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muzaffarpur

  • Dec 3 2019 7:58AM
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बेटी शिवांगी की उपलब्धि पर बोले माता-पिता, नाज है बेटी पर, पूरे देश में हमें दी नयी पहचान

बेटी शिवांगी की उपलब्धि पर बोले माता-पिता, नाज है बेटी पर, पूरे देश में हमें दी नयी पहचान

वरीय संवाददाता @ मुजफ्फरपुर

देश की पहली महिला पायलट बनीं शिवांगी के परिवार के लिए सोमवार का दिन बेहद खास बन गया. कोच्चि नेवल बेस कैंप में पासिंग आउट परेड के बाद शिवांगी ने ऑपरेशनल ड्यूटी ज्वॉइन की, तो उनके माता-पिता भी उस शानदार पल का गवाह बने. 

पिता हरिभूषण सिंह ने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर नाज है. उसने हमें पूरे देश में नयी पहचान दे दी है, जो किसी भी पिता के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी. शिवांगी के पिता हरिभूषण और मां प्रियंका 28 नवंबर से ही कोच्चि में है. 'प्रभात खबर' से बातचीत में शिक्षक हरिभूषण सिंह ने कहा कि बेटी ने जो सपना देखा, उसे अपनी जिद और लगन से पूरा किया. हमने बस हर कदम पर उसका साथ दिया. उसकी कामयाबी पर पूरा भरोसा था. 

शहर के भगवानपुर सर गणेशदत्त नगर में रहनेवाले हरिभूषण और प्रियंका के दो बेटी और एक बेटा है, जिसमें शिवांगी बड़ी है. माता-पिता के लिए अविस्मरीय पल भावुक करनेवाला भी था, जब बेटी को पहली महिला पायलट का बैच मिल रहा था. कहा कि उस वक्त सबकी नजर उन लोगों पर ही थी. मां प्रियंका ने कहा कि इससे बड़ी खुशी क्या होगी कि उनकी बेटी देश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गयी है. शिवांगी बचपन से ही हर काम को पूरे लगन से करती थी. उसने जब सेना में जाने का निर्णय लिया, तब भी हमने उसका सही फैसला मानकर साथ दिया. आज हमारी बेटी देश की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है.

बच्चों को ही सपना देखने और पूरा करने दें

शिवांगी के पिता ने कहा कि हमने कभी उसे रोका-टोका नहीं. उसने जो भी निर्णय लिया, उस पर पूरा परिवार साथ रहा. अन्य अभिभावकों को भी संदेश दिया कि बच्चों को उनके भविष्य का निर्णय खुद करने दें. उनके सपने होंगे, तो उसे पूरा करने के लिए वे जुनून के साथ परिश्रम करेंगे. ऐसा करने से उनके अंदर आत्मविश्वास भी जगेगा.

जनवरी में होगी थर्ट स्टेप की ट्रेनिंग

सब लेफ्टिनेंट शिवांगी ने पासिंग आउट के पास करने के बाद सोमवार को नौसेना ज्वाइन किया. उन्हें निगरानी विमान उड़ाने की जिम्मेदारी दी जायेगी. उनकी तैनाती कोच्चि में ही की गयी है. निगरानी विमान कम दूरी के समुद्री मिशन पर भेजे जाते हैं. ड्यूटी के दौरान ही थर्ड स्टेप की ट्रेनिंग भी होनी है. जनवरी के तीसरे हफ्ते से यह ट्रेनिंग संभावित है, जो छह महीने की होगी.

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