Advertisement

football

  • Jan 15 2019 9:27PM
Advertisement

भारतीय फुटबॉल टीम एशिया कप से बाहर, नम आंखों से कोच ने पद छोड़ा

भारतीय फुटबॉल टीम एशिया कप से बाहर, नम आंखों से कोच ने पद छोड़ा
file photo

शारजाह : बहरीन के हाथों 0-1 से हार के बाद भारत के एशिया कप से बाहर होने के साथ ही भारतीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच स्टीफन कोंस्टेंटाइन ने नम आंखों के साथ पद से इस्तीफा दे दिया.

 

भारत ग्रुप ए के आखिरी मैच में 90वें मिनट तक गोलरहित बराबरी पर था और पहली बार नाकआउट में जगह बनाने के करीब था, लेकिन बहरीन ने पेनल्टी कार्नर पर गोल करके मैच जीत लिया. इस हार को पचा पाना कोच ही नहीं खिलाड़ियों के लिये भी बहुत मुश्किल था.

कोंस्टेंटाइन ने कहा, इस मैच के बाद मैं पद से इस्तीफा दे रहा हूं. मैं यहां चार साल से हूं और मेरा लक्ष्य पहले ही दिन से एएफसी एशिया कप के लिये क्वालीफाई करना था. मैने वह किया और मुझे अपने खिलाड़ियों पर गर्व है. उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मेरा समय यहां पूरा हो गया है. मुझसे जो कहा गया था, मैंने वह किया और उससे ज्यादा ही किया. अब चार साल बाद चलने का समय आ गया है.

उनका अनुबंध 31 जनवरी को खत्म होना था. कोंस्टेंटाइन ने 2015 में मुख्य कोच का पद संभाला था. उनके कार्यकाल को दो बार एक साल के लिये बढ़ाया गया. वह 2002 से 2005 तक भी भारत के कोच रहे थे. एशिया कप से पहले ही अटकलें थी कि कोच का स्टार स्ट्राइकर सुनील छेत्री समेत सीनियर खिलाड़ियों के साथ अच्छा तालमेल नहीं है.

कोंस्टेंटाइन के मार्गदर्शन में भारत फीफा रैंकिंग में 173 से 96वें स्थान तक पहुंचा. कोच ने कहा , मुझे जाने का दुख है. टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों और स्टाफ का सहयोग शानदार रहा. उनका भी जो अंतिम टीम में जगह नहीं बना सके. उन्होंने कहा, आज मेरी पत्नी का जन्मदिन है और मैं छह साल से घर नहीं जा सका हूं. मैं अपनी तीन बेटियों को तीन चार महीने में देख लेता हूं और अब परिवार के साथ समय बिताना है.

इससे पहले अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा कि 56 बरस के कोंस्टेंटाइन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. ट्वीट में कहा गया, स्टीफन कोंस्टेंटाइन ने भारतीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच के पद से इस्तीफा दे दिया है. हमें उनकी ओर से कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है, लेकिन हम उनके फैसले को स्वीकार करते हैं. भारतीय फुटबॉल में उनके योगदान के लिये धन्यवाद. कुशाल दास, महासचिव एआईएफएफ.

Advertisement

Comments

Advertisement

Other Story

Advertisement