्यात्मिक चेतना की भूमि पर उन्हें कई वर्षों से आने का अवसर मिलता रहा है. उन्होंने केदारनाथ आने की अनुमति देने के लिए चुनाव आयोग का भी आभार जताया और कहा कि इससे उन्हें दो दिन का विराम मिला. केदारनाथ के निकट एक गुफा में बिताये समय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान वह बाहर के वातावरण से पूरी तरह कटे रहे जहां कोई कम्युनिकेशन नहीं था. 

 

उन्होंने कहा कि वहां एक छोटी सी खिड़की से 24 घंटे केदारनाथ के दर्शन होते रहते हैं. केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास एक मिशन का काम है जिसमें प्रकृति, पर्यावरण और पर्यटन का ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि केदारनाथ के काम के लिए एक समर्पित टीम है जो बहुत मुस्तैदी से काम कर रही है. 

 

उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी समय-समय पर वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से वहां चल रहे कार्यों की निगरानी करते रहते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि सामान्यत: कपाट खुलने के बाद बहुत लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं लेकिन जो सैकड़ों लोग उन्हें सुविधा प्रदान करते हैं, उनका भी इसमें एक बड़ा योगदान है. मोदी ने कहा कि अब केदारनाथ में काम ठीक चल रहा है और मैं अपेक्षा करता हूं कि लोग सिंगापुर और दुबई जाने के अलावा केदारनाथ तथा भारत के अन्य जगहों पर भी जायें क्योंकि अपने देश में भी देखने लायक काफी कुछ है. 

 

उन्होंने मीडिया का भी आभार व्यक्त किया कि चुनाव की व्यस्तता के बावजूद वह केदारनाथ पहुंचे और इससे अच्छा संदेश जायेगा कि केदारनाथ में सुख सुविधाएं विकसित हो चुकी हैं. मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद मोदी केदारनाथ से हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ के लिए रवाना हो गये. कड़ी सुरक्षा के बीच प्रधानमंत्री सुबह दस बजे वायुसेना के एम आई हेलिकॉप्टर से बदरीनाथ धाम स्थित सेना के हेलिपैड पर उतरे. 

 

हेलिपैड से विशेष वाहन से बदरीनाथ पहुंचे प्रधानमंत्री ने अलकनंदा नदी पर बने पुल को पैदल पार कर 'सिंहद्वार' से मन्दिर में प्रवेश किया. श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मन्दिर के गर्भगृह में बीस मिनट तक भगवान नारायण की विशेष पूजा की और भगवान की स्वर्ण एवं कपूर आरती में शामिल हुए. 

 

उन्होंने बताया कि मंदिर के मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने वेद ऋचाओं के साथ भगवान विष्णु की विशेष पूजा संपन्न करवाई. मन्दिर समिति ने इस अवसर पर मोदी को भोजपत्र पर लिखे अभिनन्दन पत्र के अलावा, बदरीनाथ के समीप माणा गांव की स्थानीय ऊन से तैयार शाल तथा रिंगाल से तैयार टोकरी में भगवान बदरीविशाल के प्रसाद के रूप में चौलाई के लड्डू भी दिये. पूजा-अर्चना करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी मन्दिर परिसर में कुछ देर टहलते रहे. उसके बाद उन्होंने बदरीनाथ में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. 

 

बाद में वह बामणी गांव और माणा गांव वाले रास्तों पर मौजूद श्रद्धालुओं के पास पहुंचे जहां उन्होंने तीर्थयात्रियों की कुशलक्षेम पूछी. थपलियाल ने बताया कि इस दौरान समिति की ओर से उन्हें बदरीनाथ की यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर एक प्रतिवेदन भी दिया गया जिसमें मन्दिर के परिक्रमा परिसर के विस्तार किये जाने, बदरीनाथ में दूरसंचार सेवाओं को बेहतर किये जाने का आग्रह किया गया. 

 

थपलियाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी बदरीनाथ धाम की पूजा पाठ के बाद बहुत प्रसन्न नजर आ रहे थे. उन्होंने मन्दिर समिति के पदाधिकारियों और अधिकारियों को यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा देने के लिए तत्पर रहने को कहा. प्रधानमंत्री मोदी कल दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर पहुंचे थे.

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