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monghyr

  • Mar 20 2019 5:35AM
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भोजपुरी पर भारी पड़ रहे हिंदी होली गीत

 मुंगेर :  होली का त्योहार हमें आपसी मेल-जोल के मिठास की सौगात देता है़   यह पूरी तरह से हर्ष व उल्लास का त्योहार है, जिसे बच्चे, बूढ़े तथा महिला व पुरुष पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं. इस त्योहर में गीतों का एक अलग ही मेल है़  गीत के बिना यह त्योहर बिलकुल फीका रह जायेगा़  

 
 होली का त्योहार आते ही चारों ओर होली के गीत बजने लगते हैं, जो लोगों के होली के रंगों से सराबोर करने लगती है़  होली को लेकर भोजपुरी, मैथिली, अंगिका तथा हिंदी फिल्मी होली के गीत हर तरफ धूम मचाये हुए है़   जिसमें भोजपुरी तथा हिंदी होली गीतों का काफी डिमांड है़  हालांकि भोजपुरी पर हिंदी फिल्मों के होली गीत अधिक भारी पड़ रहे हैं. 
 
बाजार में भोजपुरी गायक पवन सिंह, कलुआ, मनोज तिवारी, कल्पना, सुनील छैला बिहारी, देवी तथा अन्य भुजपूरी गायकों के दर्जनों लेटेस्ट होली गीत के एलबम उतारे गये हैं. जिसमें इस बार पुलवामा की घटना तथा अभिनंदन के बहादुरी का भी बखान किया गया है. वहीं कई होली के गीत में लोक सभा चुनाव को भी साधा गया है. किंतु पिछले साल के तरह इस बार भी भोजपुरी गीतों पर हिंदी के होली गीत भारी पड़ रहे हैं.
 
 अधिकांश भोजपुरी गीतों में फूहड़ता होने के कारण लोग इसे अपने घरों में बजाने से बचते हैं, वहीं सवारी वाहनों में भी हिंदी के होली गीतों को ही बजाया जा रहा है़  'रंगबरसे भींगे चुनर वाली, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, जोगी जी धीरे- धीरे' सहित अन्य होली के गीत काफी पुराने होने के बावजूद लोगों की पहली पसंद बनी हुई है़  
 
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