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kodarma

  • Mar 15 2017 2:46PM

कोडरमा में पुलिस पिटाई से दलित की मौत

कोडरमा में पुलिस पिटाई से दलित की मौत


 
होली पर चौकीदार को रंग लगाने के संदेह में की पिटाई
एसपी ने कहा है, मामले की निष्पक्ष जांच करायी जायेगी
मृतक की पत्नी ने कहा, थाने में अपशब्द व जातिसूचक शब्द कहा


कोडरमा : कोडरमा में एक दलित व्यक्ति की पुलिस की पिटाई से मौत हो गयी है. उस दलित व्यक्ति की पिटाई भी प्रेम और भाईचारा के पर्व होली के दिन एक चौकीदार पर रंग-गुलाल दिये जाने मात्र से की गयी. लोगों द्वारा रंग दिया जाना चौकीदार को पसंद नहीं आया और वह अपनी पुलिसिया रौब दिखाते हुए थाने पहुंच गया और वहां शिकायत कर दी.  इसके बाद पुलिस वाले मौके पर पहुंचे और प्रदीप चौधरी नामक दलित व्यक्ति की न सिर्फ वहां पिटाई की, बल्कि बेहोश होने पर उसे अस्पताल ले गये, वहां इलाज करा कर होश में लाया और फिर थाने ले जाकर पिटाई की. मामला कोडरमा जिले के सतगांवा थाना का है. मृतक इसी थाना क्षेत्र में पड़ने वाले टेहरो गांव का रहने वाला था. मृतक के पूरे शरीर पर पिटाई के दाग साफ दिख रहे हैं.

 


बेरहमी से की गयी पिटाई के निशान.

इस शर्मनाक घटना के संबंध में मृतक प्रदीप चौधरी की पत्नी जसवा देवी ने अनुसूचित जाति-जनजाति थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.हालांकि पुलिस ने परिजनों का आवेदन लेने से मना कर दिया है. पुलिस फर्द बयां बना कर यूडी केस दर्ज कर रही है. मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उनकी कोई नहीं सुन रहा है. फिलहाल शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड के द्वारा कराये जाने की तैयारी चल रही है.एसपी एसके झा ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है. उन्होंने कहा है कि इस मामले की मजिस्ट्रेट से जांच करायी जायेगी और मेडिकल बोर्ड गठन कर पोस्टमार्टम कराया जायेगा.


मृतक प्रदीप चौधरी की पत्नी जसवा देवी ने थाने को दिये आवेदन में लिखा है कि होली के दिन 13 मार्च को उनके  पति गांव के कुछ लोगों के साथ होली खेलने निकले थे, जिसके बाद उन्हें जानकारी मिली की प्रदीप चौधरी को पुलिस उठा ले गयी है. पता चला कि सतगांवा थाने के एक चौकीदार को किसी ने अबीर लगा दिया. यह मामला थाना तक पहुंच गया. इसके बाद पुलिस मौके पर आयी, तबतक अन्य ग्रामीण वहां से हट गये थे, लेकिन प्रदीप चौधरी वहीं खड़े थे. पुलिस ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे वह नीचे जमीन पर गिर गये. गंभीर रूप से चोट लगने के कारण वह बेहोश हो गये. इसके बाद पुलिस उन्हें अस्पताल ले गयी और फिर वहां इलाज करा कर उसे थाने ले गयी.


एंबुलेंस में शव के साथ परिजन.


जसवा देवी ने कहा है कि वह अपने रिश्ते के भाई अश्विनी चौधरी के साथ रात में सतगांवा थाना गयी और थाना प्रभारी से आग्रह किया कि उनके पति को छोड़ दे, वह निर्दोष हैं. वह उनके सामने गिड़गिड़ायी थीं, लेकिन थाना प्रभारी ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहा और दारू चुलाने वाली व गुंडा पालने वाली बताया. जसवा देवी के अनुसार, उनके भाई का कॉलर पकड़ कर उन्हें धमकी दी गयी और कहा कि रात में थाना आता है, तेरी हिम्मत कैसे हुई? भागता है कि नहीं...इसके बाद वे लोग डर से थाने से चले गये.


मृतक की पत्नी व बेटा.

जसवा देवी ने कहा है कि सुबह मेरे फुफेरे भाई के जरिये मेरे पति प्रदीप चौधरी को मोटरसाइकिल से घर भेज दिया गया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ने लगी थी. शुरू में उन्हें सतगांवा अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर वहां से कोडरमा सदर अस्पताल ले जाया गया. कोडरमा सदर अस्पताल से उन्हें रिम्स, रांची रेफर कर दिया और इलाज के लिए रांची ले जाये जाने के क्रम में रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी.

 मृतक के शव की तसवीर (नीचे)



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