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dumka

  • Sep 19 2019 2:14PM
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बांस कारीगर मेला में रघुवर का एलान, दुमका में होगी बैम्बू सेंटर ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन की स्थापना

बांस कारीगर मेला में रघुवर का एलान, दुमका में होगी बैम्बू सेंटर ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन की स्थापना

दुमका : झारखंड में अब बांस से अंतरराष्ट्रीय मानक के बांस उत्पाद तैयार किये जायेंगे. चीन और वियतनाम की तरह. इसके लिए बांस की कारीगरी से जुड़े प्रदेश के 10 लोगों को वियतनाम और चीन भेजा जायेगा. ये लोग वहां से लौटकर अन्य लोगों को प्रशिक्षण देंगे. चीन और वियतनाम से लौटने के बाद ये लोग मास्टर ट्रेनर के रूप में काम करेंगे. इतना ही नहीं, दुमका की बांस को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए यहां बैम्बू सेंटर ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन और इंटीग्रेटेड बैंबू पार्क की स्थापना की जायेगी.

ये बातें झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड की उपराजधानी दुमका में आयोजित बांस कारीगर मेला में कहीं. उन्होंने कहा कि झारखंड के 10 बांस कारीगर को अगले महीने ही वियतनाम और चीन भेजा जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नत खेती के प्रशिक्षण के लिए उनकी सरकार ने कई बार किसानों को इस्राइल भेजा और उसका फायदा अब प्रदेश के अन्य किसानों को मिल रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 साल में 20 करोड़ उन्नत किस्म की बांस लगायी जायेंगी. इसके लिए एडवांस प्लानिंग होगी और वन विभाग एवं उद्योग विभाग इसमें पूरी मदद करेगा. कहा कि बांस के कारीगरों को दिये जा रहे टूल्स किट की तरह ही कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चक्की मिलेगी. दीपावली में चीन का दीया और अन्य सामान नहीं बिकेगा, अपने राज्य में मिट्टी के उत्पाद ही बिकेंगे. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आगामी पांच वर्षों में देश को आर्थिक सुपर पावर बनने में झारखंड निर्णायक भूमिका निभायेगा.

सूप-डाले ही नहीं, नयी तकनीक से बनेंगे विश्वस्तरीय उत्पाद

बांस कारीगर मेला के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उद्योग सचिव के रवि कुमार ने कहा कि 6 लाख परिवार झारखंड में बांस पर निर्भर हैं. उनके जीवन स्तर में बदलाव लाने के लिए इस मेला का आयोजन किया जा रहा है. बांस कारीगरों के बीच टूल किट का वितरण किया जा रहा है. उन्हें सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं, बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार पहल कर रही है.

उन्होंने कहा कि बांस के कारीगरों को नयी-नयी तकनीक की जानकारी देने के लिए बांस मेला का आयोजन किया गया है. बांस के फर्नीचर एवं अन्य सामग्री की प्रदर्शनी भी लगायी गयी है, ताकि सूप डलिया के साथ-साथ कारीगर इन सब चीजों का भी निर्माण करें. इससे उनकी आय बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स के माध्यम से इन वस्तुओं को भी बाजार उपलब्ध कराया जायेगा. ऑनलाइन भी लोग बांस से बने उत्पाद खरीद सकेंगे, तो इसके कारीगरों को फायदा होगा. बांस की खेती से लेकर बांस से निर्मित सामग्रियों के निर्यात तक की पूरी प्लानिंग की जा रही है.

स्नैपडील बांस के उत्पाद को देगा बाजार : गौरव शरण

बांस कारीगर मेला के समापन समारोह में स्नैपडील के डायरेक्टर गौरव शरण ने कहा कि उनकी कंपनी इन खूबसूरत उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध करायेगी. आने वाले समय में इन सभी कारीगरों को नयी पहचान मिलेगी. इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कॉफी टेबल बुक ‘बैम्बू : क्राफ्टिंग झारखंड ग्रीन इकोनॉमी’ का विमोचन भी किया.

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