Advertisement

devgarh

  • Jan 2 2019 6:28AM

18 राज्यों की पुलिस खोज रही जामताड़ा-देवघर के साइबर ठगों को, हर दिन किसी न किसी राज्य की पुलिस देती है दस्तक

18 राज्यों की पुलिस खोज रही जामताड़ा-देवघर के साइबर ठगों को, हर दिन किसी न किसी राज्य की पुलिस देती है दस्तक
संजीत मंडल 
 
देवघर : करमाटांड़ का नाम सुनकर आप चौंकिये मत. जामताड़ा जिले का एक छोटा सा इलाका आज देश भर विख्यात हो गया है, क्योंकि यहां के कम पढ़े लिखे युवा बड़े-बड़े दक्ष एक्सपर्ट को मात दे रहे हैं. पलक झपकते ही बैंक खाते से आपके पैसे उड़ा ले रहे हैं. देश का शायद ही कोई ऐसा राज्य बचा होगा, जहां तक इनके साइबर हाथ नहीं पहुंचे होंगे. यही कारण है कि हर दिन इस इलाके में किसी न किसी राज्य की पुलिस आपको दिख जायेगी. 
 
कभी दिल्ली, तो कभी एमपी, तो कभी महाराष्ट्र, तो कभी अन्य राज्यों की पुलिस करमाटांड़ के जंगलों में मोबाइल लोकेशन तलाशते मिल जायेंगे. मिली जानकारी के अनुसार देश के तकरीबन 22 राज्यों की पुलिस का सिरदर्द बन गये हैं ये करमाटांड़ और देवघर के साइबर अपराधी.  
 
आठ माह में 18 राज्यों के 431 लोगों को बनाया निशाना : साइबर अपराध के जो आंकड़ें हैं, वे चौकानेवाले हैं. पुलिस आंकड़े के मुताबिक 22 दिसंबर 2017 से 31 अगस्त 2018 तक महज आठ माह में 18 राज्यों के 431 लोगों को करमाटांड़ व देवघर के साइबर अपराधियों ने ठगा है. सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश के 240 लोगों के साथ ठगी हुई है. पुलिस के अनुसार, इन ठगों ने आठ माह में लगभग आठ करोड़ से अधिक की ठगी की है. यही कारण है कि देश में कहीं भी खाते से पैसे उड़े, तो उसका लिंक करमाटांड़ या देवघर से जुड़ जाता है.
 
हर दिन किसी न किसी राज्य की पुलिस देती है दस्तक
 
इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, अंडमान निकोबार, ओड़िशा, जम्मू-कश्मीर, केरल, तेलंगाना समेत एक दर्जन से अधिक राज्यों की पुलिस साइबर अपराधियों की तलाश में जामताड़ा के करमाटांड़ और देवघर इलाके में छापेमारी कर चुकी है. जामताड़ा में कालाझरिया और दुधनिया गांव साइबर अपराध की पहचान बन गये हैं. कालाझरिया में एक मोबाइल टावर लगा है, जिस पर हर दिन 2,500 कॉल आती हैं. 

कया कहती हैं सीआइडी एसपी
 
करमाटांड़ और नारायणपुर के साइबर अपराधी न सिर्फ देश भर की पुलिस, बल्कि झारखंड पुलिस के टारगेट पर हैं. लगभग एक सौ साइबर अपराधियों को चिह्नित करके उनकी अवैध संपत्ति का पता लगाया जा रहा है. 
 
इनमें 90 साइबर अपराधियों की संपत्ति 50-60 लाख से अधिक है. वैसे अपराधियों की सूची प्रवर्तन निदेशालय(इडी) और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सौंपी गयी है. दो पर इडी ने कार्रवाई भी की है.  पूर्व में बीपीएल परिवार में जिनका नाम अंकित था और अब उनके पास अकूत संपदा है, ऐसे अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई होगी.
 
-डॉ. जया राय, एसपी, सीआइडी, झारखंड

कहतीं हैं देवघर की साइबर डीएसपी 
 
साइबर अपराध में करमाटांड़ की तरह देवघर भी देशभर में काफी चर्चित हो रहा है. जब से साइबर थाना खुला है. साइबर अपराधियों पर दबिश बढ़ी है. डेढ सौ से अधिक साइबर अपराधी अब तक देवघर से गिरफ्तार हुए हैं. 
 
उनकी हर तरकीब पर हमारी नजर है. रोज नये तरीके ठगी के ये लोग इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन अब लोगों को अधिक सतर्क होना होगा. नामचीन साइबर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए इडी को सूची भी भेजी गयी है. साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने के पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है. 
 
-नेहा बाला, डीएसपी, साइबर थाना, देवघर

कहां-कहां से चलता है धंधा
 
कालाझरिया, झिलुवा, कांसीटांड़, सियांटांड़, शीतलपुर, मोहनपुर, सिकरपुसनी सहित दर्जनों गांव. अब देवघर जिले का करौं, आसनबनी, चितरा घोरमारा, गिरिडीह जिले का बेंगाबाद, गांडेय, धनबाद जिले का निरसा, गोविंदपुर व टुंडी.
गिरफ्तारी : जनवरी-से दिसंबर-18 तक
देवघर  176
जामताड़ा  125
दुमका 14
पाकुड़  05
 
400 से अधिक साइबर ठग झारखंड पुलिस की रडार पर
 
साइबर अपराध के मामले में देश के 22 राज्यों के लोग तो परेशान हैं हीं,  झारखंड के लोग भी कम परेशान नहीं हैं. इस कारण झारखंड की पुलिस ने लगभग साइबर अपराध बहुल इलाके में साइबर थाना ही खोल दिया है. 
 
साइबर अपराधियों के गढ़ माने जाने वाले झारखंड के पांच मुख्य जिले के करीब 400 से अधिक साइबर ठग पुलिस की रडार पर हैं. जिनमें देवघर में 150, जामताड़ा में 110, गिरिडीह में 56, धनबाद में 48 व दुमका में 36 साइबर ठग शामिल हैं. जनवरी-2018 से दिसंबर तक की बात करें, तो एक साल में तकरीबन 320 से अधिक साइबर अपराधियों को दबोचने में झारखंड साइबर सेल को सफलता मिली है.
 
अब दूसरे जिले से भी होने लगी ठगी 
 
करमाटांड़ और देवघर के इलाके में झारखंड पुलिस की दबिश और दूसरे राज्यों की पुलिस की रोजाना हो रही छापेमारी के भय से अब साइबर अपराधियों ने अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया है. अब लोकेशन बदल रहे हैं. 
 
उनका जाल अब करमाटांड़ और देवघर के अलावा पड़ोसी जिला गिरिडीह, धनबाद और दुमका तक फैल चुका है. इसलिए पुलिस अब करमाटांड़ व देवघर के अलावा दूसरे जिले से भी साइबर आरोपितों को गिरफ्तार कर रही है. साइबर ठगों का गैंग दूसरे जिले में फैलने से पुलिस की परेशानी और बढ़ती जा रही है. पहले तो करमाटांड़ आकर ही पुलिस लौट जाती थी. अब करमाटांड़ के अलावा चार पड़ोसी जिले में भी पुलिस को खाक छाननी पड़ रही है.
 

Advertisement

Comments

Advertisement