latehar

  • Jul 17 2019 1:58AM
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कचरा प्लांट नहीं लगाने देने पर अड़े ग्रामीण

 ग्रामीणों को समझाने गये एसी,एसडीओ वापस लौटे, ग्रामीणों का विरोध बरकरार


अधिकारियों की टीम हरखा गांव गयी, नहीं निकला नतीजा,  हरखा में लगनेवाले कचरा प्लांट का ग्रामीण कर रहे हैं विरोध
 
लातेहार : जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर हरखा गांव में  मंगलवार को कचरा प्लांट लगाने के लिए गांववालों से बात करने गयी अधिकारियों की टीम को एक बार फिर खाली हाथ वापस लौटना पड़ा. उल्लेखनीय है कि डेढ़ माह से ग्रामीण प्रशासन द्वारा प्लांट लगाने का लगातार िवरोध कर रहे हैं.
 
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन ने गांववालों से कचरा प्लांट लगाने के लिए आपसी सहमति के लिए गांव में बैठक कर समस्या का हल निकालने का प्रयास किया था.
 
गांववाले एक ही बात पर अड़े हुए हैं कि कचरा प्लांट हरखा में नहीं लगने दिया जायेगा. अधिकारियों की टीम में अपर समाहर्ता नेलशम एयोन बागे, एसडीओ जय प्रकाश झा, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अरुण भारती, सीओ हरीश कुमार और सदर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता शामिल थे. सबसे पहले नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अरुण भारती ने गांववालों को बताया कि कचरा प्रबंधन प्लांट के लगने से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं है.
 
आपको किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुचेगा. वहीं अपर समाहर्ता नेलशम एयोन बागे ने कहा कि कचरा प्लांट से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा. सरकार जनता की सुविधा के लिए होती है न की उसके नुकसान के लिए. अधिकारियों की बात सुनने के बाद ग्रामीणों ने सपाट शब्दों में कहा कि कुछ भी हो जाये हमलोग गांव में कचरा का प्लांट नहीं लगने देंगे. लगभग एक घंटे तक अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाया, लेकिन नतीजा सिफर रहा.
 
अधिकारियों की बात ग्रामीण सुनते रहे और यह कहते रहें कि किसी भी कीमत पर गांव में कचरा प्लांट नहीं लगने देंगे. ग्रामीणों से बात करने के बाद कोई निर्णय नहीं होने पर अधिकारियों ने हरखा विद्यालय के बंद कमरे में आपस में विचार-विमर्श के बाद गांव से वापस लौट गये. ज्ञात हो कि नगर पंचायत का हरखा गांव में 10 करोड़ रुपये की लागत से कचरा प्रबंधन प्लांट लगाने की योजना है. कचरा प्लांट लगाने के लिए वर्ष 2017 में जिला प्रशासन ने नगर पंचायत को पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराया है. 
 
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