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  • Feb 11 2019 5:46PM

चिट फंड घोटाला : कोलकाता पुलिस प्रमुख, पूर्व तृणमूल सांसद सीबीआई के समक्ष हुए पेश

चिट फंड घोटाला : कोलकाता पुलिस प्रमुख, पूर्व तृणमूल सांसद सीबीआई के समक्ष हुए पेश
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शिलांग : कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद कुणाल घोष चिटफंड मामलों में पूछताछ के लिए सोमवार को सीबीआई के समक्ष पेश हुए. कुमार सोमवार को तीसरे दिन और घोष दूसरे दिन सीबीआई के समक्ष पेश हुए.

इस संबंध में एक अधिकारी ने को बताया कि घोष सुबह करीब 10 बजे सीबीआई कार्यालय पहुंचे, जबकि कुमार उनके एक घंटे बाद पहुंचे. उन्होंने बताया कि रविवार को जांच एजेंसी ने कुमार से अकेले और फिर घोष के साथ पूछताछ की थी. यह पूछताछ आठ घंटे से अधिक समय तक चली थी. तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद को 2013 में सारधा पोंजी घोटाले में गिरफ्तार किया गया था और 2016 से वह जमानत पर हैं. उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार सीबीआई दोनों से पूछताछ कर रही है. सीबीआई के तीन अधिकारियों ने कुमार से शनिवार को सारधा मामले में जरूरी सबूतों से छेड़छाड़ करने में उनकी कथित भूमिका को लेकर करीब नौ घंटे तक पूछताछ की थी. उनसे रविवार को रोज वैली मामले में भी पूछताछ की गयी.

सारधा घोटाले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कुमार ने किया था. बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी थी. दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि कुमार की पूछताछ सत्र की वीडियो बनाने की मांग को स्वीकार नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि ऐसा सिर्फ हिरासत में पूछताछ के दौरान किया जाता है. घोष ने इससे पहले भाजपा नेता मुकुल रॉय और 12 अन्य लोगों पर सारधा घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था. मुकुल रॉय एक समय पर बनर्जी के दाहिना हाथ हुआ करते थे. बाद में वह भाजपा में शामिल हो गये.

उच्चतम न्यायालय ने कुमार को सीबीआई के समक्ष पेश होने और मामलों की जांच में ईमानदारी से सहयोग करने का मंगलवार को निर्देश दिया था. अदालत ने ही पूछताछ के लिए शिलांग का चयन किया था ताकि सभी अनावश्यक विवाद से बचा जाये. साथ ही कुमार को गिरफ्तार ना किये जाने का आश्वासन भी दिया था. कुमार से कोलकाता स्थित उनके निवास पर अचानक पूछताछ के लिए पहुंचे सीबीआई अधिकारियों को कोलकाता पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद एजेंसी ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था. सीबीआई के इस कदम का विरोध करते हुए कोलकाता की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीन दिन तक धरना दिया था. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर तख्तापलट का आरोप भी लगाया था.

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