dhanbad

  • Dec 7 2019 7:10AM
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लालगढ़ तोड़ने को बेचैन भाजपा ने लाल को ही भगवा में बदला, अपर्णा को उतारा, जानें निरसा विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

लालगढ़ तोड़ने को बेचैन भाजपा ने लाल को ही भगवा में बदला, अपर्णा को उतारा, जानें निरसा विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा
अरिंदम चक्रवर्ती
 
कुल वोटर
303518
पुरुष वोटर
160648
महिला वोटर
 
निरसा : कोयलांचल के निरसा में लालगढ़ का किला ढाहने के लिए भगवा ब्रिगेड बेचैन है. पिछले चुनाव में काफी कम मार्जिन से मासस के अरुप चटर्जी जीत पाये थे. इस बार भाजपा ने कभी लाल झंडा (फॉरवर्ड ब्लॉक) से जीतने वाली अपर्णा सेनगुप्ता को ही प्रत्याशी बना दिया है. 
 
अपर्णा सेनगुप्ता मधु कोड़ा सरकार में मंत्री थीं. 1970-80 के दशक में उद्योग नगरी के रूप में पूरे देश भर में पहचान रखने वाला निरसा आज उद्योग विहीन हो गया है. हालांकि, मैथन पावर लिमिटेड (एमपीएल) खुलने से यहां थोड़ी जान आयी. लेकिन, औद्योगिक माहौल नहीं रहने के कारण एमपीएल का सेकेंड फेज धरातल पर नहीं उतर पाया. 1977 के बाद इस सीट पर एक बार कांग्रेस (1985 में)  जीती थी. 1985 के पहले दो चुनाव में निर्दलीय जीतने वाले कृपाशंकर चटर्जी को कांग्रेस ने प्रत्याशी बना दिया था.
 
1985 के बाद से इस सीट से तीन बार मासस के गुरुदास चटर्जी और अरुप चटर्जी जीतते रहे हैं. बीच (2005) में सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित पार्टी फॉरवर्ड ब्लॉक से अपर्णा सेन गुप्ता जीती थीं. हालांकि इस सीट पर भाजपा कभी जीत नहीं सकी है. भाजपा इस सीट पर उम्मीदवार बदलती रही है, इस बार तो फॉरवर्ड ब्लॉक  पार्टी से िवधायक रह चुकी अर्पणा को टिकट दिया है, जिसके कारण यह सीट राेचक हाे गया है.
 
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो हुए
 
1. सात सौ करोड़ की जलापूर्ति योजना
2. ओम बेस्को कंपनी चालू हुई
3. राजकीय पॉलिटेक्निक खुला
 
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो नहीं हुए 
 
1. अधूरा है बरबेंदिया पुल का निर्माण
2. चालू नहीं हुआ रेफरल अस्पताल 
3. 120 दुकानों का आवंटन नहीं हो पाया
 
विकास की गंगा बहायी : चटर्जी
 
विधायक अरुप चटर्जी ने कहा कि उन्होंने निरसा में विकास की गंगा बहायी. 734 करोड़ की लागत से कई योजनाएं पूरी की गयी. निरसा-गोविंदपुर मल्टीविलेज वाटर सप्लाई योजना, बिजली सब-स्टेशन का निर्माण, गांव की सड़क व मुख्य सड़क का निर्माण हुआ.
 
लाल से हुआ विनाश : गणेश मिश्र 
 
गणेश मिश्र कहते हैं कि लाल झंडा ने बीते 40 वर्षों में निरसा का विकास नहीं बल्कि विनाश कर दिया है. विधायक की निष्क्रियता व अकर्मन्यता के कारण निरसा में उद्योग बंद हो गये. जो भी उद्योग बचा है, वहां मजदूर समस्या के नाम पर ये दहशत पैदा कर रहे हैं.
 
2005
जीते : अपर्णा सेन गुप्ता, एआइएफबी
प्राप्त मत :  50533
हारे : अरूप चटर्जी, मासस
प्राप्त मत : 48196
तीसरा स्थान : अशोक मंडल, भाजपा प्राप्त मत : 30678
 
2009
जीते : अरुप चटर्जी, मासस
प्राप्त मत :  68965
हारे : अशोक कुमार मंडल, भाजपा
प्राप्त मत : 33368
तीसरा स्थान : अपर्णा सेन, एअाइएफबी
प्राप्त मत :  17590
 
2014
जीते : अरुप चटर्जी, मासस
प्राप्त मत :  51595
हारे : गणेश मिश्र, भाजपा
प्राप्त मत : 50546
तीसरा स्थान : अशोक मंडल, झामुमो
प्राप्त मत : 43329
 
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