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  • Apr 20 2017 8:08PM

भाजपा कार्यकर्ताओं को योगी की हिदायत, कानून हाथ में ना लें

भाजपा कार्यकर्ताओं को योगी की हिदायत, कानून हाथ में ना लें

झांसी : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज भाजपा कार्यकर्ताओं को विकास कार्यों में कोई गडबडी होने पर कानून हाथ में ना लेने की हिदायत देते हुए कहा कि वे गलत काम की शिकायत केवल अपने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से ही करें.  इससे सरकार बेहतर ढंग से काम कर सकेगी. योगी ने अपने बुंदेलखण्ड दौरे के दौरान यहां भाजपा कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा, कानून को हाथ में मत लीजिये.  आप केवल अपने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को गलत कार्य के बारे में बताइये. 
 

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बुंदेलखण्ड के लिये सिंचाई की सभी बडी योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा करें और उसकी रिपोर्ट सम्बन्धित मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय को दें.  अगर आप यह काम करेंगे तो हम बेहतर कार्य कर सकेंगे.  उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष में तो धरना प्रदर्शन सब चलता था, मगर अब आप सत्ता में हैं, अब धरना प्रदर्शन आपका काम नहीं है. आपका काम है शासन की योजनाओं का प्रचार करना. 

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 बुंदेलखण्ड के विकास के लिये अपनी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बुंदेलखण्ड को छह लेन की सडक के जरिये नई दिल्ली से जोडने की नई योजना पर काम कर रही है. इसका मतलब होगा बुंदेलखण्ड में उद्योगों से आने वाले पांच वर्षों में यहां के लाखों नौजवानों को रोजगार मिलेगा .इससे यहां से पलायन रकेगा.
 
उन्होंने ‘गरीबी हटाओ' का नारा देने वाली कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, ‘‘जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने, तो करोडों लोगों के पास बैंक खाता नहीं था.आज 28 करोड लोगों के जन-धन खाते खुल चुके हैं, जो लोग देश में गरीबी हटाओ की बात करते थे, उन्होंने इन लोगों के लिये कोई नीति नहीं बनायी थी.कोई समाजवाद के नाम पर वामवाद के नाम पर समाज को बांटता था लेकिन योजनाओं का लाभ समाज तक नहीं पहुंचता था।' योगी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपनी तैयारी को संगठनात्मक दृष्टि से आगे बढाएं.हर वर्ग को अपने साथ जोडें, किसी भी तरह का कोई दुराव ना हो.अगर सबको जोडें तो यह ऐसी राष्ट्रवादी व्यवस्था का चेहरा हो सकता है जहां हर कोई अपनी बात कह सकेगा.
 

योगी की पुलिस को नसीहत : बदलें कार्यप्रणाली 

जनता में पुलिस की छवि सुधारनी होगी.  पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों में भय व्याप्त हो और जनता को सुरक्षा का एहसास हो. ' वह यहां शास्त्री भवन में गृह, सतर्कता और कारगार विभाग का प्रस्तुतिकरण देख रहे थे.मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पुलिस अपनी कार्य प्रणाली और व्यवहार में परिवर्तन लाए, जिससे जनता को सुरक्षा महसूस हो सके और समाज में शान्ति का वातावरण कायम रहे. ' योगी ने सभी प्रकार के माफियाओं के विरुद्घ भी अभियान चलाकर कडी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस थानों व यूपी-100 की कार्यप्रणाली को और चुस्त-दुरुस्त बनाने की आवश्यकता है. यूपी-100 द्वारा घटना की जानकारी देने वाले व्यक्ति को किसी भी हाल में परेशान न किया जाए.पुलिस से सम्बन्धित सभी महकमों में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगे.
 
उन्होंने कहा कि पुलिस आम जनता से सीधा संवाद करे और छोटी से छोटी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए, उसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर कार्रवाई करे, जिससे ऐसी घटनाएं किसी बडे खतरे का कारण न बन सकें. मुख्यमंत्री ने कहा कि नए थानों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए और भारत सरकार को प्रेषित किया जाए.केंद्र सरकार के सहयोग से थाना निर्माण की योजना को पुनर्जीवित किया जाए.
 
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को भेदभाव रहित और भ्रष्टाचार मुक्त किया जाए.भर्तियों में खामियों की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए.भर्तियों में खामियों की वजह से ही कई वाद उत्पन्न होते हैं और न्यायालय को हस्तक्षेप करना पडता है. इस कारण भर्तियां प्रभावित होती हैं और विलम्ब होता है.
 
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस से जुडे सभी विभाग कार्य योजना बनाकर अच्छी पुलिसिंग की दिशा में कार्य करना सुनिश्चित करें.उत्तर प्रदेश एक बडा राज्य है और संसाधनों की कमी भी है किन्तु पुलिस अपनी कार्य प्रणाली और चरित्र से ऐसा परिवर्तन लाए, जिससे आम जनता की पीडा का निवारण हो सके.
 
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करना हम सबका नैतिक दायित्व है. सुरक्षा और शान्ति के लिए खतरा पैदा करने वाले लोगों को चिन्ह्ति कर कार्रवाई की जाए.सतर्कता और सक्रियता ही पुलिस का मूल मंत्र होना चाहिए.' योगी ने कहा कि थानों में जन सुविधाओं का प्रावधान किया जाए और वहां पर जनता के साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार किया जाए.सुरक्षा के साथ जो कोई भी खिलवाड करे, उसे सख्ती से रोका जाए.उत्पीडन, आतंक और एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर शीघ्रता से कार्रवाई की जाए.
 
उन्होंने पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली अपनाए जाने पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस विभाग के अन्दर भी ऐसे लोगों को चिन्ह्ति किया जाए, जो अपराधियों और असामाजिक तत्वों से जुडे हुए हैं. उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के आन्तरिक अनुशासन पर बल दिया.
 
योगी ने पुलिस आधुनिकीकरण और संसाधनों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस को आधुनिकतम उपकरणों और नवीनतम तकनीक से लैस रहना होगा.महिलाओं और मानवाधिकारों की सुरक्षा एक बडी चुनौती है, जिससे निपटना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए.
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