Advertisement

giridih

  • Aug 23 2019 8:04AM
Advertisement

विस्थापन की आशंका से गोलबंद हुए ग्रामीण

 बिरनी : केंद्रीय जल आयोग की ओर से बिरनी प्रखंड के चिकनीबाद में डैम बनाने के विरोध में ग्रामीण गोलबंद होने लगे हैं. ग्रामीणों में विस्थापित होने का डर समाने लगा है. बुधवार को डैम निर्माण के लिये मिट्टी की जांच करने पहुंचे मजदूरों व कर्मियों को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया था, वहीं गुरुवार को नवादा मंदिर के प्रांगण में किसान क्रांति कारी मोर्चा के नेतृत्व में बैठक की गयी. बैठक की अध्यक्षता बिरनी के पूर्व प्रमुख सीताराम सिंह व संचालन राजेंद्र प्रसाद ने किया.

 
  बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि इस डैम के बनने से नौ गांव के लोग प्रभावित होंगे. गांव को खाली भी करना पड़ सकता है. यहां के लोग खेती पर आश्रित हैं, डैम बनने से उनकी खेती की जमीन चली जाएगी, जिससे उनके समक्ष समस्या खड़ी हो जाएगी. बताया गया कि डैम बनने की प्रक्रिया बीते वर्ष शुरू की गयी थी.
 
 उसी वक्त 16 अक्टूबर 2018 को ही बीडीओ को आवेदन देकर डैम नही बनाने की मांग की गयी थी. इसके बाद भी इस वर्ष पुनः कार्य करने के लिए मिट्टी की जांच का काम शुरू कर दिया गया, जिसे  ग्रामीणों ने बंद करा दिया. लोगो ने कहा कि जान दे देंगे लेकिन जमीन नही देंगे. ग्रामीणों ने कहा कि इसके लिये उग्र आंदोलन भी करना पड़े तो ग्रामीण पीछे नहीं हटेंगे.
 
ये थे मौजूद : बैठक में भाजपा नेता बासुदेव वर्मा, जिप सदस्य किरण कुमारी, संतोष कुमार, रामू बैठा, ग्रामीण राजेन्द्र वर्मा, बिशुनदेव वर्मा, बिनोद वर्मा, दासो महतो, विजय वर्मा, दामोदर यादव, सदानन्द वर्मा, सुरेन्द्र वर्मा, लखन वर्मा, बासुदेव यादव, सूदन यादव, अजित मोदी, बैकुंठ वर्मा, विजय राय, जगेश्वर राम समेत सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे.
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement