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jamooyi

  • Nov 12 2019 7:15PM
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पिता के सामने पुत्र की गला रेत कर हत्या, देवघर में रहकर पढ़ाई करता था सुभाष

पिता के सामने पुत्र की गला रेत कर हत्या, देवघर में रहकर पढ़ाई करता था सुभाष
छानबीन करती पुलिस,

जमुई : बिहार के जमुई में झाझा थाना क्षेत्र के राजला कला पंचायत के बेलाटांड़ गांव में मंगलवार अहले सुबह अपराधियों ने 16 वर्षीय सुभाष यादव की हत्या गला रेत कर दी. हत्या के बाद शव को घर से कुछ दूरी पर झाड़ी में फेंक अपराधी फरार हो गये. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंचकर छानबीन शुरू की. जानकारी देते हुए मृतक के पिता संजय यादव ने बताया कि करीब 4:00 बजे सुबह सुभाष पेशाब करने की बात कह घर से निकला था. पांच मिनट के अंदर ही सुभाष जोरदार ढंग से पापा कहकर चुप हो गया. उसके आवाज को सुनकर तेजी से मैं घर से बाहर निकला. तभी देखा 8-10 की संख्या में रहे अपराधी खींचकर मेरे बेटा को ले जा रहा है.

इसे देखकर मैंने छुड़ाने को लेकर दौड़ा तभी कुछ अपराधकर्मी मुझे मारने के लिए दौड़ा. मैं जान बचाकर भागते-भागते हो-हल्ला करने लगा. इसी दौरान अपराधियों ने सुभाष यादव की गला रेतकर हत्या कर दी. हो-हल्ला की आवाज सुनकर ग्रामीणों के आने के बाद वहां पहुंचकर देखा कि सुभाष खुन से लथपथ पड़ा है. घटना के बाद से ही पूरा गांव में तनाव की स्थिति हो गयी. सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष दलजीत झा, एसआई पंकज कुमार पासवान, एएसआई विजय कुमार के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंच कर छानबीन शुरू किया. जब पुलिस शव को बरामद कर थाना ले जाना चाही तो परिजन एवं ग्रामीणों ने शव को रोक दिया.

मृतक के पिता संजय यादव, दादा अरविंद यादव, कुलदीप यादव समेत कई लोगों ने गांव के ही चौकीदार सज्जन यादव के अलावा उसके भाइयों पर घर से खींच कर ले जाने हत्या कर दिये जाने का आरोप लगाया. मृतक के पिता संजय यादव ने बताया कि मैंने चांदनी रात में सभी को पहचान लिया है. परिजनों ने बताया कि पुलिस के संरक्षण में चौकीदार सज्जन यादव अपने भाइयों के साथ इलाके में रंगदारी वसूलता है और नहीं दिये जाने पर इस तरह की घटना को अंजाम देता आ रहा है.

उन्होंने बताया कि इसके पूर्व भी हमारे भतीजा का बम मार कर हत्या कर दिया था. जिसमें सज्जन यादव नामजद आरोपी है. परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की संरक्षण की आड़ में चौकीदार कई गलत धंधों में लिप्त रहकर घटना को अंजाम देता रहा है.

देवघर में रहकर पढ़ाई करता था सुभाष
सुभाष बीते कई वर्षों से झारखंड राज्य के देवघर जिला में रहकर पढ़ाई करता था. वह देवघर के सर्राफ विद्यालय में नवमी कक्षा का छात्र था. उसके पिता संजय यादव ने बताया कि वह साइकिल चलाने के दौरान गिर गया था. इस कारण उसके दोनों हथेली पर चोट आई थी. इसी कारण दो दिन पूर्व वह झाझा आया था एवं उसका इलाज करा रहा था. घटना के दिन वह फाइनल इलाज कराने के बाद देवघर जाने वाला था. तभी उसकी हत्या हो गई. ग्रामीणों ने बताया कि बीते सोमवार को सोनो थाना क्षेत्र के अमझरी गांव में एक रिश्तेदार के यहां भी गया था. जहां कातिक उद्यापन कार्यक्रम में शामिल हुआ था. वह अपने कई दोस्तों के साथ बाइक से देर शाम को घर लौटा था.

पुलिसकर्मियों पर चौकीदार का संरक्षण का लगाया आरोप
सुभाष यादव का दादा अरविंद यादव, पिता संजय यादव ने बताया कि यदि पुलिस पूर्व के केस में आरोपी बने सज्जन यादव का नाम नहीं हटाती तो आज हमारे पुत्र की हत्या नहीं होती. परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शुरू से ही चौकीदार मनबडू किस्म का है. वह पुलिस का धौंस एवं रोब जमाकर गांव में ही नहीं, इलाके के क्षेत्रों में भी रंगदारी वसूलता है एवं कई गलत धंधे में लिप्त रहता है. यही कारण है कि चौकीदार सज्जन यादव एवं उसके अन्य भाइयों का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है.

इस कारण कभी भी किसी के साथ भी मारपीट करना गाली-गलौज करना आम बात हो गयी है. इलाके में यदि चौकीदार सज्जन के इशारे पर काम नहीं करता है तो उसके साथ हमेशा बुरा ही होता है. परिजनों ने बताया कि इसी वर्ष 18 जनवरी को मेरे भतीजा राजेश यादव की सज्जन यादव एवं अन्य लोगों ने झाझा-धमना मुख्य सड़क पर बम एवं गोली मारकर हत्या कर दिया था. उस दौरान पुलिस ने चौकीदार सज्जन का नाम प्राथमिकी से हटा दिया था. इस कारण उसका मन और भी बढ़ गया था.

माता-पिता का रो-रो कर हुआ बुरा हाल

सुभाष कुमार की गला रेतकर हत्या के बाद पूरा परिजन बदहवास है. मां प्रमिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. जबकि पिता बार-बार दहाड़ मारकर आंगन में गिर जा रहा है. माता प्रमिला देवी भाई, राजू कुमार समेत परिवार के अन्य जनों ने भगवान से कहा कि हे भगवान मेरा बेटा सुभाष कुमार ने किसका क्या बिगाड़ा था. उन्होंने भगवान से कहा कि जो मेरे बेटे के साथ ऐसा किया है उसका कभी कल्याण ना हो.

मां बार-बार भगवान को पुकार कर कह रही थी कि आखिर ऐसा मैंने क्या गुनाह कर दिया जो आज मुझे यह दिन देखने को मिल रहा है. रोते-रोते मां बदहवास हो रही है एवं मूर्छित होकर जमीन पर गिर रही है. जैसे-जैसे घटना की सूचना परिवार के अन्य सदस्य, सगा-बंधुओं को हुआ. उनके घर पर भीड़ जुटना शुरू हो गयी और जब-जब कोई रिश्तेदार उनके यहां आ रहे थे. तब उसका मां का रो-रोकर बुरा हाल होते हुए मूर्छित होकर जमीन पर गिर जा रही थी. जिसे देखकर आम ग्रामीणों का भी मन दहल रहा था. ऐसे में उसके पिता ने भी भगवान से मिन्नतें किया कि हमारे साथ ऐसा क्यों किया. 
 

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