Advertisement

gaya

  • Apr 21 2017 10:34AM

कार्यपालक अभियंता को बनाया बंधक

डुमरिया: गया जिले के डुमरिया प्रखंड के भदवर थाना क्षेत्र के पकवा नाले का निरीक्षण कर लौट रहे जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता सुरेंद्र कुमार को गुरुवार को नंदई पंचायत के ग्रामीणों ने देवचनडीह में बंधक बना लिया. लोगों ने उन्हें उनकी गाड़ी में ही घंटों रोके रखा. हालांकि, प्रखंड विकास पदाधिकारी अजेश कुमार ने पहल करते हुए लोगों को समझाया व कार्यपालक अभियंता को मुक्त कराया. जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को पकवा नाला संघर्ष समिति (बरवाडीह) के लोगों ने नाला खुलवाने व पकवा नदी के पानी को लेकर भूख हड़ताल की थी. इस मामले को लेकर क्षेत्र के गांवों में दो पक्षों में विवाद है. 

हड़ताल तुड़वाने के लिए शेरघाटी अनुमंडल पदाधिकारी ज्योति कुमार व जदयू नेता बागी कुमार वर्मा पकवा नाला बांध पर पहुंचे थे. इन लोगों के आश्वासन के बाद हड़ताल टूट गयी. दूसरे दिन दोनों पक्षों को शेरघाटी अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में बुलाया गया व वस्तुस्थिति को समझने के बाद पकवा नाला बांध व समदा आहर में पानी की क्षमता बढ़ाने को लेकर कार्यपालक अभियंता को भेज उसकी रूपरेखा तैयार करने को कहा गया था.

इसे लेकर गुरुवार को जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता पकवा नाले का भौतिक सत्यापन करने आये थे. पता चला है कि कार्यपालक अभियंता दूसरे पक्ष (छह मौजु बिजुआ, नंदई, देवचनडीह,लोन्दा, बिशुनपुर व बेनीनगर) के लोगों को बिना सूचना दिये पकवा नाले पर एक पक्ष के लोगों के साथ पहुंचे व भौतिक सत्यापन किया.

लौटने के दौरान छह मौजे के ग्रामीणों ने देवचनडीह में उनकी गाड़ी को रोक दिया व बंधक बना लिया. इसकी सूचना जब प्रखंड विकास पदाधिकारी को मिली, तो मौके पर जमा किसानों को समझा-बुझा कर मामले को शांत कराया. इसके बाद अभियंता को ग्रामीणों ने मुक्त किया. ग्रामीणों ने अपना पक्ष रखते हुए पकवा नाला बांध के सारे कागजात भी अभियंता को दिखाये. स्थिति को जानने के बाद कार्यपालक अभियंता ने छह मौजे के ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि न्यायालय के फैसले के आलोक में ही काम किया जायेगा. सारे कागजात देखने के बाद ही इस मामले में काम किया जायेगा.

 
Advertisement

Comments