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  • Sep 22 2019 11:33AM
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चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लॉ की छात्रा जल्द होगी गिरफ्तार ?

चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लॉ की छात्रा जल्द होगी गिरफ्तार ?

शाहजहांपुर : पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद की गिरफ्तारी के बीच विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भाजपा नेता पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लॉ छात्रा और उसके तीन मित्रों पर रंगदारी के प्रकरण में मामला दर्ज किया है. जेल भेजे गये चिन्मयनांद पर बलात्कार और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाने वाली लॉ स्टूडेंट को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है. एसआईटी के सूत्रों ने कहा कि चिन्मयानंद से जबरन धन वसूलने के मामले में दोस्त संजय सिंह और दो चचेरे भाइयों (सचिन और विक्रम) के साथ इस साजिश में पीड़िता भी शामिल थी.

सूत्रों की मानें तो चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप मढ़ने वाली लड़की पर भी रंगदारी, आपराधिक धमकी एवं साक्ष्य गायब करने के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है. इधर, चिन्मयानंद के वकील के मुताबिक चिन्मयानंद की जमानत अर्जी शनिवार अदालत में नहीं दी जा सकी क्योंकि स्थानीय वकील हड़ताल पर थे. ये वकील शाहजहांपुर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ से संबद्ध करने की मांग कर रहे हैं.

चिन्मयानंद को कोई विशिष्ट सुविधा नहीं

जिला कारागार अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि चिन्मयानंद को कोई विशिष्ट सुविधा नहीं दी गयी है. उन्होंने आम कैदी की तरह पहली रात बैरक में गुजारी. कुमार ने बताया कि चिन्मयानंद ने शुक्रवार को दोपहर और रात का भोजन किया और रात लगभग साढ़े दस बजे सोने चले गये. वह सुबह साढ़े तीन बजे उठे. उन्होंने बताया कि चिन्मयानंद ने घंटे भर ध्यान किया और सुबह अपनी बैरक में चहलकदमी की. आपको बता दें कि एसआईटी ने शुक्रवार को चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया था. उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

चिन्मयानंद को है किये पर शर्मिन्दगी

बताया जाता है कि चिन्मयानंद ने एसआईटी से कहा कि उन्हें अपने किये पर शर्मिन्दगी है. चिन्मयानंद को जब महिला द्वारा उनका मसाज करने का वीडियो दिखाया गया तो उन्होंने एसआईटी से कहा कि जब आपको सब पता है तो मुझे कुछ नहीं कहना. मैं अपना जुर्म स्वीकारता हूं और मुझे अपने किये पर शर्मिन्दगी है. चिन्मयानंद की गिरफ्तारी के तुरंत बाद पीड़िता ने कहा कि स्वामी को जिन आरोपों में गिरफ्तार किया गया है, वह उससे संतुष्ट नहीं है. यह मामला कमजोर करने का प्रयास है. उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है, जो मामले की जांच कर रही है.

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