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gumla

  • Jan 11 2019 11:11PM

घर में शौचालय नहीं है, शौच करने बाहर गयी तो इज्जत लूट गयी, फिर होता रहा शारीरिक शोषण

घर में शौचालय नहीं है, शौच करने बाहर गयी तो इज्जत लूट गयी, फिर होता रहा शारीरिक शोषण

- पुलिस ने फरियाद नहीं सुनी, पीड़िता पहुंची कोर्ट की शरण

दुर्जय पासवान, गुमला

गुमला थाना क्षेत्र के एक युवती के साथ यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया है. युवती घटना के दिन अपने घर से कुछ दूरी पर शौच करने गयी हुई थी. जिस दौरान लोहरदगा जिला के मतिश महतो ने युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया था. घटना वर्ष 2017 की है. उस समय पीड़िता स्नातक में नामांकन कराने वाली थी. मगर उस घटना के बाद पीड़िता की पढ़ाई बाधित हो गयी.

 

इस संबंध में पीड़िता ने गुमला थाना में लिखित आवेदन सौंप कर न्याय की गुहार लगायी थी. परंतु थाना ने दोनों पक्षों को बुला कर डांट-डपट कर छोड़ दिया गया. आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं किया गया. इसके बाद पीड़िता थक हारकर शुक्रवार को गुमला कोर्ट से न्याय की गुहार लगायी है. 

 

कोर्ट में दर्ज परिवाद के अनुसार वर्ष 2017 में पीड़िता इंटर की परीक्षा उतीर्ण करने के बाद स्नातक में नामांकन कराने हेतु आवेदन पत्र दाखिल की थी. 18 अक्टूबर 2017 को दिवाली करमा के दूसरे दिन मेहमानी मनाने आरोपी मतिश महतो पीड़िता के घर आया था. रात्रि आठ बजे शौच के लिए पीड़िता घर से कुछ दूर गयी हुई थी. उसी समय आरोपी मतिश महतो पहले से घात लगा कर बैठा हुआ था. उसने पीड़िता को पकड़ लिया और चाकू के बल पर जबरन दुष्कर्म किया.

 

इसके बाद घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद पीड़िता ने घर आकर घटना की जानकारी परिजनों को दी. परिजन लोकलाज की वजह से थाने नहीं गये. इसके बाद 26 दिसंबर 2017 को आरोपी मतिश महतो पीड़िता के घर आकर उसके परिवार वालों को विवाह करने की बात करके अपने घर किस्को ले गया. जहां 10 दिनों तक पीड़िता को रखकर दुष्कर्म किया. 

 

लेकिन आरोपी के परिजन लड़की को पसंद नहीं करते थे. पहले दान-दहेज लाने के बाद ही शादी करने की बात करने लगे. इसके बाद आरोपी के जीजा ने तीन लाख रुपये दहेज के रूप में लाने की बात कही. लगातार पीड़िता के साथ हो रहे दुष्कर्म से पीड़िता तीन माह की गर्भवती हो गयी. जिसके बाद आरोपियों के द्वारा जबरन दवा खिला कर गर्भपात करा दिया गया. 

 

इसके बाद पीड़िता ने 15 अक्टूबर को गुमला थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी. जिसके बाद दोनों पक्षों को बुलाया गया, परंतु उसके उचित कार्रवाई नहीं किया गया. इधर, पीड़िता ने कोर्ट में केस करने के बाद न्याय की गुहार लगायी है.

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