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  • Dec 3 2019 8:18PM
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Health Matters: हृदय रोग संबंधी महत्वपूर्ण बातें

Health Matters: हृदय रोग संबंधी महत्वपूर्ण बातें

डॉ ललित कपूर
सीनियर कंसल्टेंट हार्ट ट्रांसप्लांट एवं कार्डियक सर्जन
नारायणा हेल्थ रवींद्रनाथ टैगोर इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज

भारतीयों में होनेवाले प्रमुख हृदय रोग कौन से हैं?
कोरोनरी (इस्केमिक) हार्ट डिजीज, वाल्वुलर हार्ट डिजीज, कंजेनिटल हार्ट डिजीज

इन रोगों के होने के प्रमुख कारण क्या हैं?
तनाव भरी जीवनशैली के कारण भारत में इस्केमिक हार्ट डिजीज के मामले काफी बढ़े हैं. इसका एक और कारण फास्ट फूड संस्कृति का फलना-फूलना एवं फैट और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन लेना भी है. हालांकि वाल्वुलर हार्ट डिजीज के मामले हाल के वर्षों में घटे हैं लेकिन अन्य हार्ट डिजीज से अभी भी लोग काफी संख्या में ग्रसित हैं. हाइजीन की कमी के कारण बच्चों में होनेवाला रूमैटिक फीवर इसका उदाहरण है. इस समस्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत में हर साल एक लाख 30 हजार शिशु हृदय रोगों से ग्रसित जन्म लेते हैं. इनमें से अनेक बच्चों की यदि समय पर सर्जरी हो जाए, तो ये सामान्य जीवन जी सकते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डायग्नोस्टिक फैसिलिटी बेहतर होने और इसके बारे में अधिक जानकारी होने के कारण इस रोग की पुष्टि करना शुरुआत से ही संभव हो चुका है. अत: लोगों में इसके बारे में जागरूकता होनी जरूरी है, ताकि रोग की पुष्टि करके लोगों को इससे होनेवाली मौतों से बचाया जा सके.

हृदय रोग से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
तनाव से दूर रहें
स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन लें
फैटी फूड से दूर रहें, सैचुरेटेड और ट्रांसफैट से भी बचें
लो फैट डेयरी प्रोडक्ट लें
सभी तरह के फूड सही मात्रा में लेना चाहिए. इसमें विभिन्न रंगों की सब्जियां, दाल और फल शामिल होने चाहिए. कार्बोहाइड्रेट की अधिकतावाले भोजन जैसे- चावल, मैदा आदि से बचना चाहिए
नमक कम खाना चाहिए
अधिक चीनीवाले भोजन से बचना चाहिए
फाइबरयुक्त चीजें जैसे- गाजर, खीरा, सेब, बंदगोभी अधिक लेना चाहिए
वजन हमेशा मापते रहना चाहिए
धूम्रपान और किसी भी प्रकार के तंबाकू से बचना चाहिए
व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और सक्रिय रहें. सप्ताह में सातों दिन कम से कम 45 मिनट चलना चाहिए. कार्डियोवेस्कुलर एक्सरसाइज करना चाहिए. इसके लिए वेट ट्रेनिंग और हेवी वर्कआउट की जरूरत नहीं होती है. पुशअप्स करने से हार्ट डिजीज का खतरा कम नहीं होता है, उल्टे ज्वाइंट इंज्यूरी होने का खतरा बढ़ जाता है.
सही से कराएं इलाज : ब्लड शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना चाहिए. इसके अलावा इसकी जांच भी नियमित रूप से कराते रहना चाहिए. ताकि किसी भी समस्या को समय रहते रोका जा सके.

हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
छाती में काफी देर तक परेशानी महसूस होना या थोड़ी-थोड़ी देर में परेशानी होना आदि. दम फूलना, छाती में दबाव और दर्द महसूस होना. शरीर के ऊपरी हिस्से, जैसे- बांह, बायां कंधा, कमर, गर्दन, जबड़ा और पसलियों में दर्द होना. छाती में दर्द होकर या उसके बिना भी दम फूलना या सांस लेने में परेशानी होना. अत्यधिक पसीना निकलना. अपच, छाती में जलन और उल्टी होना. बेचैनी और काफी कमजोरी महसूस होना. चिड़चिड़ापन होना और धड़कनों का बढ़ जाना.

हार्ट अटैक होने पर क्या करना चाहिए?
सबसे पहले मरीज को किसी हॉस्पिटल ले जाना चाहिए और जल्दी से जल्दी उपचार उपलब्ध कराना चाहिए. यदि एंबुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया जाये, तो बेहतर है क्योंकि मरीज को तुरंत उपचार मिलना शुरू हो जाता है. 325 एमजी की एक टैबलेट को चबाने के लिए मरीज को देना चाहिए (यह ध्यान रखना चाहिए कि मरीज को एस्पिरिन से एलर्जी न हो). हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टर सबसे पहले मरीज की इसीजी, छाती का एक्स-रे, ब्लड टेस्ट करते हैं. संदेहास्पद स्थिति में मरीज को 8-12 घंटे के लिए डॉक्टरों के निरीक्षण में भी रहना पड़ सकता है. यदि पहले छह घंटे में ही इसीजी, ब्लड टेस्ट और इकोकार्डियोग्राम से हार्ट अटैक की पुष्टि हो जाती है, तो फिर प्राइमरी एंजियोप्लास्टी बेहतर ऑप्शन है. ऐसा इसलिए है कि इस तरह के अधिकतर मामलों में खून के थक्कों को दूर करनेवाली दवाएं आर्टरी में देना संभव नहीं होता है. उसके बाद मरीज को सीसीयू में भेज दिया जाता है.

मोटापा और उच्च रक्तचाप का हार्ट के साथ सीधा रिश्ता होता है. इन दोनों को कंट्रोल में रखने के लिए आपकी क्या सलाह है?
संतुलित भोजन, व्यायाम और नमक का कम सेवन इन दो समस्याओं पर नियंत्रण रखने का आसान तरीका है. साथ ही, स्वस्थ जीवनशैली से कोरोनरी आर्टरी डिजीज पर नियंत्रण रखा जा सकता है.

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रांची में संध्या सिनेमा के समीप, कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल एवं पटना के कंकड़बाग में, निरामया: हॅास्पिटल में हर महीने आरएन टैगोर हॉस्पिटल की तरफ से हर प्रकार के हार्ट संबंधित रोगों के लिए स्पेशल क्लिनिक आयोजित किया जाता है, जिसमें वरिष्ठ कार्डियक सर्जन उपलब्ध रहते हैं.

आर एन टैगोर हॉस्पिटल, कोलकाता, लिवर एवं हार्ट ट्रांस्प्लांट का, पूर्वी भारत में उच्च स्तर का उन्नतम हॉस्पिटल है.



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एमर्जेंसी हेल्पलाइन - 990 333 5544


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