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madhubani

  • Jul 11 2017 4:53AM

शिवालयों में भक्तों का लगा रहा तांता

 सावन. पहली सोमवारी को मंदिरों में उमड़ी श्रद्वालुओं की भीड़

 सकरी/पंडौल  : रविवार देर रात से हो रही मूसलधार बारिश के बावजूद भी सोमवार को अहले सुबह से ही शिवालयों मेंं श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ महादेव की पूजा करने पहुंचे. सावन मास के पहले दिन ही सोमवारी होने से इसका विशेष महत्व माना जा रहा है. ऐसे मेंं भगवान भोलेनाथ के मंदिरों मेंं दिन भर श्रद्धालु भक्तों का तांता लगा रहा. प्रखंड क्षेत्र के भवानीपुर गांव स्थित प्रसिद्ध उग्रनाथ महादेव मंदिर परिसर मेंं रविवार की शाम से ही सिमरिया से गंगाजल लेकर श्रद्धालु भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था.
 
मंदिर परिसर मेंं समस्त ग्रामीणों एवं अन्य माध्यमों के सहयोग से उगना धाम पर पहुंचने वाले सभी भक्तजनों के लिए रात्रि मेंं भोजन का प्रबंध किया गया था. सोमवार को भारी वर्षा के बीच सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया. मंदिर का पट खुलते ही पूजा करने के लिए लंबी कतारें लग गई. हर हर महादेव के जयकारे से समस्त वातावरण गुंजायमान होता रहा. वहीं पंडौल बाजार स्थित महावीर स्थान, कमलपुर स्थित महादेव मंदिर, सरिसवपाही स्थित महादेव स्थानव भगवतीपुर स्थित भुवनेश्वर महादेव मंदिर सहित प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों मेंं श्रद्धालुओंने दिन भर पूजा अर्चना किया.
 
महिलाओं ने महादेव मंदिरों मेंं पूजा करने के बाद पीपल वृक्ष के नीचे सोमवार व्रत कथा का श्रवण करने के साथ ही मन वांछित फल प्राप्ति की कामना की. शाम को सूर्यास्त के उपरांत शिव भक्त उपासकों ने फलाहार कर व्रत तोड़ा. 
 
फुलपरास .अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न  शिव मंदिरो में श्रावण की  प्रथम सोमवारी को लेकर सुबह से ही हर हर महादेव के नारो के साथ भक्तजनो के द्वारा जलाभिषेक किया गया. अनुमंडल क्षेत्र के सबसे पुराने शिवालय हुलासपटी गांव अवस्थित जागेश्वर बाबा मंदिर में काफी संख्या में भक्तों  के द्वारा विभिन्न नदियो के पवित्र जलो से जलाभिषेक किया गया. मंदिर कमिटि के द्वारा महिला और पुरुष के द्वारा दो अलग -अलग कतारबद्ध तरीको से जलभिषेक किया .इसके आलावा ब्रहमपुर के शिवमंदिर में अनुमंडल मुख्यालय के फलेश्वर वावा मंदिर में किसनी पटी गांव  के अदभुतनाथ बाबा मंदिर बथनेश्वर नाथ मंदिर ,
 
गरीबनाथ मंदिर के आलावा अन्य सभी शिवालयो मेंं सुबह से ही काफी संख्या में भक्तों के द्वारा जलाभिषेक किया गया. सुबह ही हर हर महादेव की नारो के साथ काफी संख्या में भक्त  पहुंच कर सभी शिवालयो के जलाभिषेक किया गया . अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा सभी मंदिरो में सुरक्षा को लेकर पुलिस और दंडाधिकारी को प्रतिनियुक्त कर दिया था .सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था. पूर्ण शांति व्यवस्था में सभी मंदिरो में प्रथम सोमवारी को लेकर जलाभिषेक किया गया.  
 
खाजेडीह. सावन की प्रथम सोमवारी पर प्रखंड क्षेत्र के श्रद्धालुओ ने विभिन्न शिवालयो मेंं जलाभिषेक किया. महिलाओं ने उपवास रखते हुए भगवान शिव की पूजा अर्चना की. पदमा, खाजेडीह एवं बेलाही मेंं कांवरिया सेवा समिति के द्वारा कांवरियो का भव्य स्वागत किया गया. खाजेडीह स्थित कांवरिया सेवा समिति के द्वारा एक महीने तक संध्या भजन का आयोजन किया गया है. गायक देबू पासवान के द्वारा इसकी शुरूआत की गई. समिति के अध्यक्ष रामदेव यादव ने बताया
 
की प्रति वर्ष की तरह इस वार भी दस हजार कांवरियो के ठहरने की व्यवस्था  की गई है. इस अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के प्रायः सभी शिवालयो को सुंदर तरीके से सजाया गया है. प्रखंड क्षेत्र मेंं लगभग 105 ऐसे शिवालय हैं. जहां प्रति सोमवारी को कम से कम पांच हजार कांवरियो द्वारा जलाभिषेक किया जाता है. कांवरियो की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा की कड़ी वयबसथा की गई है.
 
मधेपुर. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में सावन की प्रथम सोमवारी को पूजा अर्चना व जलाभिषेक को श्रद्धालुओं की भीड़ दिनभर उमड़ी रही़  लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने उपवास रखा तथा शिवालयों में पहुंचकर पूजा-अर्चना व जलाभिषेक किया़  मधेपुर बाजार के बुढ़ानाथ महादेव मंदिर, पुरानी बस स्टैंड स्थित बाबा छंठनेश्वरनाथ महादेव मंदिर,
 
रहुआ संग्राम गांव के प्रसिद्व पारसमणिनाथ महादेव मंदिर, भीठभगवानपुर गांव के विदेश्वरनाथ मंदिर, बांकी कुशौल गांव के घनेश्वरनाथ महादेव मंदिर, बाबा बांकेश्वरनाथ महादेव मंदिर सहित अन्य सभी गांवों के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की़  बुढ़ानाथ  महादेव मंदिर में सैकड़ों कांवरियों ने कमला नदी से जलभर कर जलाभिषेक किया़  इस अवसर पर प्रशासन के द्वारा विभिन्न मंदिरों पर सुरक्षा के इंतजाम किया गया था़
 
लौकही. विभिन्न शिवालयों में  शिव भक्तों ने बोल बम के नारों के बीच जलाभिषेक किया. मौके पर मंदिर परिसर को पूरी तरह सजाया गया था. कई मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया.
 
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