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muzaffarpur

  • Jul 19 2019 7:47AM
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जिस बच्चे की मार्मिक तस्वीर ने पूरे देश को झकझोरा, उसकी मौत मामले में आयी चौंकाने वाली सच्चाई

जिस बच्चे की मार्मिक तस्वीर ने पूरे देश को झकझोरा, उसकी मौत मामले में आयी चौंकाने वाली सच्चाई
बिहार में बाढ़ का कहर जारी है. बाढ़ के पानी में डूबने से तीन साल के बच्चे अर्जुन की मौत की तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया. गुरुवार को उसकी तस्वीरें वायरल हुईं. अर्जुन अपने एक भाई और बहन के साथ डूबा था जबकि उसकी मां और एक बहन को ग्रामीणों ने बचा लिया था. गुरुवार शाम जब बहन ने इस घटना की सच्चाई बतायी तो लोगों के होश उड़ गए.....
 
मीनापुर/मुजफ्फरपुर : मीनापुर थाने की रानीखैरा पंचायत के शीतलपट्टी गांव में तीन बच्चों की डूबने से हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. पुलिस का कहना है कि मां रीना देवी ने अपने बच्चों को बागमती की उपधारा में धक्का देकर गिरा दिया और खुद भी कूद गयी. इससे तीन बच्चों की मौत हो गयी, जबकि रीना और उसकी बेटी राधा को लोगों ने सुरक्षित बचा लिया. 
 
गुरुवार की देर रात रीना  के खिलाफ पति शत्रुघ्न राम के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. इससे पहले पांच घंटे की पूछताछ के बाद शत्रुघ्न ने पत्नी के साथ विवाद की बात स्वीकार की. शीतलपट्टी में तीन बच्चों- ज्योति, राजकुमार और अर्जुन की मौत मंगलवार को डूबने से हो गयी थी. पहले यह खबर आयी थी कि कपड़ा धो रही महिला अपने बच्चों को बचाने के लिए नदी में कूद गयी थी. मृत तीन माह के अर्जुन की तस्वीर वायरल होने के बाद गुरुवार को हरकत में आये प्रशासन ने जांच शुरू की. 
 
मौत के मुंह से बाहर निकली आठ वर्षीय राधा कुमारी ने पुलिस को बताया है कि घटना के एक घंटे पहले पापा का फोन पर मां से विवाद हुआ था. इसके बाद मां ने सबको नदी में डूबा दिया. सीओ व अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद डीएम आलोक रंजन घोष ने स्पष्ट कहा कि अब यह बाढ़ में डूबने का मामला नहीं है. यह बिल्कुल आपराधिक मामला है. इसमें बच्चों की हत्या की गयी है. इसमें किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया जायेगा. साथ ही जांच के लिए टीम गठित कर दी गयी है. इसी आधार पर कार्रवाई होगी. इस बीच, डीएसपी पूर्वी गौरव पांडेय व सिवाइपट्टी थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने गांव में पहुंच कर मामले की जांच की. 
 
मां रीना देवी हिरासत में, प्राथमिकी दर्ज

पैसे को लेकर पति से फोन पर हुई थी पत्नी की बकझक
 
पुलिस के मुताबिक, बच्चे के पिता शत्रुघ्न राम पंजाब में मजदूरी करते हैं. उनकी पत्नी को टीबी की बीमारी है. शत्रुघ्न बेटे की छठ्ठी में आया था. उसे पंजाब गये दो महीनों से कम हुआ है. पत्नी के इलाज में दो लाख से अधिक कर्ज है. उसने ग्रामीणों के अलावा बहन से भी कर्ज ले रखा है.बाहर से कमाकर पैसा भेजा था. उस पैसे में से कर्जदार को लौटाने के लिए बोला था. इसी को लेकर फोन पर तीखी नोकझोक हुई थी. 

मां बोली :  चारों बउआ के बैठा के कपड़ा साफ करे लगली
 
मां रीना देवी ने कहा कि चारों बच्चों को नदी किनारे बैठा दिये थे. पेट खराब रहने के कारण बच्चा का कपड़ा खराब हो गया था. इस कारण कपड़ा धोने चली गयी. इसके बाद कुछ याद नहीं है. पिता शत्रुघ्न राम ने कहा कि उसका पत्नी से कोई विवाद नहीं था. उसे घटना की जानकारी मिली तो वह पंजाब से एसकेएमसीएच पहुंचा.
 
उठ रहे सवाल
 
1 घटना के 48 घंटे के बाद पुलिस-प्रशासन ने जांच क्यों शुरू की
2 घटना के दिन सीओ व थानाध्यक्ष वहां मौजूद थे, उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की
3 सीओ ने कहा था कि डूबने से मौत हुई है.
तीन बच्चों के पानी में डूबने की घटना का बाढ़ से कोई लेना-देना नही है. यह पूरी तरह आपराधिक घटना है, जिसे बच्चों की मां रीना देवी ने अंजाम दिया. 
-आलोक रंजन घोष, डीएम, मुजफ्फरपुर
 

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