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khagaria

  • Aug 24 2019 7:50AM
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गंगा के जलस्तर में वृद्धि, गंडक भी बौराई, गोगरी में बाढ़ का संकट

गंगा के जलस्तर में वृद्धि, गंडक भी बौराई, गोगरी में बाढ़ का संकट

 गोगरी : गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से गोगरी के कई इलाके में बाढ़ जैसे हालात हो गये हैं.  गंडक नदी भी बौराई हुई है. नदी किनारे स्थित गांवों सहित निचले इलाके में नदी का पानी प्रवेश कर गया है. पिछले 24 घंटे से जल स्तर में व्यापक बढ़ोतरी हुई है.गंगा गुरुवार को जहां एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही थी. 

 
वहीं शुक्रवार से जल स्तर में प्रति घंटा 2 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने लगी है.  संभावित बाढ़ के दृष्टिकोण से बेहद चिंताजनक है. गंगा का जल स्तर जिस कदर बढ़ रहा है,मानो एक बार फिर से वर्ष 2013 व 2016 की पुनरावृत्ति करना चाहता है. पिछले 24 घंटे से गंगा का जलस्तर प्रति घंटे 2 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ा है. 
 
बढ़ते जलस्तर से बाढ़ के संकेत : जलस्तर में वृद्धि की यह रफ्तार बाढ़ का ही संकेत है.  गंगा में उफान को देख लोग अभी से ही भयभीत होने लगे हैं. शुक्रवार की दोपहर 3 बजे गंगा का जल स्तर बढ़ कर 38.38 मीटर तक पहुंच गया जबकि खतरे की निशान 39.33 मीटर से 0.95 मीटर नीचे बह रही है.
 
रामपुर और बौरना में घुसा बाढ़ का पानी
गोगरी प्रखंड के बौरना और रामपुर के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी के चपेट में आकर घिर गया है.पानी के बढ़ने की रफ़्तार को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि रात भर में पूरा गांव बाढ़ के चपेट में आ जायेगा. लोग अपने-अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी अभी से ही शुरू कर दिया है.
 
गंगा मैया को मना रहे दियारावासी : गंगा के उफनाते पानी को देख दियारावासी काफी भयभीत होने लगे हैं.लोगों का मानना है कि जब भी गंगा मैया क्रोधित होती है,अपना रौद्र रूप धारण कर लेती है. प्रलयंकारी बाढ़ लाकर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर देती है.
 
इसी बात को लेकर दियारा क्षेत्र में लोग शाम होते ही ढोल-मंजीरा लेकर गंगा मैया की मनौती करने लगे हैं.लोग गंगा से विनती कर उनसे शांत रहने की गुहार कर रहे हैं.किंतु जल स्तर में तीव्रता से हो रही बढ़ोतरी शुभ संकेत नहीं दे रहे.
 
बाढ़ की आहट से उड़ी रातों की नींद : जलस्तर में बढ़ोतरी की यही रफ्तार रही तो शनिवार की सुबह आठ बजे तक गंगा खतरे के निशान 39.33 मीटर को आसानी से पार हो जायेगी.गंगा के इस प्रलयंकारी रूप को देख कर दियारावासियों की रात की नींद उड़ गयी है. 
 
38.38 मीटर पहुंचा गंगा जलस्तर : पिछले मंगलवार को गंगा का जलस्तर स्थिर देख लोगों ने यह सोचा था कि अब अगले तीन-चार दिनों तक जलस्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. लेकिन बुधवार से ही जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी.
 
 वहीं गुरुवार को तो गंगा के जलस्तर में एक बार फिर से उफान आ गया.दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर शुक्रवार की सुबह 8 बजे तक 38.33 और दोपहर 3 बजे 38.38 मीटर तक पहुंच गया.वहीं केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के अनुसार हाथीदह तथा पटना के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
 
वहीं सहायक नदियां भी इन दिनों गंगा के जलस्तर को बढ़ा रही हैं.ऐसे में अब बाढ़ का आना तय माना जा रहा है.गंगा के बढ़ते जलस्तर ने पहले दियारा क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ में लगी फसल को अपनी चपेट में ले लिया और अब बाढ़ के पानी ने दियारा के गांव को घेर लिया है. गंगा में जलस्तर में बढ़ोत्तरी के साथ बौरना गांव के बाहर बने रिंग बांध पिछले वर्ष गंगा के तेज कटाव में बह गया था.  
 
शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने के साथ ही गांव में बाढ़ का पानी फैलना शुरू कर दिया. बौरना के मुखिया यासमीन, जदयू जिला उपाध्यक्ष नासिर इकबाल और ग्रामीणों के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए जेसीबी मंगवाया गया और टूटे हुए रिंग बांध पर मिट्टी डालकर उसे मरम्मत किया गया
 
रविवार से गंगा के जलस्तर में हो सकती है कमी
खगड़िया :  गुरुवार को जहां हर घंटे में जलस्तर एक सेंटीमीटर बढ़ रहा था, वहीं शुक्रवार को प्रतिघंटा आधा सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी़ केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार देर शाम गंगा का जलस्तर 38.51 मीटर पर स्थिर हो गया है. बताया गया कि वाराणसी, इलाहाबाद, बक्सर तथा पटना सभी जगहों पर गंगा के जलस्तर में कमी होने लगी है. 
 
जिसके कारण संभवत: रविवार से यहां मुंगेर के जलस्तर में भी गिरावट होने की संभावना है. गंगा की ऊपरी स्थिति को देखा जाये जो अब अगले एक सप्ताह तक जलस्तर में बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है. हालांकि वर्तमान स्थिति के कारण खास कर दियारावासी थोड़े भयभीत जरूर हो गये हैं.
 
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