nalanda

  • Oct 17 2019 8:58AM
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नगर निगम ने इएसएसएल कंपनी का भुगतान रोका

 बिहारशरीफ : नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बुधवार को बैठक हुई. महापौर वीणा कुमारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक की शुरुआत में ही सदस्यों ने बैठक की सूचना विलंब से मिलने पर नाराजगीर जतायी. उनका कहना था कि किस स्तर से इसमें कोताही बरती गयी. मामले को बढ़ता देख नगर आयुक्त की अनुपस्थिति में उप नगर आयुक्त विनोद रजक ने इस पर खेद प्रकट करते हुए सदस्यों को आगे से इस तरह की लापरवाही नहीं करने का आश्वासन दिया.

 
 शहर में पानी की किल्लत को देखते हुए पिछली बैठक में दो बड़ा ट्रैक्टर व दो छोटा ट्रैक्टर के साथ ही दो बड़ी पान की टंकी एवं दो छोटी टंकी खरीदने का निर्णय लिया गया था. इसके बारे में सदस्यों ने जानकारी प्राप्त की. निगम क्षेत्र के खराब चापाकलों में से जो बनने लायक है, उसे ठीक करने के लिए मैकेनिकल इंजीनियर को कहा गया था. 
 
इसके बारे में सदस्यों ने जब मैकेनिकल इंजीनियर से जानकारी मांगी गयी तो उन्होंने किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी. इस पर उन्हें अंतिम चेतावनी दी गयी. अब तक हुई बैठकों में लिये गये निर्णयों में किस किस को अनुपालन किया गया है, कार्यपालक सहायक से इसकी सूची मांग गयी, लेकिन कार्यपालक सहायक बैठक में उपस्थित नहीं थे. 
 
इस संबंध में कार्यपालक सहायक से अनुपस्थित रहने का स्पष्टीकरण पूछा गया कि क्यों नहीं आदेश का अनुपालन नहीं करने के कारण आपकी सेवा समाप्त कर दिया जाये. उन्हें तीन दिनों के अंदर जवाब देने को कहा गया है. बगैर बोर्ड, समिति की सहमति के 50 हजार से अधिक की राशि खर्च नहीं किये जाने का निर्णय लिया गया. पिछली बैठक में निर्णय लिया गया था कि नगर निगम के अनुबंध कर्मियों को जिनका नियोजन नियमानुकूल है.
 
 उनकी सेवा विस्तार किया जाये. इसके लिए जांच की जायेगी. सदस्यों ने पूछा कि बिना जांच के ही उन्हें सेवा विस्तार किस आधार पर दे दिया गया है. प्रधान सहायक सह लेखापाल एवं नाजिर से कहा गया कि एक सप्ताह के अंदर महापौर को इस संबंध में जवाब दें. इएसएसएल की लाइट व्यवस्था में 60 प्रतिशत बल्व नहीं जलने की बात सदस्यों ने की. 
 
इस पर निर्णय लिया गया कि कंपनी के खिलाफ सरकार को लिखा जायेगा और फिलहाल उसके भुगतान पर रोक रहेगी. आज की बैठक में पिछले दिनों निकाले गये दो टेंडरों को रद्द करने का निर्णय लिया गया. इन टेंडरों को गैर जरूरी बताते हुए सदस्यों ने सर्वसम्मति से दोनों टेंडरों को निरस्त कर दिया. पिछली बैठक में लेखा जोखा संधारण के लिए किसी फर्म को रखने का निर्णय लिया गया था. 
 
इसके लिए क्रॉस कंसल्टेंसी की नियुक्ति किये जाने पर सदस्यों ने आपत्ति की. इस संबंध में महापौर ने नगर आयुक्त से विस्तृत ब्योरे की मांग  की है. बिना स्टैंडिंग कमेटी के निर्णय के कार्यपालक सहायक का वेतन बढ़ाने पर भी आपत्ति प्रकट की गयी. बैठक में उपमहापौर शर्मिली प्रवीण, सदस्य रंजय कुमार वर्मा, दिलीप कुमार, निलय गुप्ता, प्रदूमन कुमार, रमेश कुमार, जमील अख्तर आदि मौजूद थे.
 
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