gaya

  • Jun 7 2019 9:06AM
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जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की लड़ाई में शहर पर मंडरा रहा जलजमाव का खतरा

 गया  : नगर निगम में मेयर वीरेंद्र कुमार, डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव व नगर आयुक्त के बीच जारी लड़ाई के कारण शहर पर जलजमाव का खतरा मंडरा रहा है. इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि शहर के सभी 53 वार्डों में 302 छोटे बड़े नालों की सफाई का वर्क ऑडर जारी हो चुका है, लेकिन पैसा आवंटन नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं नहीं हो रहा है. यह स्थिति तब है, जब मौसम विभाग अगले एक सप्ताह के अंदर मानसून आने का दावा कर रहा है. शहर के कई इलाकों में ऐसे नाले हैं, जिनकी सफाई अगर नहीं हुई तो बड़ी आबादी को जलजमाव का सामना करना पड़ सकता है.

 
प्रभावित हो रही जलसंकट पर मॉनीटरिंग : हाल ही में जलसंकट को लेकर आयोजित बैठक में यह सहमति बनी थी कि मेयर, डिप्टी मेयर व नगर आयुक्त रोजाना जलसंकट की स्थिति की मॉनीटरिंग करेंगे. जलसंकट वाले इलाके में जाकर वहां के हालात का जायजा लेंगे. लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर यह हो रहा है कि जलसंकट को लेकर जो फौरी कार्रवाई होनी चाहिए वह आपसी खींचातानी में फाइलों में अटक जा रही है. निगम से जुड़े सूत्रों की माने, तो अभी यही हालात रहनेवाले हैं. 
 
अवैध कनेक्शनधारियों की जांच प्रभावित : शहर में अनियमित जलापूर्ति को लेकर कई बार यह बात सामने आ चुकी है कि निगम के राइजिंग पाइप लाइन में कई लोगों ने अवैध कनेक्शन कर लिया है. इसके लिए हर वर्ष कोई न कोई टीम गठित होती है. इस दफा भी जल पर्षद के कार्यपालक अभियंता को जांच करने का आदेश मिला है, लेकिन सूत्रों की मानें तो अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सूत्रों की मानें तो शहर के कई इलाकों में अवैध कनेक्शनधारियों ने पाइप लाइन में कनेक्शन लेकर पानी की आपूर्ति प्रभावित की है.
 
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