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Economy

  • Jun 17 2019 9:51PM
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फिच ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वृद्धि दर के अनुमान को दूसरी बार घटाया

फिच ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वृद्धि दर के अनुमान को दूसरी बार घटाया

नयी दिल्ली : वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने चालू वित्त वर्ष (2019-20) के लिए भारत की वृद्धि दर के अनुमान को लगातार दूसरी बार घटाकर 6.6 फीसदी कर दिया है. पिछले एक साल के दौरान विनिर्माण और कृषि क्षेत्र में सुस्ती दिखायी दे रही है, जिसकी वजह से रेटिंग एजेंसी ने दूसरी बार वृद्धि दर के अनुमान को कम किया है. इससे पहले मार्च में फिच ने चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 7 से 6.8 फीसदी किया था. अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त पड़ने की वजह से उस समय फिच ने वृद्धि दर के अनुमान को घटाया था.

इसे भी देखें : Fitch ने चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि पूर्वानुमान को बढ़ाकर 7.8% किया

फिच ने वृद्धि दर का अनुमान ऐसे समय कम किया है, जबकि पांच जुलाई को 2019-20 का बजट पेश होना है. बीते वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.8 फीसदी रही है, जो इसका पिछले पांच साल का सबसे निचला स्तर है. जनवरी-मार्च की तिमाही में तो वृद्धि दर घटकर पांच साल के निचले स्तर 5.8 फीसदी पर आ गयी. इससे भारत ने सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का तमगा चीन से गंवा दिया है. आलोच्य तिमाही में चीन की वृद्धि दर 6.4 फीसदी रही.

फिच रेटिंग्स ने अपने ताजा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कहा है कि 2019-20 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.6 फीसदी रहेगी. 2020-21 में यह बढ़कर 7.1 फीसदी पर पहुंच जायेगी. 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7 फीसदी रहने का अनुमान है. भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.

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