Advertisement

lucknow

  • Feb 9 2019 3:15PM
Advertisement

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बोलीं मायावती मीडिया और भाजपा के लोग कटी पतंग न बने तो बेहतर

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बोलीं मायावती मीडिया और भाजपा के लोग कटी पतंग न बने तो बेहतर

 
लखनऊ :
सुप्रीम कोर्ट ने बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती और उनकी पार्टी के चुनाव चिह्न की मूर्तियों के विषय जो टिप्पणी की है उसपर मायावती ने कहा कि मीडिया कृपा करके न्यायालय की टिप्पणी को तोड़मरोड़ कर पेश न करे और मीडिया और भाजपा के लोग कटी पतंग न बनें तो बेहतर है.

मायावती ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, 'सदियों से तिरस्कृत दलित तथा पिछड़े वर्ग में जन्मे महान संतों, गुरुओं तथा महापुरुषों के आदर-सम्मान में निर्मित भव्य स्थल / स्मारक / पार्क आदि उत्तर प्रदेश की नई शान, पहचान तथा व्यस्त पर्यटन स्थल हैं, जिसके कारण सरकार को नियमित आय भी होती है.' उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में कहा, ‘‘ मीडिया कृपा करके माननीय उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश न करे. माननीय न्यायालय में अपना पक्ष ज़रूर पूरी मजबूती के साथ आगे भी रखा जायेगा.

राहुल बाबा एंड कंपनी ने पिछले 55 सालों में वह नहीं किया, जो मोदी सरकार ने 55 महीने में करने की कोशिश की : अमित शाह






हमें पूरा भरोसा है कि इस मामले में भी न्यायालय से पूरा इंसाफ मिलेगा. मीडिया तथा भाजपा के लोग कटी पतंग न बनें तो बेहतर है.' गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा था कि उसे ऐसा लगता है कि बसपा प्रमुख मायावती को लखनऊ और नोएडा में अपनी तथा बसपा के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियां बनवाने पर खर्च किया गया सारा सरकारी धन लौटाना होगा.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने एक अधिवक्ता की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की थी. अधिवक्ता रविकांत ने 2009 में दायर अपनी याचिका में दलील दी है कि सार्वजनिक धन का प्रयोग अपनी मूर्तियां बनवाने और राजनीतिक दल का प्रचार करने के लिए नहीं किया जा सकता. 

 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement