Advertisement

kodarma

  • Apr 24 2015 8:04PM

सात वर्ष की उम्र में पहली बार किया भागवत कथा

फोटो - 24 कोडपी 14 प्रवचनकर्ता देवी चित्रलेखा झुमरीतिलैया. प्रवचनकर्ता देवी चित्रलेखा ने होटल सूर्या में प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि उनका जन्म 19 जनवरी 1997 को वृजधाम वृंदावन में हुआ था. चार वर्ष की उम्र में उन्हें श्रीश्री गिरधारी दास बाबा उर्फ बंगाली बाबा से शिक्षा की प्राप्ति हुई. घर में भक्ति का वातावरण बचपन से ही देखते आ रही हूं. उन्होंने बताया कि रमेश बाबा के कहने पर परिवार की पहली सदस्य के रूप में तपोवन में पहली बार सात वर्ष की उम्र में भागवत कथा किया. उन्होंने बताया कि अब तक 11 वर्षों में 150 बार भागवत कथा कह चुकी हूं. उन्होंने बताया कि वह स्नातक की पढ़ाई वाणिज्य विषय से कर रही हैं. संस्कृत की भी पढ़ाई कर रही है. उन्होंने बताया कि उनकी माता का नाम वृजलता शर्मा व पिता का नाम पंडित टीका राम शर्मा व भाई का नाम प्रत्यक्ष शर्मा है. इनका होडल हरियाणा में वर्ल्ड संकीर्तन टूर ट्रस्ट के अंदर गोशाला व गो अस्पताल भी है, जिसकी देखरेख इनके पिता करते हैं. अस्पताल की स्थापना उन्होंने अपने जन्म दिवस 19 जनवरी 2014 को की थी. अस्पताल संचालन का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी गाय बीमारी से न मरे. देवीजी का कहना है कि वो हिंदी, अंगरेजी, बंगला में भी कथा वाचन कर सकती हैं. उन्होंने अपना प्रेरणाश्रोत वृंदावन के विनोद बाबा को बताया.
Advertisement

Comments

Advertisement