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kodarma

  • Jan 8 2019 9:12PM

तिलैया में दारूका इंटरप्राइजेज की अवैध माइका फैक्ट्री में छापेमारी, फैक्‍ट्री सील

तिलैया में दारूका इंटरप्राइजेज की अवैध माइका फैक्ट्री में छापेमारी, फैक्‍ट्री सील

- जिला खनन टास्क फोर्स की टीम ने की छापेमारी, 60 टन ढिबरा, 35 टन माइका फ्लैक्स व 30 टन माइका डस्ट बरामद 

प्रतिनिधि, झुमरीतिलैया

जिले में अवैध रूप से चल रहे माइका के कारोबार पर मंगलवार को खनन टास्क फोर्स की टीम ने कार्रवाई की. डीएफओ सूरज कुमार सिंह व एसडीओ केके राजहंस के नेतृत्व में शहर के विश्रामबाग रोड में हुई छापामारी के दौरान अवैध रूप से संचालित माइका फैक्ट्री (दारूका इंटरप्राइजेज) का पर्दाफाश हुआ. 

 

टीम को यहां पर करीब सौ टन से अधिक माइका व ढिबरा का स्टॉक मिला. साथ ही करीब दो दर्जन मजदूर यहां कार्य कर रहे थे. बिना लाइसेंस के चल रहे इस फैक्ट्री सह गोदाम को प्रशासनिक टीम ने सील कर दिया है. वहीं अवैध तौर पर संचालित दारूका इंटरप्राइजेज के मालिक महेश दारूका के विरुद्व देर शाम तिलैया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी. 

 

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध माइका के कारोबारियों में हड़कंप है. जानकारी के अनुसार टीम को सूचना मिली थी कि झुमरीतिलैया शहर के विभिन्न इलाकों में माइका अवैध रूप से डंप कर इसकी प्रोसेसिंग की जा रही है. सूचना के आधार पर टीम दोपहर बाद यहां पहुंची. विश्रामबाग रोड में लंबे क्षेत्रफल में संचालित फैक्ट्री में बड़े स्तर पर माइका प्रोसेसिंग का कार्य संचालित हो रहा था. 

 

टीम यहां की स्थिति देख हैरान रह गयी. फैक्ट्री सह गोदाम के विभिन्न जगहों पर बोरा व खुले में भारी मात्रा में माइका व ढिबरा डंप किया हुआ था. जबकि, करीब 20 मजदूर जिसमें अधिकतर महिलाएं थीं. माइका की कटाई छटाई का काम कर रही थी. छापेमारी की सूचना मिलते ही संचालक फरार हो गया. 

 

जांच के दौरान टीम को यहां करीब 60 टन ढिबरा, 35 टन माइका फ्लैक्स, 30 टन माइका डस्ट का स्टॉक मिला. इसकी जप्ति सूची बनाकर उक्त फैक्ट्री को सील कर दिया गया. वहीं कार्य कर रहे मजदूरों व गार्ड को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया. छापेमारी टीम में एसडीपीओ ओम प्रकाश, जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर, रेंजर केके ओझा, तिलैया थाना के एएसआई निशांत अहमद, संजय शर्मा के अलावा महिला पुलिस बल भी शामिल था. छापेमारी के बाद डीएमओ मिहिर सलकर ने आवेदन देकर तिलैया थाना में मामला दर्ज कराया है. 

 

बिना लाइसेंस संचालित हो रही थी फैक्ट्री : एसडीओ

एसडीओ केके राजहंस ने बताया कि दारूका इंटरप्राइजेज में माइका स्क्रैप, पाउडर, फ्लैक्स का कार्य अवैध तरीके से किया जा रहा था. यहां न फैक्ट्री संचालन का लाइसेंस है और न ही भंडारण का. भारी मात्रा में माइका डंप किया हुआ है. ऐसे में इस बात की जांच की जायेगी कि उक्त माइका आया कहां से. इसके लिए सैंपल जप्त कर वन विभाग व अन्य की मदद ली जा रही है.

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