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gaya

  • Feb 13 2019 12:21AM

गया : एस्केलेटर से छेड़छाड़ का आरोप लगा बच्चों को बनाया बंधक

गया  : गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक पर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाये गये  एस्केलेटर मशीन उद्घाटन के बाद से  अबतक दो बार खराब हो चुकी है. एस्केलेटर का 16 दिन पूर्व उद्घाटन किया गया था. इससे भी बड़ी बात यह है कि रेलवे अधिकारी ने मशीन का खराब करने का आरोप लगाते हुए छह बच्चे को करीब अाधे घंटे तक बंधक बनाये रखा. इस दौरान उन बच्चों को भला-बुरा भी कहा गया. 
 
गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म एक पर स्थापित इस एस्केलेटर मशीन का उद्घाटन इसी साल 28 जनवरी को स्थानीय सांसद हरि मांझी ने किया था. उद्घाटन के दूसरे दिन ही यह एस्केलेटर खराब हो गया था और मशीन ने काम करना बंद कर दिया था. जिसे पुनः चालू कराया गया था.  उद्घाटन के 16 वें दिन  मंगलवार दोपहर को  दूसरी बार फिर इस एस्केलेटर  के बायें साइड की सीढ़ियां खराब हो गयीं.
 
इस बार एस्केलेटर के खराब होने का कारण उस पर बच्चों का उछल कूद करना बताया गया है. इस मामले में ड्यूटी पर तैनात रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुनील कुमार ने छह बच्चों को बंधक बना कर एक कमरे में बंद कर दिया. करीब 20 मिनट तक बच्चे  बंद कमरे में मानसिक प्रताड़ना के बीच जूझते रहे.
 
पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा उक्त अधिकारी द्वारा किया गया. सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुनील कुमार ने बताया कि बच्चों के उछल कूद करने से स्टॉप स्विच दब जाता है. इसके कारण एस्केलेटर में फॉल्ट आ जाता है. फाॅल्ट आने से मशीन काम करना बंद कर देती है. उन्होंने बताया कि इसकी मरम्मत के लिए पटना से तकनीकी विशेषज्ञ को बुलाने की व्यवस्था है. उन्होंने बताया कि इसकी सूचना दे दी गयी है. तकनीकी विशेषज्ञ के आने व मरम्मत होने के बाद  एस्केलेटर काम करना शुरू कर देगा.
 
आगे से गलती नहीं करें इसलिए बच्चों को बनाया गया बंधक : सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुनील कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बच्चों में डर पैदा हो, इसलिए उन्हें कमरे में बंद रखा गया. उन्होंने बताया कि ऐसा करने से अब यह बच्चे भविष्य में  इस तरह की गलती को नहीं दोहरायेंगे.
 
विद्युत कार्यशाला स्विच रूम में बच्चों को रखा गया बंधक : रेलवे स्टेशन पर लगे एस्केलेटर के स्टॉप स्विच बटन को छेड़छाड़ करने के आरोप में आधा दर्जन बच्चों को रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक पर स्थित विद्युत कार्यशाला स्विच रूम में बंधक बना कर रखा गया था. कार्यालय में चारों तरफ विद्युत तार होता है जिसमें हर समय विद्युत प्रवाहित होता है.
 

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