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latehar

  • Jun 1 2019 12:45AM
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21 हजार छात्रों पर मात्र 267 शिक्षक

 राजकीयकृत उवि सात, परियोजना उवि छह व अपग्रेड उवि की कुल संख्या 56

जिले सभी कोटि के कुल 70 उच्च विद्यालय हैं

यह आंकड़ा कक्षा वर्ग नौ व 10 का 

नेतरहाट को छोड़ कहीं नहीं हैं प्राचार्य

जिले के 69 उच्च विद्यालय प्रभारी प्राचार्य के भरोसे
 
लातेहार : जिले में शुरू से उच्च शिक्षा का अभाव रहा है. राज्य के अति पिछड़े जिले में शामिल लातेहार शिक्षा के क्षेत्र में आज भी संपूर्ण विकास की ओर अग्रसर नहीं हो सका है. जिले में सभी कोटि के कुल 70 उच्च विद्यालय हैं, जिसमें 21034 छात्र अध्ययनरत हैं. यह आंकड़ा वर्ग नौ व 10 के छात्रों की है. विद्यालय की बात करें, तो राजकीय विद्यालय एक नेतरहाट है.
 
वहीं राजकीयकृत उच्च विद्यालय की संख्या सात, परियोजना उच्च विद्यालय छह व अपग्रेड उच्च विद्यालय की कुल संख्या 56 हैं. वहीं इसमें पढ़ाने वाले शिक्षकों की कुल संख्या 267 हैं. विभाग के आंकड़े बताते है कि सभी विद्यालयों में कुल मिला कर 771 शिक्षकों का पद स्वीकृत हैं. जिले के उच्च विद्यालयों में अभी भी 504 शिक्षकों का पद रिक्त हैं. दूसरी सबसे आश्चर्य पहलू यह है कि नेतरहाट विद्यालय को छोड़ दे, तो सभी विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य कार्यरत हैं.
 
कहा जाये तो जिले के 69 उच्च विद्यालय प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहे हैं. कई विद्यालयों में विज्ञान व गणित के शिक्षकों का पद वर्षों से रिक्त है. सात लाख, 26 हजार, 978 है जिले की जनसंख्या, जिसकी साक्षरता दर 59.51 प्रतिशत है. महिला साक्षरता 48.68 व पुरुष साक्षरता 69.51 प्रतिशत है.
 
इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में जिले को राज्य में 23वां स्थान प्राप्त हुआ है. जिला निर्माण के बाद तेजी से विकास के नाम पर लाखों रुपये खर्च हुए, लेकिन शिक्षा के स्तर में अपेक्षा कृत सुधार नहीं हो सका. उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र होने का दंश झेल रहे जिले के कई विद्यालयों में बच्चों को पढ़ने के लिए सीआरपीएफ ने कई कदम उठायें, पुस्तकालय खोले, लेकिन उसके बाद भी  शिक्षा के क्षेत्र में आज भी लातेहार अग्रणी जिला में शामिल नहीं हो सका.
 
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