ranchi

  • Sep 8 2019 3:10PM
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अब झारखंड के हस्तशिल्प को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान, रघुवर दास की सरकार ने की शानदार पहल

अब झारखंड के हस्तशिल्प को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान, रघुवर दास की सरकार ने की शानदार पहल

रांची : झारखंड के हस्तशिल्प को अब राष्ट्रीय पहचान मिलेगी. हस्तशिल्प के कारीगरों को उचित मूल्य के साथ-साथ बड़ा बाजार भी मिलेगा. रघुवर दास की सरकार द्वारा शुरू की गयी ‘समर्थ’ योजना से जुड़े हस्तशिल्पियों को इसका लाभ मिलेगा. इसके लिए सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के साथ करार किया है. झारखंड सरकार के उद्योग विभाग ने रविवार को प्रोजेक्ट भवन में फ्लिपकार्ट के साथ करार पर हस्ताक्षर किये.

इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि ई-गवर्नेंस पर उनकी सरकार का पूरा फोकस है. कहा, ‘झारखंड के कारीगरों, हस्तकरघा चलाने वालों, बुनकरों और शिल्पकारों में कौशल की कमी नही है. झारखंड के कण-कण में कला का वास है. झारखंड के शिल्पकार, हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों के लिए आज खुशी का दिन है. मुझे यकीन है कि फ्लिपकार्ट के साथ जुड़ने से झारखंड के शिल्प और पारंपरिक कौशल को राष्ट्रीय बाजार का लाभ मिलेगा.’

श्री दास ने कहा कि यह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लोगों को पूरे झारखंड के शिल्प, पारंपरिक कौशल और ज्ञान से जोड़ेगा. झारखंड सरकार व फ्लिपकार्ट के साथ हुए इस समझौते से राज्य के कलाकार लाभान्वित होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के हजारों कारीगरों, बुनकरों और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के पटल पर लाने की तैयारी हो चुकी है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बांस, खादी और हथकरघा उद्योगों को बढ़ावा देने व ऐसे कलाकारों के उत्पाद को बदलते वक्त एवं समय की मांग को देखते हुए ऑनलाइन शॉपिंग के बड़े बाजार में उतारने के लिए झारखंड सरकार और फ्लिपकार्ट ग्रुप ने ‘समर्थ’ समझौता पर हस्ताक्षर किया. उन्होंने कहा कि समर्थ नामक इस पहल की वजह से राज्य के लाखों कारीगरों, बुनकरों और शिल्पकारों के उत्पाद राष्ट्रीय बाजार में उनका मान बढ़ायेंगे.

बांस को वन विभाग से अलग किया

रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बांस उत्पादन को वन विभाग से अलग किया गया. पहले बांस वन विभाग के अंतर्गत था, जिससे बांस काटने और बांस की चीजें बनाने में कारीगरों को काफी परेशानी होती थी. केंद्र सरकार के इस फैसले का लाभ झारखंड के किसानों को मिलेगा, क्योंकि झारखंड 33 प्रतिशत वनों से आच्छादित प्रदेश है. उन्होंने कहा कि अब किसान खेतों के मेड़ों और परती भूमि पर भी बांस की खेती कर सकेंगे. इसका असर यह होगा कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में बांस मिल जायेंगे.

कारीगरों, बुनकरों और शिल्पकारों का रजिस्ट्रेशन करा रही सरकार

रघुवर दास ने कहा कि राज्य में कितने लोग हस्तशिल्प के क्षेत्र से जुड़े हैं, इसका आंकड़ा जुटाने के लिए उनका रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है. रजिस्टर्ड कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों, हस्तशिल्प निर्माण कार्यों से जुड़े अन्य लोगों के लिए सरकार पहचान पत्र जारी करेगी.

राज्य के कलाकारों को लाभ पहुंचाने की है पहल

उद्योग सचिव के रविकुमार ने कहा कि झारखंड में बांस, खादी और हथकरघा के कारीगरों के समुदाय को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार की यह पहल है. सरकार उन सभी कारीगरों को एक मंच देना चाहती है, जो अपने उत्पाद को बेचने में असमर्थ हैं. उन्हें ‘समर्थ’ नामक यह पहल समर्थ करेगा और वे समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे. उन्होंने कहा कि फ्लिपकार्ट मोबाइल एप्प के माध्यम से उपभोक्ता ‘समर्थ’ टाइप कर झारखंड के कलाकारों के उत्पाद को देख और उसे खरीद सकेंगे.

फ्लिपकार्ट के उपाध्यक्ष धीरज कपूर ने कहा कि फ्लिपकार्ट उत्पादों को एक बड़ा बाजार तो उपलब्ध कराता ही है, देश के विकास में तथा उत्पादकों के आर्थिक उन्नयन में भी अहम भूमिका निभा रहा है. इस अवसर पर झारखंड माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्रीचंद प्रजापति, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, उद्योग सचिव के रवि कुमार, फ्लिपकार्ट के उपाध्यक्ष धीरज कपूर, हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प के निदेशक उदय प्रताप, खादी बोर्ड के सीइओ रंजीत कुमार सिन्हा, फ्लिपकार्ट के कॉर्पोरेट मामलों के अधिकारी रजनीश सहित विभिन्न विधाओं के शिल्पकार, कारीगर, बुनकर, बांस उद्योग से जुड़े लोग, उद्योग विभाग और फ्लिपकार्ट के अधिकारीगण एवं अन्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

क्या है फ्लिपकार्ट

फ्लिपकार्ट समूह भारत के प्रमुख डिजिटल वाणिज्य संस्थाओं में एक है. इसमें समूह की कंपनियां फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, जबोंग व अन्य शामिल हैं. वर्ष 2007 में शुरू हुई फ्लिपकार्ट ने लाखों उपभोक्ताओं, विक्रेताओं, व्यापारियों और छोटे व्यवसायियों को भारत की ई-कॉमर्स क्रांति से जोड़ा. 150 मिलियन से अधिक पंजीकृत ग्राहक हैं, 80 मिलियन से अधिक उत्पाद फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध हैं. कंपनी कैश ऑन डिलीवरी, नो कॉस्ट इएमआइ और आसान रिटर्न की सुविधा देती है. हाल के वर्षों में इसने ऑनलाइन खरीदारी को सुगम व सुलभ बनाया है.

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