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  • Oct 21 2019 8:24PM
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रक्षा मंत्री की चेतावनी- पाकिस्तान ने घुसपैठ जारी रखा तो सशस्त्र बल देते रहेंगे मुहंतोड़ जवाब

रक्षा मंत्री की चेतावनी- पाकिस्तान ने घुसपैठ जारी रखा तो सशस्त्र बल देते रहेंगे मुहंतोड़ जवाब

लेह : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय सेना ने घुसपैठ कराने की पाकिस्तान की कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया है और अगर पड़ोसी मुल्क ने घुसपैठ कराना बंद नहीं की तो ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी.

पूर्वी लद्दाख में श्योक नदी पर बनाये गये कर्नल चेवांग रिंचेन पुल के उदघटान समारोह में रक्षा मंत्री सिंह ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया. अपने संबोधन में सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए के अधिकतर प्रावधानों को हटाने के बाद लद्दाख क्षेत्र के सिर्फ दोस्त बनेंगे और दुश्मनों के लिए कोई गुंजाइश नहीं होगी. उन्होंने कहा, हमारे सशस्त्र बल कभी भी पाकिस्तानी पक्ष पर हमलावर नहीं हुए हैं. हमने कभी भी पहली गोली नहीं चलायी है. सिंह ने कहा कि लेकिन दूसरी ओर से आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन कर भारत की अखंडता को अस्थिर और कमजोर करने तथा संकट में डालने की कोशिशें की गयी हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया है.

गौरतलब है कि सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने रविवार को कहा था कि जम्मू कश्मीर के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से अकारण संघर्षविराम उल्लंघन के जवाब में भारतीय सेना ने तीन आतंकी अड्डों को नष्ट कर दिया है. सिंह ने कहा, अगर वे घुसपैठ कराना बंद नहीं करते हैं, तो हमारे सशस्त्र बल उन्हें मुंहतोड़ जवाब देना जारी रखेंगे जब तक वे (पाकिस्तान) ऐसी गतिविधियों को बंद नहीं करते हैं. अधिकारियों ने बताया कि देश में सबसे ऊंचाई पर बनाये गये कर्नल चेवांग रिंचेन पुल का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने किया है. यह पुल दुर्बुक और दौलत बेग ओडली के बीच बनाया गया है जो चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा से करीब 45 किलोमीटर दूर है.

इस मौके पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह, लद्दाख के सांसद जाम्यांग सेरिंग नामग्याल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. कर्नल चेवांग रिंचेन भारतीय सेना के अधिकारी थे और वह लद्दाख के रहने वाले थे. सिंह ने पुल का उदघाटन करने के बाद कहा, मैं डीबीओ जाने वाली सड़क पर सामरिक दृष्टि से अहम पुल 15 महीने के अंदर बनाने के लिए बीआरओ को बधाई देता हूं.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और चीन के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध है और सीमा के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच धारणागत मतभेद है, लेकिन दोनों ही पक्ष परिपक्वता के साथ इस मुद्दे से निपट रहे हैं. उन्होंने कहा, अब भारत और चीन के संबंध अच्छे हैं. हाल ही में चीन के राष्ट्रपति (शी जिनपिंग) ने महाबलीपुरम में हमारे प्रधानमंत्री के साथ लंबी बैठक की, लेकिन उन्होंने कश्मीर मुद्दे का जिक्र नहीं किया क्योंकि चीन इसे एक आंतरिक मामला मानता है. रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन द्वारा सभी देशों से आतंकवाद से समन्वित तरीके से लड़ने को लेकर दिये बयान का स्वागत किया गया है. उन्होंने कहा, दोनों देशों ने स्थिति को बढ़ने या नियंत्रण से बाहर जाने नहीं दिया.

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