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ranchi

  • Jan 20 2019 7:10AM

रांची : स्कूलों में पठन-पाठन सामान्य, पारा शिक्षकों को एक जनवरी से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय

रांची : स्कूलों में पठन-पाठन सामान्य, पारा शिक्षकों को एक जनवरी से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष गठन की प्रक्रिया जल्द होगी पूरी, सरकार देगी 10 करोड़
राज्य गठन के बाद एक बार में पारा शिक्षकों के मानदेय में इतनी अधिक बढ़ोतरी कभी नहीं  
 
रांची : पारा शिक्षकों की हड़ताल समाप्त होने के बाद राज्य के स्कूलों में शनिवार से पठन-पाठन सामान्य हो गया. हड़ताल के बाद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी शनिवार को शुक्रवार की तुलना अधिक थी. इधर, मानदेय बढ़ोतरी के बाद सरकार ने पारा शिक्षकों के मानदेय भुगतान की तैयारी भी शुरू कर दी है. 
 
हड़ताल पर जाने के पूर्व पारा शिक्षकों का जो मानदेय बकाया है, उसका भुगतान जल्द कर दिया जायेगा. 15 नवंबर के पूर्व पारा शिक्षकों का एक माह का मानदेय बकाया है. पारा शिक्षकों को बढ़ा हुआ मानदेय का भुगतान एक जनवरी 2019 से किया जायेगा. इस संबंध में राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा पत्र जल्द जारी कर दिया जायेगा. राज्य गठन के बाद पारा शिक्षकों के मानदेय में एक बार में इतनी अधिक बढ़ोतरी कभी नहीं हुई थी. राज्य के पारा शिक्षकों का अब अधिकतम मानदेय 15 हजार रुपये हो गया है. 
 
पारा शिक्षकों के मानदेय में अधिकतम 4836 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. आंदोलन के पूर्व पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर गठित कमेटी ने टेट पास पारा शिक्षकों के मानदेय में लगभग दो हजार रुपये की बढ़ोतरी की अनुशंसा की थी. कमेटी अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी की अनुशंसा नहीं की थी. आंदोलन के पूर्व जहां अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ाेतरी का कोई प्रस्ताव नहीं था, वहीं आंदोलन के बाद अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के मानदेय में 2200 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई.  
 
प्राथमिक विद्यालय के अप्रशिक्षित पारा शिक्षक को अब 10500 व उच्च प्राथमिक विद्यालय के अप्रशिक्षित पारा शिक्षक को अब 11500 रुपये मानदेय मिलेगा. पारा शिक्षकों की हड़ताल अवधि के मानदेय भुगतान को विभाग ने स्वीकृति नहीं दी है. पारा शिक्षक हड़ताल अवधि के मानदेय भुगतान की भी मांग कर रहे हैं. 
 
मानदेय बढ़ोतरी से सरकार पर सालाना लगभग 250 करोड़ का वित्तीय बोझ

बायोमेट्रिक्स उपस्थिति बनाने का निर्देश
 
रांची : हड़ताल से वापस लाैटे पारा शिक्षकों को प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में अविलंब योगदान कराना सुनिश्चित किया जाये. साथ ही पारा शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक्स उपस्थिति बनाना भी सुनिश्चित कराया जाये.
 
झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना के निदेशक उमाशंकर सिंह ने शनिवार को यह निर्देश राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीइअो) व जिला शिक्षा अधीक्षकों (डीएसइ) को दिया है. दिये गये निर्देश में यह भी कहा गया है कि बायोमेट्रिक्स उपस्थिति के आधार पर ही पारा शिक्षकों का मानदेय भुगतान किया जायेगा. विद्यालयवार टैबलेट का रजिस्ट्रेशन, पारा शिक्षकों का बायोमेट्रिक्स पंजीकरण व टैबलेट का हस्तांतरण भी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
 
पारा शिक्षक कल्याण कोष के गठन को स्वीकृति
 
पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष के गठन को भी सरकार ने स्वीकृति दे दी है. कल्याण कोष के लिए सरकार की ओर दस करोड़ रुपये का अनुदान दिया जायेगा. कल्याण कोष में पारा शिक्षकों के लिए कई कल्याणकारी प्रावधान किये गये  हैं. काेष में पारा शिक्षकों के निधन होने पर परिजनों को ढाई लाख रुपये  देने का प्रावधान किया गया है.  कोष में पारा शिक्षक प्रतिमाह दो सौ रुपये अंशदान के रूप में  देंगे. कल्याण कोष गठन का प्रस्ताव पंजीयन के लिए निबंधन विभाग काे भेजा  जायेगा. 
 

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