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nalanda

  • May 21 2019 7:49AM
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मलेरिया बुखार : 618 की हुई जांच, पर नहीं मिला एक भी रोगी

 बिहारशरीफ : जिला मलेरिया बुखार की जांच के लिए 618 लोगों की जांच की गयी. लेकिन इसमें से एक भी मलेरिया का रोगी की पहचान नहीं हो सकी. मलेरिया रोगी को चिह्नित करने के लिए हर माह जिला मलेरिया विभाग की ओर से बुखार से पीड़ित लोगों के ब्लड के नमूने जांच के लिए संग्रह किये जाते हैं. 

 
संगृहीत नमूनों की जांच जिला मलेरिया विभाग की प्रयोगशाला में की जाती है. इसके अलावा पीएचसी स्तर पर भी इसकी जांच की सुविधा उपलब्ध है.
 
 जिला मलेरिया विभाग के मलेरिया इंस्पेक्टर चितरंजन कुमार ने बताया कि अप्रैल माह में जिले के विभिन्न प्रखंडों से मलेरिया के 618 संदिग्ध रोगियों के ब्लड के नमूने लिये गये थे, जिसकी जांच जिला मलेरिया की प्रयोगशाला व पीएचसी की प्रयोगशाला में की गयी. लेकिन एक भी रोगी में मलेरिया के लक्षण नहीं पाये गये.
 
अब तक 2207 ब्लड सैंपल की हुई जांच 
मलेरिया इंस्पेक्टर ने बताया कि चालू वर्ष में जनवरी से लेकर अप्रैल माह तक में 2207 ब्लड के सैंपल की जांच की गयी है, जिसमें से एक रोगी की पहचान हो सकी है. यानी कि इस वर्ष एक रोगी अब तक मिला है. 
 
उन्होंने बताया कि नालंदा जिला मलेरिया जोन नहीं है. बावजूद जिला मलेरिया विभाग सजग है. दो सप्ताह से बुखार से पीड़ित लोगों के ब्लड के नमूने मलेरिया जांच के लिए संग्रह किये जाते हैं. इसकी जांच दो तरह से होती है.
 
 माइक्रोस्कोपिंग व स्लाइड के माध्यम से की जाती है. दोनों तरह की जांच की सुविधाएं जिला मलेरिया की प्रयोगशाला समेत हरेक पीएचसी, अनुमंडलीय, सदर अस्पताल व रेफरल अस्पताल में भी उपलब्ध है. एलटी के द्वारा इसकी जांच की जाती है. उन्होंने बताया कि मलेरिया का समय पर इलाज बहुत ही जरूरी है.
 
 इसकी अनदेखी हरगिज नहीं करनी चाहिए. जैसे ही इसका लक्षण प्रतीत हो तो तुरंत निकट के अस्पताल में जाकर इसकी जांच करानी चाहिए. इसकी अनदेखी आपको परेशानी में डाल सकती है.अतैव लक्षण दिखने पर इलाज व जांच के प्रति तत्परता दिखानी चाहिए.
 
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