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health

  • Feb 11 2019 8:55AM
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विश्व मिर्गी दिवस आज : लाइलाज नहीं है मिर्गी, दवा से ठीक हो सकते हैं 85% मरीज

विश्व मिर्गी दिवस आज : लाइलाज नहीं है मिर्गी, दवा से ठीक हो सकते हैं 85% मरीज
बीमारी के प्रति लोगों में गलत धारणा
 
रांची : मिर्गी एक सामान्य बीमारी है. सही समय पर इलाज होने से यह बीमारी ठीक हो सकती है. भ्रम व अंधविश्वास के कारण लोग इसे लाइलाज बीमारी मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों का मानना है कि दवा से 85  फीसदी तक मिर्गी के मरीजों को ठीक किया जा सकता है. 
मरीज सामान्य जिंदगी जी सकता है. अगर किसी को बार-बार मिर्गी का अटैक आता हो, एक हफ्ता में  एक बार  या रोजाना दौरा पड़ता हो, तो इसका सीधा असर  दिमाग पर पड़ता है. ऐसे मरीजों की संख्या 10 फीसदी से ज्यादा नहीं होती है. मिर्गी का अगर पहली बार किसी को दौरा पड़ा है, तो दोबारा उसके होने की संभावना 50 फीसदी तक होती है. ऐसी नौबत आने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलें.   
 
आर्किड मेडिकल सेंटर के न्यूरोलॉजिस्ट डाॅ उज्ज्वल रॉय ने बताया कि  मिर्गी अनुवांशिक कारणों से भी होती है. माता-पिता या बेहद निकट संबंधी को अगर यह बीमारी है, तो परिवार के किसी व्यक्ति को यह बीमारी हो सकती है. इसके अलावा अगर किसी बच्चे को जन्म के समय जॉन्डिस (पीलिया) या संक्रमण हुआ है, तो उसे यह बीमारी हो सकती है. ब्रेन ट्यूमर या ब्रेन स्ट्रोक वाले मरीज को भी मिर्गी का दौरा आ सकता है.  
 
मिर्गी के लक्षण  

इससे बचने के उपाय
 
अत्यधिक  तनाव से बचें  पूरी नींद लें
शराब का ज्यादा सेवन न करें   
हॉर्मोन में बदलाव महसूस होने पर डॉक्टर से मिलें
ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर को कम नहीं होने दें
बेहद तेज रोशनी में जाने से बचें
रोजाना सात से आठ घंटे की नींद लें  
खाने में फल, सब्जी व ड्राइ फ्रूट्स को शामिल करें 
मिर्गी के मरीज ड्राइविंग से बचें  
नदी, तालाब व बाथ टब में न नहायें   
बहुत ऊंची जगहों पर न जायें या ऐसी जगह पर न खड़े हों जहां से गिरने का भय हो  
एडवेंचर स्पोर्ट्स, ड्राइविंग, पैराग्लाइडिंग आदि में शामिल न हों 

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