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Industry

  • Sep 19 2019 8:51PM
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मथुरा के कोसीकलां इंडस्ट्रीयल एरिया में चिप्स बनाने का प्लांट लगायेगी पेप्सिको इंडिया, 550 करोड़ रुपये होंगे खर्च

मथुरा के कोसीकलां इंडस्ट्रीयल एरिया में चिप्स बनाने का प्लांट लगायेगी पेप्सिको इंडिया, 550 करोड़ रुपये होंगे खर्च

मथुरा : कोल्ड ड्रिंक्स और खाद्य उत्पाद बनाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी पेप्सिको इंडिया उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में आलू चिप्स बनाने का प्लांट लगायेगी. यह जानकारी यहां औद्योगिक विकास विभाग एवं मथुरा जनपद के प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने दी. महाना ने कहा कि पेप्सिको इंडिया जिले के कोसीकलां औद्योगिक क्षेत्र में 550 करोड़ की लागत से आलू के चिप्स आदि खाद्य उत्पाद बनाने का कारखाना स्थापित करने जा रही है. इसके लिए सरकार ने उसे भूमि भी आंवटित कर दी है. कंपनी के यहां 2021 तक उत्पादन शुरू करने संभावना है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के ढाई साल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों एवं जिले के विकास कार्यां की समीक्षा करने यहां आये कैबिनेट मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक क्षेत्र में पिछले 15 साल से पिछड़ते जा रहे राज्य को एक नयी दिशा देने के लिए नीतियों में आमूल-चूल बदलाव ला रही है. उद्यमियों को अपने राज्य में निवेश करने के लिए प्रेरित करने के लिए कई बड़े कदम उठाये हैं. इसके चलते उद्यमियों ने एक बार फिर राज्य में निवेश करने के मामले में अपना विश्वास दिखाया है और बीते डेढ़ दशक में निवेश की गयी राशि के ढाई गुने से भी ज्यादा राशि का निवेश इस दौरान किया है.

संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों में उद्यमियों के साथ इतनी लूट-खसोट हुई है कि उद्यमियों ने सूबे में पैसा न लगाने की ठान ली थी. जो परियोजनाएं यहां लगायी जानी थीं, उन्हें वे अन्य प्रदेशों में ले गये. इसके पीछे उन्होंने यहां की खराब कानून व्यवस्था तथा कारोबार में आने वाली तमाम दुश्वारियां थीं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि कोसीकलां औद्योगिक क्षेत्र में 54 एकड़ के दायरे में मेगा फूड पार्क स्थापित किया जा रहा है. इसमें पेप्सी ने अपने चिप्स ब्रांड (लेज़) सहित अनेक खाद्य उत्पाद बनाने की इकाई लगाने का प्रस्ताव पेश किया है. इसके लिए उन्हें जमीन का आवंटन भी कर दिया गया है.

उन्होंने कहा, ‘इन उत्पादों को तैयार करने के लिए कंपनी कच्चा माल तो यहां के किसानों से ही खरीदेगी. ऐसे में इससे सीधे-सीधे यहां के किसानों को भी बड़ा फायदा होगा. खास तौर पर जलभराव से भूमि के नष्ट होने तथा छाता चीनी मिल बंद हो जाने के बाद से रोजगार से विमुख हुए किसानों को आलू आदि फसलों के अच्छे दाम मिलने के अवसर प्राप्त होंगे.

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