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madhubani

  • Aug 7 2019 2:33AM
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नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक को आजीवन कारावास

फैसला : तीन वर्ष पूर्व हुई थी घटना, जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा

 
मधुबनी : लौकही थाना क्षेत्र में करीब तीन वर्ष पूर्व आठ वर्षीय नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले को लेकर प्रथम एडीजे सह विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मो. इशरत उल्लाह के न्यायालय में सजा के बिंदु पर मंगलवार को सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों के दलील सुनने के बाद लौकही थाना क्षेत्र के साननपट्टी निवासी आरोपी राजेंद्र यादव को दफा 376 भादवि आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी है.
 
साथ ही न्यायालय ने एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. साथ ही न्यायालय ने अन्य दफा 4 एवं 6 पोक्सो अधिनियम के तहत दोनों धाराओं में बीस- बीस वर्ष कठिन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही दस- दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है.

अभियोजन ने की थी फांसी की मांग
 
न्यायालय में उक्त मामले में अभियोजन की ओर से बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक शशि भूषण यादव ने न्यायालय से कहा कि आरोपी ने आठ वर्ष की एक मासूम बच्ची को जबरदस्ती बल पूर्वक अपने हवस का शिकार बनाया जो कि जघन्य अपराध है. ऐसे व्यक्ति को इस कृत्य के लिए फांसी की सजा दी जाए.
 
जिससे समाज में ऐसा संदेह जाए और कोई ऐसी गलती करने के लिए भय हो. वहीं बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता कमल नारायण यादव ने बहस करते हुए अधिक उम्र की वास्ता देते हुए कम से कम सजा की मांग की. न्यायालय ने दोनों पक्षों के सुनने के बाद आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी.
 
क्या था मामला. अभियोजन के अनुसार 30 मार्च 2017 को शाम में 5.30 बजे पीड़िता आरोपी राजेंद्र यादव के यहां टीवी देखने गई थी. वहीं और आए बच्चों के साथ उसके आंगन में खेल रही थी. इसी दौरान आरोपी ने उसे घर में बुलाकर दुष्कर्म किया था. पीड़िता के चिल्लाने पर अन्य बच्चों द्वारा दरवाजा पीटने पर दरवाजा खोला था. बाद में पीड़िता बेहोश हो गयी थी. इस बावत लौकही थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
 
क्षतिपूर्ति देने का आदेश. न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भी निर्देश दिया है कि पीड़िता को विक्टिम कंपनशेसन अधिनियम के तहत नियमानुसार उचित मुआवजा की राशि प्रदान किया जाए.
 
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